नई दिल्ली : दिल्ली में अब स्कूलों की मनमानी पर कानूनी लगाम लगने जा रही है। शिक्षा निदेशालय ने राजधानी के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों के लिए बड़ा और सख्त आदेश जारी किया है। अब अपर प्राइमरी कक्षाओं (कक्षा 6 से 8) में कम से कम 220 दिन और प्राइमरी कक्षाओं (कक्षा 1 से 5) में 200 दिन पढ़ाई कराना अनिवार्य होगा। इतना ही नहीं, स्कूलों को अब सिर्फ नियम मानना ही नहीं, बल्कि लिखित शपथ पत्र देकर यह गारंटी भी देनी होगी कि वे इन नियमों का पालन करेंगे।
शिक्षा निदेशालय का साफ संदेश; पढ़ाई में कटौती नहीं चलेगी :
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शिक्षा निदेशालय दिल्ली की ओर से जारी परिपत्र में स्पष्ट कहा गया है कि यह आदेश RTE अधिनियम 2009 की धारा 19 के तहत लागू किया जा रहा है। इसका मतलब साफ है कि कम पढ़ाई हुआ तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जायेगा। और नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई तय है।
2026-27 सत्र का पूरा कैलेंडर जारी :
गौरतलब है कि शिक्षा निदेशालय ने सत्र शुरू होने से पहले ही छुट्टियों और कार्यदिवसों का पूरा खाका जारी कर दिया है, ताकि स्कूल किसी तरह का बहाना न बना सकें।
शैक्षणिक सत्र 2026-27 की अहम तारीखें
सत्र शुरू: 1 अप्रैल 2026
ग्रीष्मकालीन अवकाश: 11 मई से 30 जून
29 और 30 जून शिक्षकों के लिए कार्यदिवस
शरदकालीन अवकाश: 17 से 19 अक्टूबर
शीतकालीन अवकाश: 1 जनवरी से 15 जनवरी 2027
निदेशालय ने साफ कहा है कि छुट्टियों की योजना बनाते समय भी 220/200 कार्यदिवस पूरे करना अनिवार्य होगा।
शपथ पत्र अनिवार्य; अब जवाबदेही से नहीं बचेंगे स्कूल :
विदित है कि इस बार सिर्फ आदेश नहीं, बल्कि लिखित जवाबदेही भी तय की गई है। हर स्कूल प्रमुख को निदेशालय द्वारा भेजे गए निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र जमा करना होगा, जिसमें यह घोषणा करनी होगी कि -
●स्कूल में तय न्यूनतम कार्यदिवस पूरे किए जाएंगे
●पढ़ाई के दिन किसी भी सूरत में कम नहीं होंगे
क्यों है यह आदेश इतना अहम?
शिक्षा विभाग का मानना है कि पढ़ाई के दिन घटने से छात्रों की शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित होती है। निजी स्कूल अक्सर छुट्टियों के नाम पर पाठ्यक्रम में कटौती कर देते हैं। अब एक समान शैक्षणिक अनुशासन लागू करना जरूरी हो गया है।
स्कूलों के लिए साफ चेतावनी :
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि यह आदेश सिर्फ औपचारिकता नहीं है। शिक्षा विभाग के संकेत साफ है कि शपथ पत्र का उल्लंघन हुआ तो मान्यता, मान्यता शर्तें और प्रशासनिक कार्रवाई तक की नौबत आ सकती है
दिल्ली में अब पढ़ाई के दिन तय होंगे, छुट्टियों पर मनमानी नहीं चलेगी और स्कूलों को लिखित तौर पर जवाबदेह होना पड़ेगा। यह आदेश सीधे तौर पर छात्रों की पढ़ाई, स्कूल प्रशासन और शिक्षा व्यवस्था की साख से जुड़ा है।