लाइफस्टाइल : 1 अप्रैल 2026 से देश के कई हिस्सों में जनगणना की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। घर-घर जाकर डेटा जुटाया जा रहा है, वहीं ऑनलाइन ‘स्व-जनगणना’ का विकल्प भी दिया गया है। लेकिन इसी बीच साइबर एक्सपर्ट्स ने बड़ा अलर्ट जारी किया है कि जनगणना के नाम पर ठगी का नया खेल शुरू हो सकता है। गृह मंत्रालय के तहत होने वाली इस प्रक्रिया को स्कैमर्स अपना हथियार बना सकते हैं।
कैसे होता है जनगणना के नाम पर स्कैम?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ठग खुद को सरकारी कर्मचारी बताकर:
कॉल या मैसेज करते हैं
फर्जी लिंक भेजते हैं
घर आकर भी जानकारी मांग सकते हैं
उनका मकसद सिर्फ एक ही होता है आपकी पर्सनल और बैंकिंग डिटेल्स चुराना।
ये 11 सवाल पूछे तो तुरंत हो जाएं सतर्क
अगर कोई खुद को जनगणनाकर्मी बताकर ये जानकारी मांगे, तो समझिए खतरा है:
आधार / PAN नंबर
बैंक अकाउंट या IFSC
UPI ID
OTP / PIN / पासवर्ड
मोबाइल या ईमेल पासवर्ड
बैंक बैलेंस / इनकम
निवेश की जानकारी
प्रॉपर्टी की कीमत
जमीन के कागज
कैश या ज्वेलरी का ब्योरा
कार्ड डिटेल (डेबिट/क्रेडिट)
ध्यान रखें असली जनगणनाकर्मी ये सवाल कभी नहीं पूछते।
तो असली जनगणना में क्या पूछा जाता है?
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि सरकारी प्रक्रिया के तहत सवाल सिर्फ इन चीजों से जुड़े होते हैं:
घर की बनावट (दीवार, छत, कमरे)
परिवार के सदस्य और संख्या
पानी, बिजली, शौचालय जैसी सुविधाएं
मोबाइल, टीवी, इंटरनेट जैसी उपलब्धता
वाहन और सामान्य जीवन से जुड़ी जानकारी
फर्जी जनगणनाकर्मी की पहचान कैसे करें?
गौरतलब है कि अगर सामने वाला ID दिखाने से बचे, जल्दी-जल्दी जवाब देने का दबाव बनाए, पैसे या OTP मांगे या QR कोड या लिंक स्कैन करने को कहे तो समझिए मामला संदिग्ध है। असली कर्मचारी हमेशा सरकारी ID और ऐप के जरिए ही डेटा भरते हैं।
9 बड़ी गलतियां जो आपको फंसा सकती हैं
जनगणना के दौरान लोग अक्सर ये गलतियां करते हैं:
अगर स्कैम का शक हो तो तुरंत क्या करें?
विदित है कि ज़ब भी आपको लगे कि स्कैम हो सकता है तो तुरंत :
जानकारी देने से मना करें
व्यक्ति को घर में न आने दें
फोटो/वीडियो रिकॉर्ड करें
तुरंत Uttar Pradesh Police या नजदीकी थाने को सूचना दें
साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें
ऑनलाइन जनगणना (Self Enumeration) का सही तरीका
सिर्फ सरकारी पोर्टल पर जाएं
मोबाइल नंबर से लॉगिन करें
OTP से वेरिफिकेशन करें
सही जानकारी भरें
सबमिट के बाद SE ID प्राप्त करें
क्या आपका डेटा सुरक्षित रहता है?
विदित है कि Census Act 1948 के तहत आपकी जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहती है। डेटा किसी अन्य एजेंसी से साझा नहीं होता। व्यक्तिगत पहचान सार्वजनिक नहीं की जाती
जनगणना एक जरूरी सरकारी प्रक्रिया है, लेकिन लापरवाही इसे खतरे में बदल सकती है। याद रखें कोई भी सरकारी कर्मचारी आपसे बैंक या OTP नहीं मांगेगा, हर जानकारी देने से पहले सोचें और शक हो तो तुरंत शिकायत करें। एक छोटी सी सावधानी आपकी पूरी मेहनत की कमाई बचा सकती है।