दिल्ली में बढ़ते ईंधन संकट के बीच बड़ा फैसला!: हफ्ते में 2 दिन होगा 'वर्क फ्रॉम होम', हर सोमवार होगा 'मंडे मेट्रो', मंत्री-अफसर करेंगे सार्वजनिक परिवहनों में सफर, वहीं स्कूलों-कॉलेजों में अब...CM रेखा गुप्ता के 10 बड़े ऐलान_एक नजर
दिल्ली में बढ़ते ईंधन संकट के बीच बड़ा फैसला!

नई दिल्ली : देशभर में बढ़ते ईंधन संकट, वैश्विक आर्थिक दबाव और ऊर्जा बचत की अपीलों के बीच अब राजधानी दिल्ली में बड़ा बदलाव शुरू हो गया है। Rekha Gupta ने “मेरा भारत, मेरा योगदान” नाम से 90 दिन का बड़ा जनभागीदारी अभियान लॉन्च करते हुए कई ऐसे फैसले किए हैं, जिनका असर सीधे लाखों सरकारी कर्मचारियों, निजी कंपनियों और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ने वाला है। सरकार ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब “लक्जरी लाइफस्टाइल” से ज्यादा फोकस “ईंधन बचाओ और देश बचाओ” मॉडल पर होगा।

अब हफ्ते में 2 दिन Work From Home

आपको बता दें कि दिल्ली सरकार ने ऐलान किया है कि आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी सरकारी विभागों में सप्ताह में दो दिन Work From Home लागू किया जाएगा। इतना ही नहीं, निजी कंपनियों और संस्थानों से भी इसी मॉडल को अपनाने की अपील की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे सड़क पर वाहनों की संख्या कम होगी, पेट्रोल-डीजल की खपत घटेगी और प्रदूषण पर भी असर पड़ेगा।

हर सोमवार होगा ‘मेट्रो मंडे’

गौरतलब है कि अब दिल्ली के मंत्री, अफसर और सरकारी कर्मचारी सप्ताह में एक दिन सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे। सरकार ने सोमवार को “मेट्रो मंडे” घोषित किया है। यानी उस दिन नेताओं और अफसरों को मेट्रो, बस, ई-रिक्शा या दूसरे सार्वजनिक साधनों से यात्रा करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने आम जनता से भी अपील की है कि वे सप्ताह में कम से कम एक दिन निजी वाहन छोड़कर सार्वजनिक परिवहन अपनाएं।

अफसरों की लग्जरी पर कैंची

विदित है कि सरकार ने अधिकारियों के खर्चों पर भी सख्ती शुरू कर दी है। अब मंत्रियों और वरिष्ठ अफसरों के विदेशी दौरे एक साल तक लगभग बंद रहेंगे। पहले से तय कई विदेश यात्राएं भी रद्द की जा रही हैं। इसके अलावा घरेलू यात्रा खर्च में 20 प्रतिशत तक कटौती और अफसरों के पेट्रोल अलाउंस में भी कमी की तैयारी है।

सरकारी दफ्तरों में AC भी कंट्रोल मोड में

आपको बता दें कि ऊर्जा बचत के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी सरकारी कार्यालयों में AC का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखने का आदेश दिया है। सरकार का कहना है कि सिर्फ AC के तापमान में मामूली बदलाव से भी बड़ी मात्रा में बिजली बचाई जा सकती है।

अब नया पेट्रोल-डीजल वाहन नहीं खरीदेगी सरकार

गौरतलब है कि अगले छह महीनों तक दिल्ली सरकार कोई नया पेट्रोल, डीजल, CNG या हाइब्रिड वाहन नहीं खरीदेगी। सरकार का फोकस इलेक्ट्रिक और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर रहेगा।

सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा फायदा भी

जहां एक तरफ सख्ती बढ़ाई गई है, वहीं दूसरी तरफ सार्वजनिक परिवहन अपनाने वाले कर्मचारियों को राहत भी दी जाएगी। सरकार ने ट्रांसपोर्ट अलाउंस में 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का फैसला लिया है ताकि कर्मचारी बस और मेट्रो का ज्यादा इस्तेमाल करें।

स्कूल, कॉलेज और अदालतों को भी सलाह

विदित है कि दिल्ली सरकार ने शिक्षण संस्थानों से कहा है कि गैर-जरूरी क्लास, गेस्ट लेक्चर और प्रशासनिक मीटिंग्स ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन कराई जाएं। अदालतों से भी अधिकतम ऑनलाइन सुनवाई अपनाने की अपील की गई है।

‘Made in India’ पर जोर

आपको बता दें कि सरकार अब “Vocal for Local” अभियान को भी बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने जा रही है। बड़े मॉल्स और सुपरमार्केट्स में “Made in India” कॉर्नर बनाए जाएंगे, जहां भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता मिलेगी। दिल्ली सरकार खुद भी भारतीय उत्पादों की खरीद को बढ़ावा देगी।

क्यों लिये जा रहे इतने बड़े फैसले?

मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने कहा कि पश्चिम एशिया में तनाव, वैश्विक ईंधन संकट और बढ़ती आयात लागत का असर भारत पर भी पड़ रहा है। ऐसे में अब सिर्फ सरकार नहीं, बल्कि हर नागरिक को जिम्मेदारी निभानी होगी।

यानी आने वाले दिनों में दिल्ली में सिर्फ ट्रैफिक और दफ्तरों का सिस्टम ही नहीं बदलेगा, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जीवनशैली भी बदलती नजर आ सकती है।

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