नई Delhi : दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर एक और बड़ा बदलाव आने वाला है। अब यूजर्स को लैपटॉप या दूसरे डिवाइस पर अपना WhatsApp अकाउंट लिंक करने के लिए हर बार QR Code स्कैन करने की झंझट से राहत मिल सकती है। कंपनी एक नए Passkey-Based Device Linking फीचर पर काम कर रही है, जिससे अकाउंट लिंक करना पहले से ज्यादा आसान, तेज और सुरक्षित हो जाएगा। फिलहाल किसी कंप्यूटर या लैपटॉप पर WhatsApp चलाने के लिए मोबाइल से QR Code स्कैन करना जरूरी होता है। लेकिन नए फीचर के आने के बाद कई मामलों में यह प्रक्रिया बिना QR Code के भी पूरी की जा सकेगी।
क्या है Passkey और कैसे करेगी काम?
आपको बता दें कि Passkey एक आधुनिक डिजिटल सुरक्षा तकनीक है, जो पारंपरिक पासवर्ड की जगह आपके फोन के सिक्योरिटी सिस्टम का इस्तेमाल करती है। इसमें आपकी पहचान फिंगरप्रिंट, फेस अनलॉक या स्क्रीन लॉक के जरिए सत्यापित की जाती है। यानी अब आपको अलग-अलग पासवर्ड याद रखने की जरूरत नहीं होगी। आपका मोबाइल ही आपकी पहचान की पुष्टि करेगा और उसी के आधार पर नया डिवाइस लिंक हो जाएगा।
कैसे होगा नया डिवाइस लिंक?
गौरतलब है कि नया फीचर उपलब्ध होने के बाद जब कोई यूजर अपने लैपटॉप या दूसरे डिवाइस पर WhatsApp अकाउंट लिंक करेगा, तो उसके मोबाइल पर एक कन्फर्मेशन रिक्वेस्ट दिखाई देगी। यूजर जैसे ही अपनी पहचान फिंगरप्रिंट, फेस अनलॉक या स्क्रीन लॉक के जरिए सत्यापित करेगा, डिवाइस तुरंत लिंक हो जाएगा। इससे पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। हालांकि, कुछ विशेष परिस्थितियों में अतिरिक्त सुरक्षा जांच के लिए WhatsApp अब भी QR Code स्कैन करने का विकल्प रख सकता है। यानी QR Code पूरी तरह खत्म नहीं होगा, बल्कि जरूरत पड़ने पर ही इस्तेमाल किया जाएगा।
पास की बनाने का तरीका
इस फीचर का उपयोग करने के लिए सबसे पहले WhatsApp में Passkey बनानी होगी।
इसके लिए—
Passkey बनने के बाद भविष्य में नए डिवाइस को लिंक करना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।
सुरक्षा होगी पहले से ज्यादा मजबूत
विदित है कि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार Passkey तकनीक सामान्य पासवर्ड की तुलना में अधिक सुरक्षित मानी जाती है। इसे हैक करना या चुराना काफी मुश्किल होता है, क्योंकि इसमें केवल पासवर्ड नहीं बल्कि डिवाइस की बायोमेट्रिक पहचान का भी इस्तेमाल किया जाता है। इस तकनीक से फिशिंग, पासवर्ड चोरी और अनधिकृत लॉगिन जैसी साइबर समस्याओं का खतरा भी काफी हद तक कम हो सकता है।
पहले Android यूजर्स को मिलेगा फायदा
जानकारी के अनुसार यह नया फीचर शुरुआती चरण में Android यूजर्स के लिए उपलब्ध कराया जा सकता है। iPhone यूजर्स के लिए इसे कब जारी किया जाएगा, फिलहाल कंपनी ने इसकी आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
यूजर्स को क्या होगा फायदा?
WhatsApp लगातार अपने प्लेटफॉर्म में नए फीचर्स जोड़ रहा है। Passkey आधारित डिवाइस लिंकिंग भी उसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे यूजर्स को बेहतर सुरक्षा के साथ पहले से ज्यादा आसान और तेज अनुभव मिलेगा।