नई दिल्ली: दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp पर जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब किसी नए व्यक्ति से बातचीत करने के लिए अपना मोबाइल नंबर साझा करना जरूरी नहीं होगा। Meta ने WhatsApp के लिए नया Username फीचर पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत यूजर्स अपने लिए एक यूनिक यूजरनेम बना सकेंगे और उसी के जरिए दूसरे लोगों से जुड़ सकेंगे। कंपनी ने दुनियाभर में यूजरनेम रिजर्व करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आने वाले महीनों में यह फीचर सभी यूजर्स के लिए धीरे-धीरे उपलब्ध कराया जाएगा।
मोबाइल नंबर रहेगा पूरी तरह सुरक्षित
आपको बता दें कि अब तक WhatsApp पर किसी नए व्यक्ति से चैट शुरू करने के लिए मोबाइल नंबर देना जरूरी होता था। लेकिन नए फीचर के बाद यूजर अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना केवल अपना Username देकर बातचीत शुरू कर सकेगा। इससे खासकर उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखना चाहते हैं।
क्या है Username फीचर?
Username एक यूनिक पहचान होगी, जिसकी मदद से लोग WhatsApp पर एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। हर यूजर का Username अलग होगा और कोई दूसरा व्यक्ति वही Username नहीं रख सकेगा। कंपनी का कहना है कि यह सोशल मीडिया हैंडल की तरह सार्वजनिक पहचान नहीं होगी, बल्कि यह यूजर्स की प्राइवेसी को मजबूत करने के लिए बनाया गया फीचर है।
जल्दी रिजर्व करना क्यों जरूरी है?
विदित है कि दुनियाभर में करोड़ों लोग अपनी पसंद का Username लेना चाहेंगे। ऐसे में जो यूजर पहले अपना Username रिजर्व करेंगे, उन्हें अपनी पसंद का नाम मिलने की संभावना ज्यादा होगी। इसी वजह से Meta ने फीचर पूरी तरह लॉन्च होने से पहले ही Username रिजर्व करने की सुविधा शुरू कर दी है।
यूजरनेम बनाने के नियम
WhatsApp ने Username के लिए कुछ नियम भी तय किए हैं—
क्या कोई भी आपको खोज सकेगा?
नहीं। WhatsApp ने साफ किया है कि किसी तरह की सार्वजनिक Username डायरेक्टरी नहीं बनाई जाएगी। न ही ऐप किसी दूसरे यूजर को आपका Username सुझाव देगा। कोई व्यक्ति तभी आपको मैसेज भेज सकेगा, जब उसे आपका सही Username पता होगा।
Username Key से मिलेगी अतिरिक्त सुरक्षा
WhatsApp एक नया वैकल्पिक सुरक्षा फीचर Username Key भी ला रहा है। अगर यूजर इस फीचर को चालू करता है, तो पहली बार मैसेज भेजने वाले व्यक्ति को पहले यह Key दर्ज करनी होगी। इसके बाद ही बातचीत शुरू हो सकेगी। जरूरत पड़ने पर यूजर कभी भी इस Key को बदल सकता है। इसका उद्देश्य स्पैम और अनचाहे मैसेज को कम करना है।
पुराने यूजर्स पर क्या होगा असर?
इस नए फीचर से मौजूदा चैट, ग्रुप और कॉन्टैक्ट्स पर कोई असर नहीं पड़ेगा। जिन लोगों के पास पहले से आपका मोबाइल नंबर सेव है, वे पहले की तरह ही आपसे बातचीत कर सकेंगे। WhatsApp के एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन, ब्लॉक और रिपोर्ट जैसे सभी सुरक्षा फीचर भी पहले की तरह काम करते रहेंगे।
क्रिएटर्स और बिजनेस को भी मिलेगा फायदा
Meta का कहना है कि जहां संभव होगा, क्रिएटर्स, बिजनेस और संस्थाएं अपने Facebook, Instagram और WhatsApp पर एक जैसा Username इस्तेमाल कर सकेंगी। वहीं, बड़े ब्रांड्स और मशहूर हस्तियों के कुछ Username पहले से सुरक्षित रखे जाएंगे, ताकि कोई फर्जी अकाउंट बनाकर उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल न कर सके।
WhatsApp यूजर्स को क्या होंगे बड़े फायदे?
डिजिटल प्राइवेसी की दिशा में बड़ा कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि Username फीचर WhatsApp के इतिहास के सबसे बड़े प्राइवेसी अपडेट्स में से एक साबित हो सकता है। इससे करोड़ों यूजर्स को अपना मोबाइल नंबर साझा किए बिना सुरक्षित तरीके से बातचीत करने की सुविधा मिलेगी और डिजिटल सुरक्षा का स्तर भी पहले से अधिक मजबूत होगा।