लखनऊ : उत्तर प्रदेश में अब सरकारी कामकाज का तरीका बदलने जा रहा है। बढ़ते वैश्विक ऊर्जा संकट और ईंधन बचत अभियान के बीच Yogi Adityanath और उनकी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लेते हुए मंत्रियों, अफसरों और बड़े संस्थानों के लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पहली कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि अब सरकार खुद उदाहरण पेश करेगी। मंत्रियों से लेकर अफसरों तक सभी को सादगी, ईंधन बचत और सार्वजनिक परिवहन अपनाने का संदेश दिया गया है।
50 से ज्यादा कर्मचारियों के काम करने वाले संस्थान में कम से कम 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’
विदित है कि सबसे बड़ा फैसला यह लिया गया कि जिन दफ्तरों और संस्थानों में 50 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं, वहां सप्ताह में कम से कम 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ लागू किया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी दफ्तरों में AC का तापमान 24 से 26 डिग्री के बीच रखना अनिवार्य किया गया है।
मंत्रियों के काफिलों पर भी लगी लगाम
आपको बता दें कि Yogi Adityanath ने साफ निर्देश दिया कि मंत्रियों और वीआईपी काफिलों में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत तक कम की जाए। इतना ही नहीं, मंत्रियों को सप्ताह में कम से कम एक दिन मेट्रो, बस, ई-रिक्शा, कारपूलिंग या साइकिल से सफर करने की सलाह दी गई है। सरकार चाहती है कि जनता के सामने नेता खुद उदाहरण बनकर दिखें ताकि आम लोग भी ईंधन बचत के अभियान से जुड़ें।
अगले 6 महीने तक विदेश यात्राओं पर भी रोक जैसी स्थिति
गौरतलब है कि बैठक में मुख्यमंत्री ने अगले छह महीनों तक गैर-जरूरी विदेशी यात्राएं टालने की अपील की। मंत्रियों और अधिकारियों से कहा गया कि सिर्फ बेहद जरूरी स्थिति में ही विदेश यात्रा की जाए। सरकार का मानना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ते तेल संकट को देखते हुए खर्च और ईंधन दोनों में बचत जरूरी है।
अब ऑनलाइन होंगी बैठकें
विदित है कि Yogi Adityanath ने अंतरजनपदीय बैठकों, ट्रेनिंग प्रोग्राम, सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और विभागीय मीटिंग्स को ज्यादा से ज्यादा वर्चुअल मोड में करने के निर्देश दिए हैं। सचिवालय और निदेशालय की कई बैठकें अब ऑनलाइन होंगी ताकि यात्रा और ईंधन की खपत कम हो सके।
AC, लिफ्ट और बिजली पर भी सख्ती
मुख्यमंत्री ने सरकारी दफ्तरों में बिजली बचत पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि AC का तापमान 24-26 डिग्री पर रखा जाए। लिफ्ट का कम से कम इस्तेमाल हो और रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटों का इस्तेमाल सीमित किया जाए। सरकारी भवनों में बिजली बचत अभियान चलाया जाए।
ईवी और सोलर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
आपको बता दें कि बैठक में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई नीति तैयार करने का भी फैसला लिया गया। साथ ही पीएम सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर को तेजी से बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन, साइक्लिंग और कार पूलिंग को बढ़ावा देना समय की जरूरत है।
LPG की जगह PNG पर जोर
सरकार घरेलू और कॉमर्शियल दोनों स्तरों पर LPG सिलेंडर की जगह PNG कनेक्शन बढ़ाने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस दिशा में तुरंत नीतिगत बदलाव करने के निर्देश दिए।
शादी-ब्याह में भी सादगी की अपील
गौरतलब है कि Yogi Adityanath ने लोगों से शादी-विवाह और सामाजिक आयोजनों में फिजूल खर्च कम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों और “Vocal for Local” को बढ़ावा दिया जाए। मंत्रियों को निर्देश दिया गया कि वे उपहार में उत्तर प्रदेश में बने उत्पादों का ही इस्तेमाल करें।
हाल के दिनों में Narendra Modi ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल बचाने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने, विदेश यात्राएं कम करने और ऊर्जा संरक्षण की अपील की थी। अब योगी सरकार ने इसे जमीन पर उतारते हुए कई बड़े फैसले लागू करने शुरू कर दिए हैं। सरकार का दावा है कि ये फैसले सिर्फ खर्च कम करने के लिए नहीं, बल्कि आने वाले समय के संभावित ऊर्जा संकट से निपटने की तैयारी का हिस्सा हैं।