माइग्रेन: एक ऐसा दर्द जो सिर्फ सिर में नहीं, ज़िंदगी में भी हलचल मचा देता है। तेज धड़कन, आंखों के आगे चमकती लाइटें, उलझे हुए विचार और ऐसा भारीपन, जिससे दिनभर की दिनचर्या बिखरकर रह जाए। लेकिन अगर आप भी माइग्रेन के मरीज हैं तो आपकी प्लेट में रखे दो बहुत आम लेकिन बहुत ख़तरनाक फल आपकी तबीयत को और ज्यादा खराब कर सकते हैं।
डॉक्टरों और इंटरनेशनल हेल्थ गाइडलाइंस के अनुसार केला और एवोकाडो माइग्रेन मरीजों में सबसे ज्यादा हेडेक ट्रिगर करने वाले फलों में शामिल हैं।
क्यों ख़तरनाक हैं ये दो फल? वैज्ञानिक वजहें बताते हैं एक्सपर्ट्स
1️⃣ केला (Banana)
AIIMS, University Hospitals Sussex और UC Davis की माइग्रेन डाइट लिस्ट के अनुसार केले में Tyramine (टाय्रामिन) पाया जाता है, एक ऐसा अमीन यौगिक जो दिमाग में न्यूरोट्रांसमीटर के उतार-चढ़ाव को तेज कर देता है।
पका हुआ केला कम हानिकारक होता है लेकिन ओवर-रिपेन्ड (बहुत पका) केला टाय्रामिन को कई गुना बढ़ा देता है, जो सिरदर्द को फौरन ट्रिगर कर सकता है।
2️⃣ एवोकाडो (Avocado)
एवोकाडो को सुपरफूड कहा जाता है, लेकिन माइग्रेन वालों के लिए यह सिरदर्द बढ़ाने वाला फल है। न्यूरोलॉजिस्ट बताते हैं कि इसमें हिस्टामिन और टाय्रामिन, दोनों मौजूद होते हैं, दो ऐसी चीजें जो माइग्रेन अटैक को तुरंत ज़ोरदार बना देती हैं।
ABP Live और NHS (UK) की रिपोर्ट्स में एवोकाडो को “माइग्रेन ट्रिगर फूड्स” की लिस्ट में सीधे-सीधे शामिल किया गया है।
किन लोगों में ये फल ज़्यादा असर दिखाते हैं?
जिन्हें 8–10 बार महीने में माइग्रेन होता है, जिन्हें खाली पेट माइग्रेन जल्दी ट्रिगर होता है, जिन्हें मसालेदार खाने या तेज लाइट से सिरदर्द होता है, जिनकी नींद अनियमित है, जिनके परिवार में माइग्रेन का इतिहास रहा है
सिर्फ दो फल ही नहीं, ये फूड्स भी माइग्रेन को आग लगा देते हैं
अगर आपको माइग्रेन है तो इन चीजों से भी दूरी रखें:
चॉकलेट
प्रोसेस्ड चीज़
अचार और फर्मेंटेड फूड
ड्राई फ्रूट्स (रेज़िन, खजूर)
कोल्ड-ड्रिंक
आइसक्रीम
ज्यादा कैफीन
पैक्ड जूस
डॉक्टर कहते हैं “माइग्रेन ट्रिगर हर इंसान में अलग होता है, लेकिन टाय्रामिन और हिस्टामिन सबसे बड़े दोषी हैं।”
माइग्रेन कैसे ट्रिगर होता है? दिमाग के अंदर क्या होता है?
टाय्रामिन सिर की रक्त नलिकाओं को अचानक फैला देता है, जिससे धमकता हुआ दर्द शुरू होता है। हिस्टामिन नर्व सिस्टम को ओवरएक्टिव बना देता है। दिमाग में सिरोटोनिन लेवल गिरता है, यह माइग्रेन का मुख्य कारण है। रोशनी, तेज आवाज़ और तेज गंध भी दर्द को दोगुना कर देती है। यही कारण है कि कुछ लोग खाना खाते ही ठीक रहते हैं और कुछ को तुरंत हेडेक शुरू हो जाता है।
माइग्रेन में कौन से फल सुरक्षित हैं? डॉक्टरों की ग्रीन लिस्ट
सेब
पपीता
अमरूद
तरबूज
खीरा
अनार
बेरीज (लो-हिस्टामिन)
ये फल शरीर में माइल्ड होते हैं और माइग्रेन को बढ़ाने के बजाय शांत करते हैं।
माइग्रेन के समय तुरंत राहत देने वाले घरेलू उपाय
माथे पर ठंडी पट्टी रखें
नमक की हल्की मात्रा और नींबू पानी
साइलेंट रूम में 15 मिनट आंखें बंद करके आराम
गहरी सांसें (Deep Breathing Exercise)
ज्यादा भूखे न रहें, खाली पेट माइग्रेन 3 गुना बढ़ जाता है
कब खतरा बढ़ जाता है? (RED FLAG Signs)
तुरंत डॉक्टर से मिलें अगर:
सिरदर्द 72 घंटे से ज्यादा चले
चलने में लड़खड़ाहट आए
उल्टी बंद न हो
चेहरे/हाथ में सुन्नपन
अचानक, तेज और बिजली जैसा दर्द
माइग्रेन से जुड़े आम गलतफहमियां (Myths vs Facts)
चाय पीने से माइग्रेन ठीक हो जाता है
कुछ लोगों में चाय माइग्रेन और बढ़ा देती है
यह सिर्फ तनाव की बीमारी है
माइग्रेन एक न्यूरोलॉजिकल कंडीशन है
माइग्रेन सिर्फ महिलाओं को होता है
पुरुष भी समान रूप से प्रभावित होते हैं
एक्सपर्ट्स की सलाह, फूड डायरी रखें
AIIMS और NHS डॉक्टरों का सुझाव है कि माइग्रेन मरीज अपनी दैनिक डाइट नोट करें और देखें कि कौन सा फल/खाद्य पदार्थ खाने के बाद दर्द बढ़ता है। 2-3 हफ्ते में ट्रिगर साफ समझ आ जाता है।
निष्कर्ष
अगर आप माइग्रेन से पीड़ित हैं, तो केला और एवोकाडो आपके लिए आम फल नहीं, साइलेंट ट्रिगर हैं। आपकी रोजमर्रा की डाइट में ये दो फल जितनी जल्दी हटेंगे, माइग्रेन उतनी जल्दी नियंत्रण में आएगा। डाइट बदलना छोटी बात है लेकिन माइग्रेन से राहत बड़ी!