PM मोदी की अपील के बाद यूपी समेत कई राज्यों में बड़े बदलाव!: मंत्रियों के विदेश यात्राओं पर रोक, काफिले होंगे आधे, कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम, वहीं विपक्ष बोला कि 'देश चालाना अब...', जानिए सरकार ने किए कौन-कौन से बड़े बदलाव?
PM मोदी की अपील के बाद यूपी समेत कई राज्यों में बड़े बदलाव!

नई दिल्ली/लखनऊ: दुनिया भर में बढ़ते ईंधन संकट और युद्ध जैसी स्थितियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अनोखी अपील की है कि "पेट्रोल-डीजल बचाओ, सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, वर्क फ्रॉम होम करो!" अब इस अपील को जमीन पर उतारने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें बड़े स्तर पर तैयारियों में जुट गई हैं। मंत्रियों की विदेश यात्राओं पर लगाम लगाई जा रही है, वीआईपी काफिलों में 50% कटौती होगी और सरकारी बैठकें अब वर्चुअल होंगी।

क्यों मांग रहे हैं पीएम मोदी बचत? समझिए पूरा मामला

आपको बता दें कि पिछले कुछ महीनों में ईरान-इजराइल तनाव और वैश्विक सप्लाई चेन में आई दरारों के कारण तेल के दाम आसमान छू रहे हैं। भारत, जो अपनी 85% तेल जरूरतें आयात करता है, पर यह संकट सीधा असर डाल रहा है। पीएम मोदी ने 10 और 11 मई को जयपुर, वडोदरा और हैदराबाद में यही कहा:

  1. "एक साल तक सोना न खरीदें" – सोने के आयात पर होने वाला करोड़ों रुपये का खर्च रोकना है।

  2. "वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा दें" – ऑफिस आने-जाने में ईंधन बचेगा।

  3. "विदेश यात्राएं टालें" – महंगे होते तेल से विमान किराया बढ़ा है, विदेशी मुद्रा बचेगी।

  4. "मेट्रो, बस, कारपूलिंग करें" – निजी वाहनों की जगह पब्लिक ट्रांसपोर्ट।

  5. "खाने के तेल की खपत घटाएं" – आयातित तेल पर निर्भरता कम करनी है।

अब सरकार ने दिखाई सख्ती; खुद पर लगाई लगाम

सरकार ने फैसला किया है कि जनता से कहने से पहले खुद इसका पालन करके दिखाएगी। इसके लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं:

1. मंत्रियों की यात्राओं पर ब्रेक

  • गैर-जरूरी घरेलू और विदेशी यात्राओं को तुरंत रोकने के निर्देश दिए गए हैं।

  • महाराष्ट्र के मंत्री आशीष शेलार ने फ्रांस में होने वाले कांस फिल्म फेस्टिवल में जाने का प्लान टाल दिया।

  • मंत्री अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अंतरराष्ट्रीय बैठकों में हिस्सा लेंगे।

2. वीआईपी काफिलों में 50% कटौती

  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि CM, मंत्रियों, विधायकों और अफसरों के काफिले में अब 50% वाहन कम होंगे।

  • मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ने भी अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर सिर्फ 8 कर दी है।

3. अब मंत्री भी करेंगे पब्लिक ट्रांसपोर्ट

  • यूपी में हर सांसद और विधायक को सप्ताह में एक दिन बस या मेट्रो से चलना होगा।

  • दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मेट्रो और ई-रिक्शा से सफर कर मिसाल पेश की।

4. वर्क फ्रॉम होम को मिला बढ़ावा

  • यूपी सरकार ने बड़ी कंपनियों और स्टार्टअप्स को हफ्ते में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी है।

  • सरकारी दफ्तरों की 50% बैठकें अब ऑनलाइन होंगी।

  • सेमिनार, कॉन्फ्रेंस और वर्कशॉप भी वर्चुअल मोड में शिफ्ट होंगे।

5. भव्य आयोजनों पर भी शिकंजा

  • बड़ी शादियों और कार्यक्रमों में मेहमानों की संख्या सीमित करने की तैयारी।

  • डेस्टिनेशन वेडिंग को हतोत्साहित किया जाएगा।

  • सरकारी कार्यक्रमों में कुकिंग गैस और बिजली के इस्तेमाल पर लगाम।

मिसाल बन रहे ये नेता और अधिकारी

  • दिल्ली: मंत्री आशीष सूद ने मेट्रो से सफर कर ई-रिक्शा से स्कूल पहुंचे।

  • मध्य प्रदेश: हाईकोर्ट के जज डीडी बंसल साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे।

  • उत्तर प्रदेश: सीएम योगी ने खुद के काफिले में वाहन घटाए, 10 सूत्रीय अपील जारी की।

  • महाराष्ट्र: मंत्री आशीष शेलार ने विदेश यात्रा टाली, विभागीय खर्च में कटौती की।

यूपी के 7 बड़े फैसले जो बदल देंगे सरकारी कामकाज

  1. CM, मंत्रियों और अफसरों के काफिले होंगे 50% छोटे

  2. मंत्री-विधायक सप्ताह में 1 दिन पब्लिक ट्रांसपोर्ट करेंगे

  3. बड़ी कंपनियों में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम अनिवार्य

  4. सरकारी बैठकें-सेमिनार वर्चुअल होंगी

  5. सचिवालय की 50% बैठकें ऑनलाइन

  6. रात 10 बजे के बाद सजावटी लाइटें कम

  7. पीएम सूर्य घर (रूफटॉप सोलर) योजना को बढ़ावा

योगी और मोदी कीं ये 10 अपीलें

  1. सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' मनाएं

  2. मेट्रो, बस, पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक इस्तेमाल करें

  3. स्कूलों में स्कूली बस और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता दें

  4. ऑफिस के टाइम अलग-अलग बैच में रखें

  5. कार पूलिंग, साइक्लिंग और ईवी (EV) को बढ़ावा दें

  6. 6 महीने तक गैर-जरूरी विदेश यात्राएं टालें

  7. देश में शादी आयोजन और यूपी में डेस्टिनेशन वेडिंग कराएं

  8. 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) और GI टैग वाले उत्पाद खरीदें

  9. खाद्य तेल का कम इस्तेमाल करें और प्राकृतिक खेती अपनाएं

  10. 'विजिट माई स्टेट' अभियान से देशी पर्यटन बढ़ाएं

सीएम योगी ने कहा: "दुनिया में उथल-पुथल है। हर किसी को संकट की गंभीरता समझनी होगी। पीएम मोदी के आह्वान को जमीन पर उतारना ही हमारा लक्ष्य है।"

विपक्ष का हमला: क्या ये सिर्फ ‘अपील’ है या ‘विफलता’ का सबूत?

आपको बता दें कि जहां एक तरफ सरकार ईंधन बचाने की मुहिम छेड़ रही है, वहीं विपक्षी दलों ने इसे ‘सरकार की अक्षमता’ का परिणाम बताया है। राहुल गांधी ने कहा कि "अब देश चलाना मोदी के बस में नहीं है। सोना मत खरीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल कम करो – ये उपदेश नहीं, विफलता हैं।" वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि "भाजपा सरकार ने अर्थव्यवस्था और विदेश नीति दोनों को बर्बाद कर दिया।"

क्या अब बढ़ेंगे पेट्रोल-डीजल के दाम?

गौरतलब है कि सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल कोई आर्थिक संकट नहीं है, बल्कि ईंधन प्रबंधन की चुनौती है। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के अनुसार भारत के पास 60 दिनों का कच्चा तेल और 45 दिनों की एलपीजी का स्टॉक है। फिर भी वैश्विक परिस्थितियों के कारण ईंधन के दाम बढ़ने का दबाव लगातार बना हुआ है। सरकार चाहती है कि जनता खुद जागरूक होकर ईंधन की खपत कम करे, ताकि कठिन समय में देश को बाहर निपटाना आसान हो।

पीएम मोदी की यह अपील महज संकट की घड़ी में एक सुझाव नहीं है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और देशभक्ति का एक नया तरीका है। मंत्रियों के काफिले घट रहे हैं, विदेश यात्राएं टल रही हैं, धीरे-धीरे दूसरे राज्य भी इस रास्ते पर चल पड़े हैं। जैसा कि एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा "यह सरकारी आदेश नहीं, बल्कि समय की मांग है, अगर हम अब नहीं बचाएंगे, तो कल हमारे पास बचाने के लिए कुछ बचेगा ही नहीं।"

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