धामी कैबिनेट ने इन 19 प्रस्तावों पर लगायी मुहर!: हफ्ते में 1 दिन रहेगा 'नो व्हीकल्स डे', 50% सरकारी वाहन होंगे इलेक्ट्रिक, होम-स्टे पर 8 कमरें संचालन की अनुमति, तो वहीं किसानों को...कैबिनेट के महत्वपूर्ण फैसले_एक नजर
धामी कैबिनेट ने इन 19 प्रस्तावों पर लगायी मुहर!

देहरादून : उत्तराखंड में अब सरकारी सिस्टम से लेकर आम लोगों की जिंदगी तक बदलने वाली तैयारी शुरू हो चुकी है। Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में हुई हाई लेवल कैबिनेट बैठक में ऐसे फैसले लिए गए, जिनका असर आने वाले दिनों में हर घर, हर सड़क और हर दफ्तर पर दिखाई दे सकता है। करीब सवा दो घंटे चली बैठक में 19 बड़े प्रस्तावों पर मुहर लगी। सबसे ज्यादा चर्चा उस फैसले की हो रही है, जिसके तहत अब उत्तराखंड में सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” रहेगा। यानी उस दिन सरकारी स्तर पर निजी वाहनों का इस्तेमाल कम किया जाएगा और लोगों को भी सार्वजनिक परिवहन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मंत्रियों के काफिलों पर लगाम, सरकार देगी ‘सादगी’ का संदेश

आपको बता दें कि धामी सरकार ने साफ कर दिया है कि अब नेताओं और अफसरों को खुद उदाहरण बनना होगा। मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिलों में चलने वाली गाड़ियों की संख्या आधी करने का फैसला लिया गया है। बैठक में मुख्यमंत्री खुद भी सीमित वाहनों के काफिले के साथ पहुंचे। जहां पहले 8 से 10 गाड़ियां साथ चलती थीं, वहीं इस बार केवल 5 वाहन नजर आए। सरकार का संदेश साफ है कि ईंधन बचाना अब सिर्फ सलाह नहीं, बल्कि सरकारी प्राथमिकता बन चुका है।

हफ्ते में एक दिन ‘नो व्हीकल डे’, बढ़ेगा वर्क फ्रॉम होम

गौरतलब है कि कैबिनेट ने तय किया है कि सप्ताह में एक दिन “नो व्हीकल डे” मनाया जाएगा। उस दिन सरकारी कामकाज में वर्क फ्रॉम होम और वर्चुअल मीटिंग्स को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार चाहती है कि निजी कंपनियां भी इस मॉडल को अपनाएं ताकि पेट्रोल-डीजल की खपत कम हो सके। सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को प्राथमिकता दी जाएगी और अनावश्यक यात्राओं पर रोक लगाने की तैयारी है।

अब आधे सरकारी वाहन होंगे इलेक्ट्रिक

उत्तराखंड सरकार अब तेजी से इलेक्ट्रिक व्हीकल मॉडल की ओर बढ़ रही है। नई EV पॉलिसी लाने की तैयारी हो रही है, जिसके तहत भविष्य में खरीदे जाने वाले सरकारी वाहनों में 50 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहन होंगे। राज्यभर में चार्जिंग स्टेशन और EV नेटवर्क बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

एसी और बिजली पर भी सरकार सख्त

सरकार ने ऊर्जा बचत को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए सरकारी कार्यालयों में AC के उपयोग को सीमित करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। PNG गैस कनेक्शन को मिशन मोड में बढ़ाने, होटल-रेस्टोरेंट्स में गैस उपयोग सुधारने और रूफटॉप सोलर सिस्टम को बढ़ावा देने का निर्णय भी लिया गया।

पर्वतीय इलाकों के किसानों के लिए बड़ा फैसला

विदित है कि कैबिनेट ने पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी नीति 2026 को मंजूरी दे दी है। सरकार का दावा है कि इससे बिखरी हुई कृषि भूमि को व्यवस्थित किया जा सकेगा और खेती आसान बनेगी। हर पहाड़ी जिले में 10 गांवों को इस योजना के तहत विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।

होमस्टे कारोबार को बड़ी राहत

उत्तराखंड के पर्यटन कारोबारियों के लिए भी राहत भरी खबर आई। अब होमस्टे में कमरों की सीमा 5 से बढ़ाकर 8 कर दी गई है। सरकार “Visit My State” अभियान के जरिए धार्मिक पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, वेलनेस और डेस्टिनेशन वेडिंग को बढ़ावा देने की तैयारी में है।

मेडिकल और स्पोर्ट्स सेक्टर में भी बड़े फैसले

गौरतलब है कि कैबिनेट ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के पुनर्गठन को मंजूरी दी है। मेडिकल कॉलेजों में नए पद बनाए जाएंगे और कई नियुक्तियों की प्रक्रिया आसान होगी। इसके अलावा चंपावत के लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज के संचालन के लिए नए पदों को मंजूरी दी गई है। फॉरेंसिक लैब और स्वास्थ्य विभाग में भी नए तकनीकी पद सृजित किए गए हैं।

पंचायत भवन के लिए अब दोगुना पैसा

आपको बता दें कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। पंचायत भवन निर्माण के लिए मिलने वाली राशि अब 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। इससे गांवों में पंचायत ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने बैठक में कहा कि दुनिया भर में चल रहे संकट, कोविड के बाद की स्थिति, Russia-Ukraine War और पश्चिम एशिया तनाव का असर भारत पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संसाधनों का सीमित उपयोग अब मजबूरी नहीं, बल्कि जिम्मेदारी बन चुका है। यानी आने वाले समय में उत्तराखंड में सरकार “कम खर्च, कम ईंधन, ज्यादा बचत” वाले मॉडल पर तेजी से आगे बढ़ती दिखाई दे सकती है।

अन्य खबरे