प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर!: TRAI के नए DCR प्लेटफॉर्म से अब घर खरीदने से पहले पता कर सकेंगे मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट स्पीड, जानिए कैसे काम करेगा यह सिस्टम?
प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए अच्छी खबर!

नई दिल्ली: अगर आप नया घर, फ्लैट, ऑफिस या कोई दूसरी प्रॉपर्टी खरीदने या किराए पर लेने की तैयारी कर रहे हैं, तो अब लोकेशन और कीमत के साथ मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी की जानकारी भी आसानी से मिल सकेगी। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (DCR) प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप लॉन्च किया है। इसका मकसद किसी इमारत के अंदर मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की स्थिति की प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराना है।

प्रॉपर्टी की मिलेगी 1 से 5 स्टार रेटिंग

आपको बता दें कि नए सिस्टम के तहत किसी प्रॉपर्टी की डिजिटल कनेक्टिविटी का आकलन कर उसे 1 से 5 स्टार तक रेटिंग दी जाएगी। यह रेटिंग मुख्य रूप से फाइबर ऑप्टिक की उपलब्धता, मोबाइल नेटवर्क, इन-बिल्डिंग सॉल्यूशन (IBS) और Wi-Fi इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सुविधाओं के आधार पर तय होगी। यानी भविष्य में किसी घर या ऑफिस को देखने जाते समय सिर्फ कमरा, पार्किंग, सड़क और लोकेशन ही नहीं, उसकी डिजिटल कनेक्टिविटी की रेटिंग भी देखी जा सकेगी।

घर बैठे ऐसे चेक होगी प्रॉपर्टी की रेटिंग

गौरतलब है कि TRAI के DCR प्लेटफॉर्म पर रेट की गई प्रॉपर्टी को उसके नाम, लोकेशन या सर्टिफिकेट आईडी के जरिए खोजा जा सकेगा। संबंधित प्रॉपर्टी का डिजिटल सर्टिफिकेट भी देखा जा सकेगा। सर्टिफिकेट पर मौजूद QR कोड को स्कैन करके उसकी प्रामाणिकता भी जांची जा सकेगी। इससे खरीदार या किराएदार को प्रॉपर्टी की डिजिटल कनेक्टिविटी के बारे में अधिक भरोसेमंद जानकारी मिल सकेगी।

मोबाइल ऐप से इमारत के अंदर होगा नेटवर्क टेस्ट

विदित है कि TRAI ने इसके लिए DCR मोबाइल ऐप भी उपलब्ध कराया है। अधिकृत डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियां इस ऐप की मदद से इमारत के अंदर जाकर नेटवर्क और इंटरनेट कनेक्टिविटी की जांच करेंगी। जांच के दौरान मिलने वाला डेटा डिजिटल सिस्टम में दर्ज किया जाएगा। इसके बाद इसी जानकारी के आधार पर प्रॉपर्टी की रेटिंग तैयार की जाएगी।

कॉल ड्रॉप और कमजोर इंटरनेट से मिलेगी जानकारी

कई बार किसी इलाके में मोबाइल नेटवर्क अच्छा होता है, लेकिन उसी इलाके की किसी बिल्डिंग के अंदर सिग्नल कमजोर पड़ जाता है। खासकर ऊंची इमारतों, बेसमेंट, लिफ्ट और बंद कमरों में यह समस्या देखने को मिलती है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए इन-बिल्डिंग सॉल्यूशन (IBS) जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें इमारत के अंदर एंटीना और केबल का नेटवर्क तैयार किया जाता है, ताकि मोबाइल सिग्नल बेहतर तरीके से पहुंच सके।

बिल्डरों पर भी बढ़ेगा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का दबाव

TRAI के इस सिस्टम का असर सिर्फ खरीदारों तक सीमित नहीं रहेगा। प्रॉपर्टी डेवलपर्स और बिल्डरों के लिए भी डिजिटल कनेक्टिविटी को शुरुआती निर्माण योजना का हिस्सा बनाने का दबाव बढ़ सकता है। आने वाले समय में किसी प्रॉपर्टी की कीमत, लोकेशन और सुविधाओं के साथ उसकी डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग भी खरीदार के लिए महत्वपूर्ण जानकारी बन सकती है।

प्रॉपर्टी मैनेजर, एजेंसी और ग्राहक एक प्लेटफॉर्म पर

TRAI के मुताबिक, DCR प्लेटफॉर्म पर प्रॉपर्टी मैनेजर, रजिस्टर्ड डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग एजेंसियां और उपभोक्ता एक ही डिजिटल व्यवस्था से जुड़े रहेंगे। प्रॉपर्टी मैनेजर अपनी संपत्ति को रजिस्टर कर सकेंगे और रेटिंग प्रक्रिया की स्थिति देख सकेंगे।

यानी अब घर खरीदने से पहले सवाल सिर्फ यह नहीं होगा कि “यह जगह कैसी है?”, बल्कि यह भी जांचा जा सकेगा कि “यहां मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट कितना मजबूत है?”

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