अब न कार्ड की जरूरत, न ही फोटोकॉपी का झंझट!: लॉन्च हुआ नया आधार ऐप, क्यूआर कोड स्कैन करते ही हो जाएगा वेरिफिकेशन, ऐसे लगेगी फर्जीवाड़े पर लगाम और?
अब न कार्ड की जरूरत, न ही फोटोकॉपी का झंझट!

टेक्नोलॉजी: आधार कार्ड से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही हैं जिसमें बताया जा रहा की अब आपको होटल, एयरपोर्ट, बैंक या किसी भी सरकारी दफ्तर में अपनी पहचान साबित करने के लिए आधार कार्ड की फोटोकॉपी या ओरिजिनल कार्ड ले जाने की जरूरत नहीं होगी। केंद्र सरकार ने एक बिल्कुल नया आधार ऑथेंटिकेशन ऐप लॉन्च किया है जो कि फिलहाल बीटा टेस्टिंग फेज में है। यह ऐप पूरी तरह से डिजिटल है और इसे इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह यूजर की प्राइवेसी की पूरी रक्षा करे और साथ ही वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को आसान बनाए। इस ऐप को गूगल प्ले स्टोर पर AadhaarFaceRD नाम से लॉन्च किया गया है।

क्या है यह नया आधार ऐप?

इस ऐप की जानकारी केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक डेमो वीडियो के माध्यम से साझा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर ऐप का डेमो साझा किया। जिसमें यह बताया गया कि यह ऐप कैसे काम करेगा। यह ऐप UPI जैसे मॉडल पर आधारित है और इसे बेहद सरल, सुविधाजनक और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है।

न कार्ड की जरूरत, न फोटोकॉपी की झंझट

अब जब कहीं भी आपको अपनी पहचान प्रूफ करने लिए आधार की जरूरत पड़े तो आपको बस उस जगह पर लगे QR कोड को इस ऐप से स्कैन करना होगा। इसके बाद ऐप खुद ही सेल्फी कैमरा से आपका चेहरा स्कैन करेगा और UIDAI के डेटाबेस से मिलान कर आपकी पहचान को वेरिफाई कर देगा। न कार्ड की जरूरत, न फोटोकॉपी की झंझट सिर्फ एक स्कैन और आपका काम हो जाएगा।

आधार ऐप का इस्तेमाल कैसे करें?

चुनिंदा जानकारी साझा करने की सुविधा: अक्सर ऐसा होता है कि आपसे सिर्फ आपका आधार नंबर, पता या कोई एक जानकारी मांगी जाती है। पहले हमें पूरी आधार कॉपी दिखानी पड़ती थी। लेकिन अब इस ऐप की मदद से यूज़र को पूरी जानकारी साझा करने की जरूरत नहीं है। इस ऐप के जरिए एक टैप में सिर्फ वही डिटेल शेयर की जा सकेगी जो वास्तव में ज़रूरी हो।

QR कोड से त्वरित पहचान: इस एप्लिकेशन में QR कोड स्कैन करने का ऑप्शन भी दिया गया है, जो बिल्कुल UPI पेमेंट स्कैनर की तरह काम करता है। निकट भविष्य में ये QR कोड होटल, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे पहचान साबित करने और अन्य प्रक्रियाएं पूरी करने में समय की बचत हो सके। यूजर को सिर्फ ऐप से QR स्कैन करना होगा और फेस रिकग्निशन तकनीक के ज़रिए आपकी पहचान तुरंत प्रमाणित हो जाएगी।

डिजिटल और पेपर लेस वेरिफिकेशन: अब तक जब भी आप यात्रा करते या किसी सेवा का लाभ लेना चाहते थे तो अक्सर आपसे आधार की फोटोकॉपी मांगी जाती थी। लेकिन अब इस ऐप से आप डिजिटल तरीके से आवश्यक डिटेल्स साझा कर सकते हैं। इससे न सिर्फ प्रक्रिया आसान होगी बल्कि आपकी निजी जानकारी भी महफूज़ रहेगी।

फ्रॉड से बचाएगा ऐप: UIDAI द्वारा लॉन्च किए गए इस नए आधार ऐप में प्राइवेसी और डेटा सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया है। यूजर की जानकारी बिना इजाज़त के शेयर नहीं की जा सकती और न ही इसे फोटोशॉप या किसी अन्य तरीके से बदला जा सकता है। इससे फर्ज़ी आधार कार्ड दिखाने जैसे धोखाधड़ी के मामलों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

फेस रिकॉग्नाइजेशन की सुविधा: इस ऐप में फेस स्कैनिंग जैसे सरल फीचर्स जोड़े गए हैं ताकि वे लोग भी इसका उपयोग कर सकें जो तकनीक के जानकार नहीं हैं। चाहे गांव हो या शहर इस ऐप से कहीं भी और कभी भी QR कोड स्कैन कर सत्यापन करना संभव होगा।

UPI जैसा अनुभव देगा ऐप

यह नया आधार ऐप बिलकुल उसी तरह कार्य करेगा जैसे UPI पेमेंट ऐप्स करते हैं। QR कोड स्कैन करके पहचान सत्यापन हो जाएगा। इससे जहां लोगों को कार्ड साथ रखने की जरूरत नहीं होगी तो वहीं दूसरी ओर यूजर के पास यह विकल्प रहेगा कि वह कौन सी जानकारी साझा करना चाहता है और कौन सी नहीं। इससे यूजर की प्राइवेसी पर पूरा नियंत्रण रहेगा और उनकी निजी जानकारी गैर-जरूरी जगहों पर लीक नहीं होगी।

क्या होंगे इसके फायदे?

प्राइवेसी की सुरक्षा: अब केवल आवश्यक जानकारी ही साझा होगी बाकी डेटा सुरक्षित रहेगा।

फिजिकल कार्ड की झंझट खत्म: अब कार्ड या उसकी फोटोकॉपी ले जाने की जरूरत नहीं होगी।

फेक डॉक्यूमेंट की संभावना नहीं: फेस स्कैनिंग से फर्जी पहचान का खतरा कम हो जाएगा।

साइबर फ्रॉड से बचाव: बिना आपकी अनुमति के कोई भी जानकारी एक्सेस नहीं कर सकेगा।

डिजिटल इंडिया को बढ़ावा: यह ऐप डिजिटल बदलाव की दिशा में एक और ठोस कदम है।

फिलहाल बीटा वर्जन में उपलब्ध है ऐप

फिलहाल यह ऐप बीटा वर्जन में है यानी अभी यह केवल सीमित यूजर्स के लिए उपलब्ध है। इसे सबसे पहले उन लोगों को ट्रायल के लिए दिया गया है जो ‘आधार संवाद’ जैसे इवेंट्स में भाग ले चुके हैं। इन यूजर्स से मिले फीडबैक के आधार पर ऐप को और बेहतर बनाकर आम जनता के लिए लॉन्च किया जाएगा।

फर्जीवाड़े पर लगेगा ब्रेक

यह ऐप फर्जी आधार कार्ड या फोटोशॉप की गई फोटोकॉपी से बचाने में मदद करेगा। इसमें ऐसा कोई तरीका नहीं है जिससे बिना आपकी इजाजत कोई आपकी जानकारी चुरा सके। UIDAI ने इस ऐप को खासतौर पर इस तरह से डिजाइन किया है कि यह किसी भी स्कैम या धोखाधड़ी की संभावना को कम कर सके।

सीमाएं और सावधानियां

इंटरनेट जरूरी: ऐप का इस्तेमाल करने के लिए अच्छी इंटरनेट कनेक्टिविटी जरूरी होगी।

फेस रिकॉग्निशन की सीमाएं: कम रोशनी या बुजुर्गों के चेहरे स्कैन करने में थोड़ी दिक्कत आ सकती है।

फर्जी ऐप्स से रहें सतर्क: किसी भी अनजान लिंक या कॉल से ऐप डाउनलोड न करें। इसे केवल UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट या प्ले स्टोर से ही डाउनलोड करें।

कहां से मिलेगा यह ऐप?

इस ऐप को Google Play Store और Apple App Store पर AadhaarFaceRd नाम से लॉन्च की गई है लेकिन फिलहाल यह बीटा मोड में है इसलिए आम जनता अभी इसका उपयोग नहीं कर पाएगी।

अन्य खबरे