ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र के युवाओं के लिये बड़ी खुशखबरी!: चिटेहरा गाँव में 7.53 एकड़ में बनेगा मिनी स्टेडियम, 50 हजार युवाओं को मिलेगा मौका, जिम, सिंथेटिक ट्रैक सहित...स्टेडियम में मिलेंगी इंटरनेशनल लेवल की ये सुविधाएं
ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र के युवाओं के लिये बड़ी खुशखबरी!

ग्रेटर नोएडा : ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र से एक बड़ी और राहत देने वाली खबर सामने आई है। ग्रेटर नोएडा के दादरी क्षेत्र के चिटहेरा गांव के पास अब जल्द ही मिनी स्टेडियम का निर्माण शुरू होने जा रहा है, जो हजारों युवाओं के खेल भविष्य को नई दिशा देगा। करीब 7.53 एकड़ जमीन खेल विभाग के नाम ट्रांसफर हो चुकी है और अब निर्माण के लिए बजट प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। जैसे ही मंजूरी मिलेगी, काम तेजी से शुरू होगा।

50 हजार युवाओं को मिलेगा बड़ा मौका

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि इस स्टेडियम का सबसे बड़ा फायदा दादरी क्षेत्र के युवाओं को होगा। करीब 50,000 से ज्यादा युवाओं को खेल अभ्यास का मंच मिलेगा। अब उन्हें दूर शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स काम्प्लेक्स या गाजियाबाद-बुलंदशहर नहीं जाना पड़ेगा। घर के पास ही आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यह कदम ग्रामीण प्रतिभाओं को सीधे आगे लाने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

सीएम योगी की घोषणा से जमीन पर उतरी योजना

गौरतलब है कि इस मिनी स्टेडियम का सपना नया नहीं था, लेकिन इसे असली रफ्तार मिली जब योगी आदित्यनाथ ने 9 मार्च 2025 को इसके निर्माण की घोषणा की। स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रयास और युवाओं की जरूरत को देखते हुए यह प्रोजेक्ट अब हकीकत बनने की ओर बढ़ रहा है।

स्टेडियम में मिलेंगी इंटरनेशनल लेवल की सुविधाएं

विदित है कि यह सिर्फ एक मैदान नहीं होगा, बल्कि पूरी स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी जैसा कॉम्प्लेक्स तैयार किया जाएगा—

  • 400 मीटर सिंथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक
  • तीन मंजिला मल्टीपर्पज हॉल
  • क्रिकेट, फुटबॉल, बास्केटबॉल ग्राउंड
  • कुश्ती, कबड्डी, बॉक्सिंग, जूडो की ट्रेनिंग
  • बैडमिंटन और टेबल टेनिस कोर्ट
  • आधुनिक जिम और इंडोर स्पोर्ट्स फैसिलिटी

यानी गांव के युवाओं को अब शहर जैसी नहीं, बल्कि शहर से बेहतर सुविधाएं मिलने वाली हैं।

पहले से मौजूद स्टेडियम पर कम होगा दबाव

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि अभी तक खिलाड़ियों को शहीद विजय सिंह पथिक स्टेडियम, मलकपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम जैसे स्थानों पर जाना पड़ता था, जिससे दूरी और भीड़ दोनों समस्या बनती थीं। नया स्टेडियम बनने से ट्रेनिंग का दबाव बंटेगा और ज्यादा खिलाड़ियों को मौका मिलेगा।

खेल के साथ रोजगार और पहचान भी

विदित है कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रहेगा। कोचिंग, ट्रेनिंग और इवेंट्स से रोजगार बढ़ेगा। स्थानीय क्षेत्र में इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट होगा। दादरी क्षेत्र को नई पहचान मिलेगी।

चिटहेरा का यह मिनी स्टेडियम सिर्फ एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि हजारों सपनों की लॉन्चिंग पैड बनने जा रहा है। अब देखना होगा कि इस स्टेडियम से अगला ओलंपियन निकलेगा या नेशनल स्टार।

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