स्वास्थ्य: तापमान जैसे-जैसे आसमान छू रहा है, वैसे-वैसे एक खतरनाक समस्या चुपचाप लोगों को अपनी चपेट में ले रही है, डिहाइड्रेशन (Dehydration)। दिखने में मामूली लगने वाली यह समस्या कई बार हार्ट, किडनी और दिमाग तक पर गंभीर असर डाल सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, शरीर में पानी की कमी को हल्के में लेना बड़ी भूल साबित हो सकती है। क्योंकि हमारा शरीर करीब 60-70% पानी से बना होता है, और इसका संतुलन बिगड़ते ही शरीर की पूरी सिस्टम गड़बड़ा जाती है।
गर्मी में क्यों बढ़ता है डिहाइड्रेशन का खतरा?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गर्मी में डिहाइड्रेशन तेजी से बढ़ने के पीछे ये 5 बड़े कारण हैं
इसके अलावा बुखार, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं भी पानी की कमी को और बढ़ा देती हैं।
ये संकेत दिखें तो तुरंत संभल जाएं
विदित है कि शुरुआती लक्षण अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही आगे चलकर खतरनाक बन सकते हैं -
गंभीर स्थिति में क्या हो सकता है?
शरीर पर क्या पड़ता है असर?
आपको बता दें कि डिहाइड्रेशन सिर्फ प्यास नहीं है, यह पूरे शरीर को प्रभावित करता है -
लंबे समय तक नजरअंदाज करने पर किडनी स्टोन, ब्लड प्रेशर और हार्ट प्रॉब्लम्स का खतरा बढ़ जाता है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
बचाव के 10 जरूरी नियम (पूरी गर्मी फॉलो करें)
कब तुरंत डॉक्टर के पास जाएं?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगर ये लक्षण दिखें तो देर न करें जैसे - बार-बार चक्कर या बेहोशी, पेशाब बहुत कम होना, तेज बुखार + उल्टी/दस्त और बच्चों में रोने पर आंसू न आना; ऐसे में तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें।
डिहाइड्रेशन कोई छोटी समस्या नहीं, बल्कि गर्मी का सबसे बड़ा छुपा खतरा है। याद रखें प्यास लगने का इंतजार मत कीजिए, उससे पहले ही पानी पीजिए। क्योंकि एक छोटी लापरवाही बड़ी बीमारी में बदल सकती है।