स्मार्टफोन-लैपटॉप खरीदने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी!: सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस से हटाई कस्टम ड्यूटी, सस्ते होंगे स्मार्टफोन, वहीं...जानें किन सामानों से हटाई गयी कस्टम ड्यूटी और आम लोगों पर क्या होगा इसका असर
स्मार्टफोन-लैपटॉप खरीदने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी!

टेक्नोलॉजी : अगर आप नया स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी, स्मार्टवॉच या फिटनेस बैंड खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आने वाले समय में आपको अच्छी खबर मिल सकती है। केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) खत्म कर दी है। सरकार का मानना है कि इससे देश में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य में ग्राहकों को भी सस्ते उत्पाद मिल सकते हैं।

किन सामानों पर हटाई गई कस्टम ड्यूटी?

आपको बता दें क़ि सरकार ने डिस्प्ले असेंबली, लीथियम-आयन सेल और इंडक्टर कॉयल मॉड्यूल जैसे महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी समाप्त कर दी है। ये सभी पार्ट्स स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बनाने में सबसे अहम माने जाते हैं।

31 मार्च 2029 तक मिलेगी टैक्स में छूट

गौरतलब है क़ि वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार यह छूट 31 मार्च 2029 तक लागू रहेगी। यानी अगले लगभग तीन वर्षों तक कंपनियां इन जरूरी कंपोनेंट्स और मशीनों का आयात बिना बेसिक कस्टम ड्यूटी के कर सकेंगी। इससे उनकी उत्पादन लागत में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

इन मशीनों के आयात पर भी नहीं लगेगा टैक्स

सरकार ने बैटरी और इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण में उपयोग होने वाली कई आधुनिक मशीनों को भी ड्यूटी फ्री श्रेणी में शामिल किया है। इनमें पाउडर ड्रायर, ऑटोमैटिक फीडिंग सिस्टम, स्लरी ट्रांसफर सिस्टम, कैथोड और एनोड कोटिंग मशीन, हाई वैक्यूम पंप, वाइंडिंग मशीन, इलेक्ट्रोड कटिंग मशीन, टेस्टिंग मशीन, ऑटो पैकिंग सिस्टम, सेपरेटर कोटिंग मशीन और स्टैकिंग मशीन जैसी अत्याधुनिक मशीनें शामिल हैं।

क्या सच में सस्ते होंगे स्मार्टफोन और लैपटॉप?

विदित है क़ि विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी स्मार्टफोन, लैपटॉप या स्मार्ट टीवी की लागत में डिस्प्ले और लीथियम-आयन बैटरी का बड़ा योगदान होता है। इन पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी हटने से कंपनियों की लागत कम होगी। यदि कंपनियां इस बचत का लाभ ग्राहकों तक पहुंचाती हैं, तो आने वाले समय में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पहले की तुलना में सस्ते हो सकते हैं।

देश में बढ़ेगा इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण

सरकार का यह फैसला केवल कीमतें घटाने तक सीमित नहीं है। इसका उद्देश्य भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का बड़ा केंद्र बनाना भी है। इससे देश में नई फैक्ट्रियां लगेंगी, निवेश बढ़ेगा, रोजगार के अवसर पैदा होंगे और घरेलू उत्पादन को मजबूती मिलेगी।

PLI योजना को मिलेगा बड़ा सहारा

आपको बता दें क़ि यह फैसला सरकार की प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना को भी मजबूत करेगा। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक कंपनियां भारत में ही उत्पादन करें, ताकि देश इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सके।

चीन और वियतनाम पर घटेगी निर्भरता

वर्तमान में भारत डिस्प्ले असेंबली और लीथियम-आयन सेल जैसे कई महत्वपूर्ण कंपोनेंट्स के लिए चीन और वियतनाम जैसे देशों पर काफी हद तक निर्भर है। नई ड्यूटी छूट से घरेलू उत्पादन बढ़ेगा और विदेशी आयात पर निर्भरता धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है।

क्या होती है बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD)?

गौरतलब है क़ि बेसिक कस्टम ड्यूटी वह टैक्स है जो विदेशों से आयात किए जाने वाले सामान पर लगाया जाता है। जब सरकार इस टैक्स को हटा देती है तो कंपनियां कम लागत पर कच्चा माल आयात कर सकती हैं। इससे उत्पादन सस्ता होता है और लंबे समय में ग्राहकों को भी कम कीमत पर उत्पाद मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

सरकार के इस फैसले से इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग को नई गति मिलने की उम्मीद है। यदि उत्पादन लागत में कमी का लाभ ग्राहकों तक पहुंचता है, तो आने वाले महीनों में स्मार्टफोन, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खरीदना पहले से अधिक किफायती हो सकता है। साथ ही भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर भी वैश्विक स्तर पर और मजबूत होकर उभर सकता है।

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