जानें बिजली का स्विच बंद करने के बाद भी क्यों चमकता रहता हैं LED बल्ब!: क्या इससे बढ़ता हैं बिजली बिल, जानिए 'घोस्ट ग्लोइंग' की असली वजह और...
जानें बिजली का स्विच बंद करने के बाद भी क्यों चमकता रहता हैं LED बल्ब!

लाइफस्टाइल : क्या आपके घर में भी ऐसा होता है कि कमरे की लाइट का स्विच बंद करने के बाद भी LED बल्ब हल्का-हल्का चमकता रहता है? रात के अंधेरे में इसकी रोशनी साफ दिखाई देती है। कई लोग इसे बल्ब की खराबी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कुछ लोगों को चिंता होती है कि कहीं इससे बिजली का बिल तो नहीं बढ़ रहा। लेकिन इस छोटी-सी दिखने वाली समस्या के पीछे बिजली की वायरिंग से जुड़ी अहम वजह हो सकती है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि स्विच बंद होने के बावजूद बल्ब क्यों चमकता है और इसे ठीक कैसे किया जा सकता है।

स्विच बंद होने पर भी क्यों चमकता रहता है बल्ब?

आपको बता दें कि LED बल्ब का स्विच बंद होने के बाद भी हल्का चमकना तकनीकी भाषा में ‘घोस्ट ग्लोइंग’ (Ghost Glowing) कहलाता है। इसे समझने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि LED बल्ब बहुत कम बिजली मिलने पर भी हल्की रोशनी दे सकते हैं। घर की वायरिंग में फेज और न्यूट्रल तार अक्सर एक-दूसरे के पास से गुजरते हैं। ऐसी स्थिति में उनके बीच बहुत कम मात्रा में विद्युत प्रभाव पैदा हो सकता है। इसके अलावा, कुछ स्विच, इलेक्ट्रॉनिक डिमर या इंडिकेटर वाली वायरिंग में थोड़ी-सी धारा बहती रह सकती है। LED बल्ब का इलेक्ट्रॉनिक सर्किट इस छोटी धारा के कारण भी हल्का चमक सकता है। पुराने फिलामेंट बल्ब आमतौर पर इतनी कम बिजली से दिखाई देने वाली रोशनी नहीं देते थे। यही वजह है कि यह समस्या LED बल्ब में अधिक नजर आती है।

कहीं वायरिंग की गलती तो नहीं?

गौरतलब है कि बल्ब के हल्का चमकने की एक अहम वजह स्विच की गलत वायरिंग भी हो सकती है। सामान्य तौर पर स्विच को फेज वायर पर लगाया जाना चाहिए, ताकि स्विच बंद करने पर बल्ब तक बिजली की सप्लाई कट जाए। अगर गलती से स्विच न्यूट्रल वायर पर लगा दिया गया है, तो स्विच बंद होने के बाद भी बल्ब के होल्डर तक फेज की सप्लाई पहुंच सकती है। ऐसी स्थिति में बल्ब का हल्का चमकना केवल परेशानी नहीं, बल्कि सुरक्षा से जुड़ा संकेत भी हो सकता है। हालांकि, हर मामले में घोस्ट ग्लोइंग का मतलब गलत वायरिंग नहीं होता। इसकी सही वजह जानने के लिए वायरिंग और बल्ब के सर्किट की जांच जरूरी है।

क्या इससे बढ़ता है बिजली का बिल?

यह सवाल अक्सर लोगों के मन में आता है कि जब स्विच बंद है, तो बल्ब के चमकने से बिजली की खपत कैसे हो सकती है? अगर बल्ब में थोड़ी-सी बिजली वास्तव में खर्च हो रही है, तो खपत भी हो सकती है। लेकिन सामान्य घोस्ट ग्लोइंग में यह खपत आमतौर पर इतनी कम होती है कि बिजली बिल पर इसका असर नगण्य रहता है। इसलिए केवल हल्की रोशनी देखकर बिल में बड़ी बढ़ोतरी की आशंका नहीं करनी चाहिए। ध्यान रहे, अगर बल्ब सामान्य से ज्यादा चमक रहा है या दूसरे उपकरण भी अजीब व्यवहार कर रहे हैं, तो इसे सिर्फ बिजली की मामूली खपत मानकर नजरअंदाज न करें।

इस समस्या को ठीक कैसे करें?

विदित है कि घोस्ट ग्लोइंग से छुटकारा पाने के लिए सबसे पहले किसी योग्य इलेक्ट्रीशियन से स्विच बोर्ड और वायरिंग की जांच करवाएं। यदि स्विच न्यूट्रल वायर पर लगा है, तो वायरिंग को सही तरीके से दुरुस्त कराना जरूरी है। अगर वायरिंग सही है, तो इलेक्ट्रीशियन यह भी जांच सकता है कि समस्या इंडिकेटर वाले स्विच, डिमर, तारों के बीच विद्युत प्रभाव या LED ड्राइवर के कारण तो नहीं हो रही। जरूरत पड़ने पर उपयुक्त उपकरण या बेहतर गुणवत्ता वाला LED बल्ब लगाने से भी समस्या दूर हो सकती है।

इन सावधानियों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

स्विच बंद होने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि बल्ब के होल्डर में बिजली का खतरा पूरी तरह खत्म हो गया है। खासकर गलत वायरिंग की स्थिति में बिजली का झटका लग सकता है। इसलिए बल्ब, होल्डर या स्विच बोर्ड को खुद खोलकर जांचने से बचें।

स्विच बंद होने के बाद LED बल्ब का हल्का चमकना अक्सर बहुत कम विद्युत धारा के कारण होता है और इससे सामान्यतः बिजली बिल पर बड़ा असर नहीं पड़ता। फिर भी, सही कारण जानना जरूरी है। यदि वायरिंग में गड़बड़ी है, तो उसे समय रहते ठीक करवाना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

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