नई दिल्ली : कई सालों से प्रदूषण के कारण बदनाम रही दिल्ली के लिए इस बार एक राहत भरी खबर सामने आई है। ताज़ा ग्लोबल एयर क्वालिटी रैंकिंग में राजधानी अब दुनिया के सबसे प्रदूषित टॉप-10 शहरों की सूची से बाहर हो गई है। नई रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली अब 12वें स्थान पर पहुंच गई है। यानी हवा अभी भी पूरी तरह साफ नहीं हुई, लेकिन स्थिति पहले से बेहतर जरूर हुई है और यही बदलाव लोगों के लिए उम्मीद की एक नई किरण माना जा रहा है।
क्या कहती है ताज़ा रिपोर्ट :
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि स्विस एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग एजेंसी की रैंकिंग के अनुसार 15 फरवरी शाम 4-5 बजे के बीच दिल्ली का AQI 143 दर्ज हुआ, वैसे तो यह स्तर अभी भी खराब श्रेणी में आता है लेकिन कई अन्य शहरों के मुकाबला स्थिति बेहतर रही। इस समय कुवैत सिटी सबसे प्रदूषित शहर रहा, जहां AQI 509 तक पहुंच गया मतलब साफ है कि दिल्ली अब भी प्रदूषण मुक्त नहीं हुई, मगर पहले जैसी खतरनाक श्रेणी में भी नहीं रही।
ताज़ा रैंकिंग: दिल्ली से ऊपर कौन-कौन से शहर?
रिपोर्ट के अनुसार उस समय प्रदूषण के मामले में दिल्ली से ज्यादा खराब हालत वाले शहर ये रहे -
1.कुवैत सिटी
2.तेल अवीव-याफो
3.यरुशलम
4.वुहान
5.अलमाटी
6.डकार
7.उलानबटार
8.चोंगकिंग
9.रियाद
10.लाहौर
11.काहिरा
12.दिल्ली
13.कोलकाता
क्यों सुधरी दिल्ली की हवा?
गौरतलब है कि विशेषज्ञों के अनुसार हाल के दिनों में मौसम ने राजधानी का साथ दिया। इसकी मुख्य वजहें हवा की गति बढ़ना, तापमान में बदलाव, धूल के कणों का कम ठहरना और अस्थायी रूप से कम स्मॉग लेयर है। लेकिन यह सुधार स्थायी नहीं माना जा रहा। मौसम बदला तो प्रदूषण फिर लौट सकता है।
पड़ोसी शहरों की हालत अभी भी खराब :
विदित है कि दिल्ली भले सुधरी, NCR के कई शहर अब भी परेशान हैं जिसमें:
गाजियाबाद – बहुत खराब श्रेणी
गुरुग्राम – बहुत खराब श्रेणी
कुछ इलाकों में दिल्ली के अंदर भी AQI 200+ रही।
यानी राहत पूरी नहीं, सिर्फ आंशिक है।
असली कारण अभी भी वही :
विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली के कुल प्रदूषण में लगभग 53% योगदान वाहनों से निकलने वाले धुएँ का है। इसके अलावा निर्माण कार्य, धूल, कचरा जलाना और बाहरी राज्यों का प्रदूषण इसका बड़ा कारण है। ये सब अभी भी बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
चौंकाने वाला खुलासा :
आपको बता दें कि हालिया शोध में पाया गया कि ऊपरी मंज़िलों पर रहने वालों को नीचे रहने वालों से 60% ज्यादा प्रदूषण झेलना पड़ सकता है। यानी ऊँचाई पर रहने से हमेशा साफ हवा मिले यह धारणा पूरी तरह सही नहीं है।
राहत मिली लेकिन खतरा टला नहीं :
दिल्ली का टॉप-10 से बाहर होना एक सकारात्मक संकेत जरूर है, मगर इसे अंतिम जीत नहीं माना जा सकता। AQI अभी भी खराब श्रेणी में है, इसलिए सावधानी जरूरी है:
●सुबह-शाम मास्क का उपयोग
●बच्चों व बुजुर्गों को धुंध में कम बाहर निकालें
●सांस के मरीज सतर्क रहें
राजधानी की हवा ने थोड़ा सा सुधर कर राहत दी है, लेकिन जंग अभी खत्म नहीं हुई। दिल्ली ने टॉप-10 प्रदूषित शहरों की सूची छोड़ी है। अब असली चुनौती है कि वह इस सूची में वापस न लौटे। यह बदलाव उम्मीद जरूर जगाता है मगर साफ हवा पाने की लड़ाई अभी जारी है।