केरोसिन को लेकर सरकार का बड़ा फैसला!: अब पेट्रोल पंप पर भी मिलेगा केरोसिन, 5000 लीटर स्टॉक को मिली मंजूरी, वहीं 60 दिन के लिए...जानें किन शर्तों के साथ मिलेगा केरोसिन_एक नजर
केरोसिन को लेकर सरकार का बड़ा फैसला!

नई दिल्ली : देश में ईंधन को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। अब सिर्फ राशन की दुकानों ही नहीं, बल्कि पेट्रोल पंपों पर भी केरोसिन (मिट्टी का तेल) मिलेगा। यानी जरूरत पड़ने पर अब आम लोगों को सीधे पेट्रोल पंप से भी केरोसिन मिल सकेगा।

हर जिले में सिर्फ 2 पंप; यहीं मिलेगी सुविधा

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार के नए नियम के मुताबिक -

•हर जिले में अधिकतम 2 पेट्रोल पंप चुने जाएंगे
•इन्हीं पंपों पर केरोसिन उपलब्ध होगा
•हर पंप पर 5000 लीटर तक स्टॉक रखने की अनुमति होगी।

यानी यह सुविधा सीमित होगी, लेकिन जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।

60 दिनों के लिए नियमों में ढील

गौरतलब है कि सरकार ने यह फैसला अस्थायी तौर पर 60 दिन के लिए लागू किया है। इस दौरान केरोसिन सप्लाई के नियम आसान किए गए, डीलरों को लाइसेंस में छूट दी गई और टैंकरों की सप्लाई प्रक्रिया तेज की गई है। मकसद साफ है तेजी से आखिरी व्यक्ति तक ईंधन पहुंचाना।

क्यों लेना पड़ा यह फैसला?

विदित हैं कि वैश्विक हालात का असर अब भारत तक पहुंच रहा है।
मिडिल ईस्ट में तनाव,
तेल सप्लाई चेन पर दबाव,
LPG और अन्य ईंधनों की मांग में उछाल से भारत में असर पड़ रहा है।

ऐसे में सरकार ने केरोसिन को बैकअप फ्यूल के तौर पर फिर से सक्रिय किया है।

सरकार का दावा; घबराने की जरूरत नहीं

सरकार ने साफ किया है कि
पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है।
LPG सप्लाई सामान्य है।
रोजाना 55 लाख+ सिलेंडर डिलीवरी हो रही है।
CNG/PNG की 100% सप्लाई चल रही है।

फिर भी अफवाहों के कारण कुछ जगहों पर भीड़ देखी गई, जिस पर सरकार ने चिंता जताई।

केरोसिन सिर्फ इन कामों के लिए, रहेंगी इस्तेमाल की शर्ते

सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं
केरोसिन सिर्फ घरेलू उपयोग (खाना बनाना, रोशनी) में प्रयोग होगा।
कमर्शियल इस्तेमाल पर रोक रहेगी।

यानी दुरुपयोग रोकने के लिए सख्त निगरानी भी होगी।

अतिरिक्त 48,000 किलोलीटर का आवंटन

आपको बता दें कि राज्यों को 48,000 किलोलीटर (4.8 करोड़ लीटर) अतिरिक्त केरोसिन दिया गया। PDS और पेट्रोल पंप दोनों के जरिए वितरण किया जायेगा। इससे सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने की कोशिश की गई है।

सरकार का यह फैसला कई संकेत देता है — संकट से निपटने की तैयारी, वैकल्पिक ईंधन पर फोकस और सप्लाई सिस्टम को मजबूत करने की कोशिश। हालात सामान्य हैं, लेकिन सरकार खराब परिस्थिति के लिए भी तैयार रहना चाहती है।

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