हिंडन नदी डूब क्षेत्र का 29,315 करोड़ में होगा कायापलट!: लखनऊ गोमती नदी की तर्ज पर होगा 25 KM लम्बे रिवरफ्रन्ट का डेवलपमेंट, वहीं 10 हजार परिवार...3 फेज में निर्माण का पूरा मास्टरप्लान_एक नज़र
हिंडन नदी डूब क्षेत्र का 29,315 करोड़ में होगा कायापलट!

नोएडा: हिंडन नदी के डूब क्षेत्र को अब नए सिरे से विकसित और व्यवस्थित करने की बड़ी तैयारी है। नोएडा में हिंडन यानी हरनंदी नदी के किनारे जल्द ही ऐसा रिवर फ्रंट विकसित करने का प्रस्ताव है, जिससे इलाके की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। प्रस्तावित योजना में करीब 29,315 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें तटबंध, छह लेन सड़क, जमीन का विकास, नदी में वीयर-कम-फॉल और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास जैसी कई बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इस योजना को लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट की तर्ज पर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। नदी के दोनों ओर हरियाली, लोगों के घूमने-टहलने और बैठने की जगह तथा बच्चों के मनोरंजन के लिए सुविधाएं विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित रिवर फ्रंट करीब 25 किलोमीटर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा।

29 हजार करोड़ से बदलेगी पूरी तस्वीर

आपको बता दें कि प्रस्ताव के मुताबिक परियोजना पर सबसे बड़ा खर्च जमीन की खरीद में होगा। इसके लिए करीब 15 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा मिट्टी भराई के काम पर 380 करोड़, तटबंध के ऊपर छह लेन सड़क निर्माण पर 2,425 करोड़ और पत्थर की पिचिंग पर 120 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। नदी में वीयर-कम-फॉल के निर्माण के लिए करीब 150 करोड़ रुपये और उपलब्ध जमीन के विकास के लिए लगभग 7,240 करोड़ रुपये का खर्च प्रस्तावित है। वहीं डूब क्षेत्र से प्रभावित करीब 10 हजार परिवारों के पुनर्वास के लिए 4,000 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है।

10 हजार परिवारों के पुनर्वास का खाका

परियोजना की सबसे बड़ी चुनौतियों में नदी किनारे बसे परिवारों का पुनर्वास भी शामिल है। प्रस्ताव में करीब 10 हजार परिवारों को पुनर्वासित करने की योजना है। इसके लिए प्रति परिवार औसतन 40 लाख रुपये की लागत के आधार पर 4,000 करोड़ रुपये का अनुमान लगाया गया है। अधिकारियों के सामने हुई चर्चा में यह भी सामने आया कि परियोजना को जमीन पर उतारने के दौरान अतिक्रमण और जमीन से जुड़े मामलों को सुलझाना बड़ी चुनौती हो सकती है। बताया गया कि पहले भी इस क्षेत्र को विकसित करने का प्रयास किया गया था और करीब 200 एकड़ जमीन खरीदी गई थी, लेकिन बाद में वहां अवैध कॉलोनियां विकसित होने की बात सामने आई।

तीन चरणों में होगा पूरा काम

गौरतलब है कि हरनंदी रिवर फ्रंट की पूरी योजना को तीन फेज में पूरा करने का प्रस्ताव है।

पहला फेज: डीएससी रोड ब्रिज से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे तक करीब 12 किलोमीटर क्षेत्र को इसमें शामिल किया गया है। तटबंध के ऊपर छह लेन सड़क, पिचिंग, मिट्टी का काम, जमीन का विकास और पुनर्वास जैसी गतिविधियां होंगी। इस चरण की अनुमानित लागत करीब 12,370 करोड़ रुपये है।

दूसरा फेज: बिसरख रोड ब्रिज से डीएससी रोड तक करीब 5 किलोमीटर क्षेत्र में काम प्रस्तावित है। इस चरण में भी छह लेन सड़क और संबंधित विकास कार्य किए जाएंगे। इसकी अनुमानित लागत करीब 6,449 करोड़ रुपये बताई गई है।

तीसरा फेज: एनएच-24 से बिसरख रोड ब्रिज तक करीब 8 किलोमीटर क्षेत्र को इसमें रखा गया है। इसमें जमीन खरीद, तटबंध, सड़क, भूमि विकास और पुनर्वास जैसे काम शामिल होंगे। इस चरण की अनुमानित लागत 10,496 करोड़ रुपये है।

सिर्फ सड़क नहीं, हरियाली और मनोरंजन की भी योजना

प्रस्तावित परियोजना में केवल सड़क और तटबंध बनाने पर जोर नहीं है। नदी के दोनों किनारों पर हरित क्षेत्र विकसित करने, लोगों के बैठने, घूमने और टहलने की सुविधा देने की भी योजना है। बच्चों के मनोरंजन के लिए भी सुविधाएं विकसित किए जाने का प्रस्ताव है। इससे नोएडा को एक नया रिवर फ्रंट मिलने के साथ ही हिंडन के आसपास का क्षेत्र सार्वजनिक उपयोग के लिए अधिक व्यवस्थित और आकर्षक बनाने की उम्मीद है।

अभी अंतिम मंजूरी बाकी

विदित है कि परियोजना की कार्ययोजना पर नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने प्रस्तुतीकरण किया गया है। बैठक में अधिकारियों और पर्यावरण विशेषज्ञों ने परियोजना को जमीन पर उतारने में आने वाली संभावित चुनौतियों पर चर्चा की। हालांकि, 29,315 करोड़ रुपये की यह योजना अभी अंतिम रूप से मंजूर नहीं हुई है। इसे शासन के सामने रखा जाएगा। संबंधित विभागों और प्राधिकरणों की आवश्यक मंजूरी के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। यानी फिलहाल यह एक प्रस्तावित मेगा प्रोजेक्ट है, जिसके धरातल पर उतरने का रास्ता शासन की मंजूरी से होकर गुजरेगा।

अगर योजना को मंजूरी मिलती है और प्रस्ताव के मुताबिक काम आगे बढ़ता है, तो आने वाले वर्षों में नोएडा की हिंडन नदी का किनारा पूरी तरह बदला हुआ नजर आ सकता है।

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