देहरादून/ऋषिकेश : उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 शुरू होने से पहले ही प्रशासन ने बड़ा फैसला लागू कर दिया है। यात्रा मार्ग पर चलने वाले कमर्शियल वाहनों के लिए ‘ग्रीन कार्ड’ अनिवार्य कर दिया गया है। और साफ चेतावनी दी गयी है कि जिस गाड़ी के पास ग्रीन कार्ड नहीं होगा, उसे ऋषिकेश से आगे नहीं जाने दिया जाएगा। इसको बनने की प्रक्रिया आज से शुरू हो रही है।
क्या है ‘ग्रीन कार्ड’ और क्यों जरूरी?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चारधाम यात्रा के कठिन पहाड़ी रास्तों को देखते हुए यह नियम लागू किया गया है। ग्रीन कार्ड यानी सुरक्षा का प्रमाण है। इसका मतलब है कि :
•वाहन पूरी तरह फिट है
•ड्राइवर पहाड़ी रास्तों के लिए प्रशिक्षित है
•सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है
यानी अब सिर्फ गाड़ी होना काफी नहीं, फिट और सुरक्षित होना जरूरी है।
इन 3 बड़े केंद्रों पर बनेंगे ग्रीन कार्ड
गौरतलब है कि प्रशासन ने भीड़ से बचने के लिए प्रमुख स्थानों पर केंद्र बनाए हैं -
इसके अलावा देहरादून, रुड़की, विकासनगर जैसे इलाकों में भी व्यवस्था की गई है।
किन दस्तावेजों के बिना नहीं मिलेगा कार्ड?
विदित है कि ग्रीन कार्ड बनवाने के लिए सख्त जांच होगी जिसमें फिटनेस सर्टिफिकेट, वैध बीमा और परमिट, PUC (प्रदूषण प्रमाण पत्र), ड्राइवर का हिल ड्राइविंग लाइसेंस और फर्स्ट एड बॉक्स और फायर एक्सटिंग्विशर अनिवार्य होगा। कोई भी कमी मिली तो ग्रीन कार्ड सीधे रिजेक्ट होगा।
ऑनलाइन + ऑफलाइन दोनों सुविधा
आपको बता दें कि भीड़ से बचने के लिए सरकार ने डिजिटल विकल्प भी दिया है ऑनलाइन आवेदन में दस्तावेज अपलोड करने होंगे वहीं ऑफलाइन में केंद्र पर जाकर फिजिकल वेरिफिकेशन करवाना होगा। इसके बाद ही ग्रीन कार्ड मिलेगा।
कब शुरू होगी चारधाम यात्रा?
विदित है कि चारों धामों के कपाट खुलने की तारीखें तय हो गयी है।
अभी से लाखों श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करा लिया है।
रिकॉर्ड तोड़ रजिस्ट्रेशन, प्रशासन अलर्ट
अब तक 10 लाख+ श्रद्धालु रजिस्टर कर चुके हैं। रोज 30,000 से ज्यादा बुकिंग हो रही है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सख्त मोड में है।
क्यों जरूरी है यह सख्ती?
चारधाम मार्ग खतरनाक मोड़, संकरी सड़कें और बदलते मौसम से भरा है। एक छोटी लापरवाही से बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए सरकार का फोकस साफ है “पहले सुरक्षा, फिर सुविधा”।
चारधाम यात्रा 2026 में इस बार नियम बिल्कुल साफ हैं— बिना ग्रीन कार्ड के नो एंट्री रहेगी। अधूरे दस्तावेज से तुरंत रोक लगेगी। फिटनेस नहीं होने पर यात्रा बंद कर दी जाएगी। यानी इस बार यात्रा सिर्फ श्रद्धा से नहीं, नियम और सुरक्षा के साथ ही पूरी होगी।