हरियाणा : प्रदेश सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। चिराग योजना के तहत अब सालाना आय सीमा को बढ़ाकर 8 लाख रुपये कर दिया गया है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 32 लाख परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा और हजारों बच्चों के लिए प्राइवेट स्कूलों के दरवाजे खुल जाएंगे। प्राइमरी एजुकेशन डिपार्टमेंट ने इस संबंध में सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। योजना का दायरा बढ़ने के साथ ही एडमिशन प्रक्रिया, फीस भुगतान और सीटों का पूरा कैलेंडर भी तय कर दिया गया है।
अब 12वीं तक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाई, सरकार देगी फीस :
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चिराग योजना के तहत सरकार अब दूसरी कक्षा से 12वीं कक्षा तक पढ़ने वाले बच्चों की फीस सीधे प्राइवेट स्कूलों को देगी -
●कक्षा 2 से 5: ₹700 प्रति माह
●कक्षा 6 से 8: ₹900 प्रति माह
●कक्षा 9 से 12: ₹1100 प्रति माह
यानी गरीब परिवारों के बच्चों को बिना जेब ढीली किए बेहतर स्कूल और बेहतर शिक्षा मिलेगी।
लकी ड्रॉ से मिलेगा एडमिशन, सब कुछ रहेगा पारदर्शी :
अगर किसी स्कूल में सीटों से ज्यादा आवेदन आते हैं, तो अभिभावकों की मौजूदगी में लकी ड्रॉ निकाला जाएगा।
रजिस्ट्रेशन: 13 मार्च से 30 मार्च
ड्रॉ: 1 से 5 अप्रैल
एडमिशन प्रक्रिया: 1 से 15 अप्रैल
वेटिंग लिस्ट एडमिशन: 16 से 30 अप्रैल
सरकार ने साफ किया है कि किसी भी स्तर पर मनमानी नहीं चलेगी।
वेटिंग सीटों पर भी मौका, कोई बच्चा न छूटे :
गौरतलब है कि अगर एडमिशन के बाद सीटें खाली रहती हैं, तो 16 अप्रैल से वेटिंग लिस्ट के बच्चों को मौका मिलेगा। सभी स्कूलों को 30 अप्रैल तक बच्चों का डेटा सरकारी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
कौन ले सकता है योजना का लाभ?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं-
●लाभ केवल EWS वर्ग के बच्चों को
●परिवार की सालाना आय ₹1.80 लाख तक (फैमिली ID से सत्यापन)
●पिछले सत्र में सरकारी स्कूल से पढ़ाई जरूरी
●सरकारी स्कूल का SLC अनिवार्य
●फैमिली ID और स्कूल द्वारा MIS अपडेट जरूरी
●एक से ज्यादा स्कूलों में आवेदन की अनुमति
हर जिले में हजारों सीटें, सबसे ज्यादा हिसार में :
विदित है कि प्रदेश के लगभग सभी जिलों में प्राइवेट स्कूलों में सीटें उपलब्ध कराई गई हैं। हिसार, भिवानी, सिरसा, जींद और पानीपत जैसे जिलों में हजारों सीटें चिन्हित की गई हैं। कुल मिलाकर 34,271 सीटें इस साल चिराग योजना के तहत उपलब्ध रहेंगी।
134A की जगह चिराग योजना, गरीबों के लिए बड़ा बदलाव :
आपको बता दें कि पहले गरीब बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में दाखिला नियम-134A के तहत मिलता था, जिसे सरकार ने खत्म कर चिराग योजना शुरू की। इसका मकसद भ्रष्टाचार खत्म करना, पारदर्शिता बढ़ाना और गरीब बच्चों को सम्मान के साथ शिक्षा देना था।
सरकार का संदेश साफ है कि पैसा नहीं, पढ़ाई सबसे बड़ी पूंजी है। चिराग योजना के विस्तार से यह साफ है कि हरियाणा सरकार अब शिक्षा को सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि अधिकार मानकर आगे बढ़ रही है। लाखों परिवारों के लिए यह फैसला सिर्फ योजना नहीं, बल्कि भविष्य बदलने का मौका है।