LPG संकट पर सरकार का बड़ा एक्शन!: आम उपभोक्ताओं को राहत देने की तैयारी, कंपनियों के उत्पादन बढ़ाने, सिलेंडर बुकिंग नियमों मे बदलाव, जमाखोरी पर...सरकार ने उठाये ये 6 बड़े कदम
LPG संकट पर सरकार का बड़ा एक्शन!

नई दिल्ली : देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत को लेकर खबरें सामने आने के बाद केंद्र सरकार तुरंत सक्रिय हो गई है। सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कई सख्त कदम उठाए हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और सप्लाई से जुड़ी आशंकाओं के बीच सरकार ने साफ कहा है कि घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। इसके साथ ही जमाखोरी, कालाबाजारी और घबराहट में ज्यादा सिलेंडर बुक करने जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए विशेष निगरानी शुरू कर दी गई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देते हुए गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

कालाबाजारी रोकने के लिए लागू हुआ सख्त कानून

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि गैस सिलेंडर की जमाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतों के बाद सरकार ने कई जगह आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (ESMA) लागू कर दिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस की आपूर्ति व्यवस्था बाधित न हो और कोई भी व्यक्ति या संस्था कृत्रिम कमी पैदा न कर सके। सरकार ने आम उपभोक्ताओं से अपील की है कि घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर बुक न करें, क्योंकि पर्याप्त गैस उपलब्ध है और सप्लाई चेन को मजबूत किया जा रहा है।

सरकार के 6 बड़े फैसले

गैस की उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने छह महत्वपूर्ण कदमों की घोषणा की है।

  1. रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने का आदेश

सरकारी और निजी क्षेत्र की सभी रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया है कि वे एलपीजी उत्पादन को अधिकतम स्तर तक बढ़ाएं, ताकि घरेलू गैस की सप्लाई प्रभावित न हो।

  1. घरेलू गैस को प्राथमिकता

सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी, पाइप गैस (PNG) और वाहनों के लिए CNG को प्राथमिकता दी जाएगी।

  1. सिलेंडर बुकिंग का अंतर बढ़ाया

पैनिक बुकिंग को रोकने के लिए सिलेंडर बुकिंग के बीच का अंतर 21 दिनों से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।

  1. होटल-रेस्तरां के लिए विशेष समिति

कमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी की शिकायतों को देखते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय ने विशेष निगरानी समिति गठित की है।

  1. अतिरिक्त एलपीजी की सीमित बिक्री

अतिरिक्त उत्पादित एलपीजी को केवल तीन सरकारी कंपनियों—

इंडियन ऑयल (IOCL)
भारत पेट्रोलियम (BPCL)
हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)

को ही बेचने की अनुमति दी गई है।

  1. सप्लाई पर कड़ी निगरानी

सरकार ने अस्पताल, स्कूल और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

होटल और रेस्तरां सेक्टर में बढ़ी चिंता

गौरतलब है कि कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की अचानक कमी से होटल और रेस्तरां उद्योग में चिंता बढ़ गई है। खासकर बड़े शहरों में 19 किलो वाले नीले सिलेंडरों की कमी की शिकायतें सामने आई हैं। इन सिलेंडरों का इस्तेमाल आमतौर पर होटल, रेस्तरां और बड़े किचन में किया जाता है। बेंगलुरु समेत कई शहरों में व्यवसायियों ने इसकी कमी को लेकर चिंता जताई है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने एक समिति बनाई है, जो शहरों में कमर्शियल गैस की उपलब्धता पर नजर रखेगी और जरूरत के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करेगी।

पेट्रोलियम कंपनियां भी हुईं सक्रिय

आपको बता दें कि देश की प्रमुख तेल कंपनियां इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम भी स्थिति को सामान्य बनाए रखने के लिए सक्रिय हो गई हैं। इन कंपनियों ने सोशल मीडिया के जरिए जानकारी दी है कि घरेलू उपभोक्ताओं के अलावा अस्पतालों, स्कूलों और आवश्यक सेवाओं के लिए गैस की आपूर्ति को प्राथमिकता दी जा रही है।

सरकार ने लोगों से की अपील

विदित है कि सरकार ने लोगों से अपील की है कि गैस की कमी को लेकर अफवाहों पर ध्यान न दें। अधिकारियों के अनुसार देश में एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है और आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।

सरकार का कहना है कि इन फैसलों से जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगेगी और आम उपभोक्ताओं को गैस की नियमित आपूर्ति मिलती रहेगी।

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