नोएडा : नोएडा में प्रॉपर्टी खरीदने-बेचने वालों के लिए अब सबसे बड़ा गेमचेंजर सामने आ गया है। नोएडा अथॉरिटी ने ऐसा डिजिटल सिस्टम तैयार कर लिया है, जिससे अब किसी भी प्लॉट या संपत्ति की पूरी सच्चाई घर बैठे एक क्लिक में सामने आ जाएगी। अब आपको न दलाल के चक्कर लगाने पड़ेंगे, न फाइलों में उलझना पड़ेगा; प्लॉट का एरिया, लोकेशन, बकाया, आवंटन की तारीख… सब कुछ ऑनलाइन एक नए सिस्टम से होगा, जिसका नाम GIS सिस्टम है।
अब हर प्लॉट की पूरी “कुंडली” ऑनलाइन
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि नए ग्राफ़िकल इनफर्मेशन सिस्टम (GIS) सिस्टम के जरिए आप घर बैठे ऑनलाइन जान सकेंगे:
यानी अब कोई भी जानकारी छिप नहीं पाएगी।
प्रॉपर्टी खरीदने से पहले मिलेगा ‘सच्चाई का सर्टिफिकेट’
गौरतलब है कि नोएडा में ज्यादातर संपत्तियां लीज पर आधारित होती हैं। यहां प्रॉपर्टी ट्रांसफर तभी होता है जब पुराने मालिक का पूरा बकाया क्लियर हो और उसे NOC (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) मिले। अब GIS सिस्टम पहले ही बता देगा कि प्रॉपर्टी क्लीन है या नहीं। इससे सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि फर्जीवाड़ा और धोखाधड़ी पर सीधा ब्रेक लगेगा।
बिना रजिस्ट्रेशन घर बैठे पूरी जानकारी
आपको बता दें कि अब नए सिस्टम में कोई लॉगिन या रजिस्ट्रेशन जरूरी नहीं होगा। सीधे वेबसाइट पर जाकर GIS लिंक खोलें, प्लॉट नंबर डालते ही सारी जानकारी सामने आ जाएगी। यानी अब रियल एस्टेट में पारदर्शिता का नया दौर शुरू होगा।
निवेशकों के लिए बड़ा गेमचेंजर
आपको बता दें कि नोएडा राज्य के राजस्व का बड़ा हिस्सा देता है, ऐसे में विदेशी निवेशक भी अब लोकेशन और डेटा समझ सकेंगे। सही जानकारी मिलने से निवेश का भरोसा बढ़ेगा। रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी आने की उम्मीद है। अब “सुनी-सुनाई बातों” पर नहीं, डेटा के आधार पर फैसला होगा।
कौन-कौन सी प्रॉपर्टी जुड़ी सिस्टम से?
आपको बता दें कि रेजिडेंशियल, कमर्शियल और इंस्टीट्यूशनल तीनों प्रॉपर्टी इससे जुड़ी होगी। ग्रुप हाउसिंग (सोसाइटी) का डेटा अभी पूरी तरह अपडेट नहीं, लेकिन जल्द शामिल किया जाएगा।
सैटेलाइट मैप से दिखेगा पूरा शहर
विदित है कि मैपिंग के जरिए पूरे शहर का विजुअल व्यू होगा। अभी 2022 तक का डेटा उपलब्ध होगा, जिसे लगातार अपडेट किया जा रहा है। अब जमीन ही नहीं, पूरी लोकेशन आंखों के सामने होगी।
नोएडा में यह नई डिजिटल व्यवस्था साफ संकेत दे रही है कि अब प्रॉपर्टी खरीदना सिर्फ भरोसे का नहीं, बल्कि डेटा और पारदर्शिता का खेल होगा। खरीदार सुरक्षित होंगे, निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और सबसे बड़ी बात यह है कि रियल एस्टेट में धोखाधड़ी की गुंजाइश लगभग खत्म होने जा रही है।