नोएडा: इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और शहर में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए नोएडा में बड़ा कदम उठाया गया है। नोएडा प्राधिकरण ने शहर में 30 स्थानों पर EV चार्जिंग स्टेशन विकसित करने के लिए UP Renewable and EV Charging Infrastructure Ltd. (UPREV) के साथ समझौता किया है। 24 सितंबर को हुए इस MoU के बाद शहर में इलेक्ट्रिक वाहन चालकों के लिए चार्जिंग की सुविधा बढ़ने वाली है।
10 साल का हुआ समझौता, खर्च UPREV उठाएगा
आपको बता दें कि इस परियोजना के लिए नोएडा प्राधिकरण और UPREV के बीच 10 साल का समझौता किया गया है। जरूरत के मुताबिक इसकी अवधि आगे बढ़ाई जा सकती है। खास बात यह है कि चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का पूरा खर्च UPREV उठाएगा। नोएडा प्राधिकरण की ओर से इसके लिए कोई वित्तीय सहायता नहीं दी जाएगी। प्राधिकरण की भूमिका मुख्य रूप से चिन्हित स्थान उपलब्ध कराने की होगी। यानी शहर में उपलब्ध सार्वजनिक स्थानों का इस्तेमाल EV चार्जिंग नेटवर्क तैयार करने के लिए किया जाएगा।
एक स्टेशन पर एक साथ तीन वाहन होंगे चार्ज
गौरतलब है कि नए चार्जिंग स्टेशनों पर कम से कम दो चार्जर लगाए जाएंगे। इनकी मदद से एक समय में दो कार और एक दोपहिया वाहन चार्ज किया जा सकेगा। इससे उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है जिन्हें लंबी दूरी के सफर के दौरान चार्जिंग स्टेशन खोजने में परेशानी होती है। चार्जिंग के दौरान इस्तेमाल होने वाली बिजली के आधार पर नोएडा प्राधिकरण को प्रति यूनिट 1 रुपये का राजस्व मिलेगा। इसे राजस्व साझेदारी व्यवस्था के तहत दिया जाएगा।
नोएडा के इन इलाकों में मिलेगी EV चार्जिंग सुविधा
प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशनों के लिए शहर के कई प्रमुख सेक्टरों और सार्वजनिक स्थानों को चिन्हित किया गया है। इनमें सेक्टर-51, 76, 81, 101, 144, 145, 150, 154 और 156 सहित कई इलाके शामिल हैं। इसके अलावा सेक्टर-38 का बॉटेनिकल गार्डन, सेक्टर-78 का वेदवन पार्किंग क्षेत्र, सेक्टर-119 में हेरिटेज हॉस्पिटल के पास, सेक्टर-21A इंडोर स्टेडियम पार्किंग, सेक्टर-122 का IGL स्टेशन, सेक्टर-129 का साया स्टेटस मॉल, सेक्टर-132 का Infosys कैंपस और सेक्टर-150 का शहीद भगत सिंह पार्क भी प्रस्तावित स्थानों में शामिल हैं। वहीं सेक्टर-18, 27, 29, 1, 2, 15, 24, 38, 94 और 96 जैसे प्रमुख इलाकों में भी चार्जिंग स्टेशन विकसित किए जाने हैं। NSEZ मेट्रो के आसपास भी EV चार्जिंग सुविधा प्रस्तावित है।
प्रदूषण कम करने और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने की कोशिश
नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक यह पहल उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन नीति-2022 के तहत की जा रही है। इसका उद्देश्य शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देना और पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना है। शहर में EV की संख्या बढ़ने के साथ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत भी लगातार बढ़ रही है। ऐसे में 30 नए स्थानों पर चार्जिंग सुविधा शुरू होने से नोएडा के EV चालकों को शहर के अलग-अलग हिस्सों में चार्जिंग का विकल्प मिल सकेगा।
सब मिलाकर, यह परियोजना नोएडा में ग्रीन मोबिलिटी और इलेक्ट्रिक वाहन इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने की दिशा में एक अहम पहल है।