नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में मेट्रो से सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) राजधानी के मेट्रो नेटवर्क को पहले से कहीं अधिक मजबूत और तेज बनाने की तैयारी में है। फेज-4 और फेज-5(A) विस्तार परियोजनाओं के तहत 15 नए इंटरचेंज स्टेशन, 5 नए ट्रिपल इंटरचेंज हब और 8 नए मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यात्रियों को कम समय में ज्यादा आसान और सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
31 से बढ़कर 46 होंगे इंटरचेंज स्टेशन
फिलहाल दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में 31 इंटरचेंज स्टेशन हैं, लेकिन नए विस्तार के बाद इनकी संख्या बढ़कर 46 हो जाएगी। इससे यात्रियों को बार-बार लंबा रास्ता तय करने या कई बार ट्रेन बदलने की जरूरत कम पड़ेगी। कई रूट पहले की तुलना में अधिक सीधे और सुविधाजनक हो जाएंगे।
अब सिर्फ कश्मीरी गेट ही नहीं, बनेंगे 5 नए ट्रिपल इंटरचेंज हब
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी कश्मीरी गेट ही ऐसा स्टेशन है जहां तीन मेट्रो लाइनें मिलती हैं। आने वाले समय में नई दिल्ली, इंदरलोक, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट, लाजपत नगर और आजादपुर भी ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन बन जाएंगे।
नई दिल्ली: येलो लाइन + एयरपोर्ट एक्सप्रेस + मैजेंटा लाइन
इंदरलोक: रेड + ग्रीन + मैजेंटा लाइन
सेंट्रल सेक्रेटेरिएट: येलो + वायलेट + मैजेंटा लाइन
लाजपत नगर: वायलेट + पिंक + गोल्डन लाइन
आजादपुर: येलो + पिंक + मैजेंटा लाइन
इन स्टेशनों को भी मिलेगा इंटरचेंज का दर्जा
दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, चिराग दिल्ली, साकेत जी ब्लॉक, छतरपुर, तुगलकाबाद, पीरागढ़ी, मधुबन चौक, पुलबंगश, आरके आश्रम मार्ग, नबी करीम, शिवाजी स्टेडियम, कालिंदी कुंज, दिल्ली एयरोसिटी और आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 जैसे स्टेशन भी नए इंटरचेंज नेटवर्क का हिस्सा बनेंगे।
इन 8 कॉरिडोर पर चल रहा है काम
गौरतलब है कि विस्तार योजना के तहत कई नए कॉरिडोर तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें प्रमुख हैं—
कृष्णा पार्क एक्सटेंशन–दीपाली चौक
इंदरलोक–इंद्रप्रस्थ
दिल्ली एयरोसिटी–तुगलकाबाद
साकेत जी ब्लॉक–लाजपत नगर
रिठाला–कुंडली
तुगलकाबाद–कालिंदी कुंज
एयरोसिटी–आईजीआई टर्मिनल-1
आरके आश्रम मार्ग–इंद्रप्रस्थ
इन कॉरिडोर के शुरू होने से दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और हरियाणा के कई इलाकों की कनेक्टिविटी पहले से बेहतर हो जाएगी।
मैजेंटा लाइन बनेगी सबसे ताकतवर
विस्तार के बाद मैजेंटा लाइन सबसे अधिक 22 इंटरचेंज स्टेशनों वाली लाइन बन जाएगी। इसके बाद ब्लू लाइन और पिंक लाइन भी कई नए इंटरचेंज से जुड़ेंगी, जिससे शहर के लगभग हर बड़े कॉरिडोर तक आसानी से पहुंचा जा सकेगा।
यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?
कम समय में गंतव्य तक पहुंचना आसान होगा।
ट्रेन बदलने की प्रक्रिया तेज और सुविधाजनक होगी।
एयरपोर्ट तक पहुंच पहले से ज्यादा आसान होगी।
भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर दबाव कम होगा।
उत्तर, दक्षिण, पश्चिम और मध्य दिल्ली के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।
नोएडा, गुरुग्राम और एनसीआर के अन्य क्षेत्रों तक सफर और सुगम होगा।
DMRC ने क्यों लिया यह फैसला?
विदित है कि DMRC के अध्ययन में सामने आया कि करीब 70 से 80 प्रतिशत यात्री अपनी यात्रा के दौरान कम से कम एक बार मेट्रो लाइन बदलते हैं, जबकि केवल 20 से 30 प्रतिशत यात्री ही एक ही लाइन पर पूरा सफर तय करते हैं। इसी वजह से अब नई लाइनें जोड़ने के साथ-साथ इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या बढ़ाने पर सबसे अधिक जोर दिया जा रहा है।
यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?
फेज-4 और फेज-5(A) की परियोजनाएं पूरी होने के बाद दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क पहले से कहीं ज्यादा स्मार्ट, तेज और सुविधाजनक हो जाएगा। कम इंटरचेंज, बेहतर कनेक्टिविटी और तेज यात्रा के साथ लाखों यात्रियों का रोजाना का सफर आसान होने की उम्मीद है।