राजस्थान : राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भजनलाल सरकार ने भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर लंबे समय से उठ रहे सवालों और शक-संदेह पर बड़ा प्रहार करते हुए पारदर्शिता की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) हर भर्ती परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के पूरे अंक सार्वजनिक करेगा। इस नई व्यवस्था की शुरुआत राज्य की सबसे प्रतिष्ठित भर्ती मानी जाने वाली आरएएस भर्ती 2023 से कर दी गई है। यानी अब सिर्फ “पास-फेल” या कटऑफ नहीं, बल्कि उम्मीदवार को लिखित परीक्षा और इंटरव्यू में अलग-अलग कितने नंबर मिले; सब खुलकर सामने आएगा।
अब खत्म होगा ‘नंबरों का सस्पेंस’ :
आपको बता दें कि अब तक आयोग केवल चयनित उम्मीदवारों की सूची और कटऑफ जारी करता था। इससे अभ्यर्थियों के मन में कई सवाल रह जाते थे जैसे कि -
●कितने नंबर से चयन हुआ?
●इंटरव्यू में कितना मिला?
●कितने अंक से रह गए?
नई व्यवस्था लागू होने के बाद ये सभी सवाल खत्म हो जाएंगे। RPSC सचिव रामनिवास मेहता के अनुसार चयनित अभ्यर्थी आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना पूरा स्कोरकार्ड देख सकेंगे।
अभ्यर्थियों को मिलेगा अपना असली मूल्य :
गौरतलब है कि अब उम्मीदवार सिर्फ रिजल्ट नहीं बल्कि अपना वास्तविक प्रदर्शन समझ पाएगा। उसे पता।चलेगा कि लिखित परीक्षा में ताकत कहां थी? इंटरव्यू में कमी कहां रह गई? मेरिट से कितना दूर था? व अगली बार कितनी तैयारी चाहिए? यानी तैयारी अब अंदाज से नहीं, डेटा के आधार पर होगी।
आगे हर भर्ती में लागू होगा नियम :
गौरतलब है कि आयोग ने साफ कर दिया है कि यह सुविधा केवल एक भर्ती तक सीमित नहीं रहेगी। अब RPSC की सभी नई भर्तियों, लंबित परिणामों, भविष्य की परीक्षाओं में भी चयनित उम्मीदवारों के अंक सार्वजनिक किए जाएंगे।
भर्ती विवादों पर लगेगा ब्रेक :
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भर्ती प्रक्रियाओं में लगने वाले आरोप-प्रत्यारोप काफी हद तक खत्म होंगे। पहले चयन को लेकर अक्सर पक्षपात, इंटरव्यू मार्किंग या गड़बड़ी की आशंका जताई जाती थी। अब अंक सामने होने से प्रक्रिया स्वतः जवाबदेह बन जाएगी।
युवाओं के लिए क्यों अहम है ये फैसला :
प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि पहले केवल रिजल्ट देखकर यह समझ नहीं आता था कि वे कितनी दूरी से रह गए। अब तैयारी की सही दिशा तय होगी, विषयवार कमजोरी पता चलेगी और मनोबल टूटने की जगह सुधार का मौका मिलेगा।
“मार्कशीट क्रांति” की शुरुआत :
विदित है कि इस कदम को कई विशेषज्ञ भर्ती व्यवस्था की “मार्कशीट क्रांति” बता रहे हैं। मानना है कि आगे चलकर इंटरव्यू सिस्टम और मजबूत होगा, मूल्यांकन प्रक्रिया और पारदर्शी बनेगी और सरकारी भर्तियों पर भरोसा बढ़ेगा।
सरकार का संदेश साफ :
विदित है कि भजनलाल सरकार इसे सुशासन और पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम मान रही है। डिजिटल और जवाबदेह प्रशासन की नीति के तहत अब भर्ती प्रक्रिया भी खुली किताब बनने जा रही है।
राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए यह फैसला सिर्फ एक नियम नहीं, बल्कि भरोसे की नई शुरुआत है। अब चयन किस्मत नहीं, नंबरों की सच्चाई से तय होता हुआ दिखाई देगा और यही बदलाव भर्ती व्यवस्था को ज्यादा निष्पक्ष बना सकता है।