देहरादून: पुष्कर सिंह धामी सरकार एक और बड़े और विवादित फैसले की तैयारी में दिख रही है। समान नागरिक संहिता (UCC) और धर्मांतरण कानून के बाद अब राज्य में जनसंख्या नियंत्रण कानून लाने को लेकर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के मुताबिक सरकार इस मुद्दे पर गंभीर मंथन कर रही है और आने वाले समय में बड़ा फैसला सामने आ सकता है।
विधानसभा से उठी चिंगारी, अब बन सकता है कानून
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रुद्रपुर से BJP विधायक शिव अरोरा ने बजट सत्र में यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया। उन्होंने ‘हम 5 हमारे 25’ जैसे एजेंडे को देवभूमि के लिए खतरा बताते हुए 3 से ज्यादा बच्चे वालों की सरकारी सब्सिडी रोकने की मांग कर दी। यही बयान अब पूरे राज्य की राजनीति में बहस का केंद्र बन गया है।
डेमोग्राफी पर बड़ा दावा, आंकड़ों से मची हलचल
गौरतलब है कि बीजेपी विधायक शिव अरोरा ने सदन में कुछ ऐसे आंकड़े पेश किए, जिन्होंने सरकार को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने बताया कि हरिद्वार में 38%, ऊधम सिंह नगर में 34%, देहरादून में 33% और नैनीताल में 32% मुस्लिम आबादी हो गयी है। दावा किया गया कि तराई से लेकर पहाड़ तक जनसंख्या का संतुलन बदल रहा है, जिसे रोकना जरूरी है।
CM धामी का संकेत; “मंथन जारी है”
विदित है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही साफ कर चुके हैं कि इस मुद्दे पर गंभीर वैचारिक मंथन जरूरी है। सरकार देवभूमि की संरचना और पहचान बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। यानी संकेत साफ हैं कि सरकार अभी खुलकर नहीं बोल रही, लेकिन तैयारी जारी है।
कानून आएगा तो क्या हो सकता है?
विदित है कि अगर यह कानून लागू होता है, तो संभावित प्रावधान हो सकते हैं -
(हालांकि अभी आधिकारिक ड्राफ्ट सामने नहीं आया है)
हाईकमान की मंजूरी जरूरी
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह विषय राज्य के अधिकार क्षेत्र में जरूर आता है लेकिन इतना बड़ा फैसला लेने से पहले केंद्रीय नेतृत्व की मंजूरी जरूरी होगी, ठीक वैसे ही जैसे UCC लागू करने से पहले हुआ था।
एक्सपर्ट की राय; “पूरे देश को जरूरत”
आपको बता दें कि रणनीतिकार मनु गौड़ का कहना है कि यह सिर्फ उत्तराखंड नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए जरूरी कानून है। अब इस मुद्दे पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज हो सकती है।
उत्तराखंड में जनसंख्या नियंत्रण कानून की चर्चा सिर्फ नीति नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक बहस भी बन चुकी है। बड़ा सवाल यह है कि क्या सच में 3 से ज्यादा बच्चों पर सख्ती होगी? या यह मुद्दा सिर्फ राजनीति तक सीमित रहेगा? फिलहाल इतना तय है कि UCC के बाद अब धामी सरकार अगला बड़ा दांव चलने जा रही हैं, पूरे देश की नजरें अब उत्तराखंड पर टिकी हैं।