नोएडा के 50 साल; खेतों से लेकर ग्लोबल हाईटेक सिटी तक!: यूपी की GDP में अकेले 10% का योगदान, सड़क-मेट्रो ने दी रफ्तार, तो वहीं जेवर एयरपोर्ट...देखें नोएडा के विकास के 50 साल का रोचक सफर, कैसे बदला यह शहर_एक नजर
नोएडा के 50 साल; खेतों से लेकर ग्लोबल हाईटेक सिटी तक!

नोएडा: कभी खेतों, कच्ची सड़कों और बैलगाड़ियों वाला इलाका और आज गगनचुंबी इमारतों, चौड़ी सड़कों, मेट्रो और एक्सप्रेसवे से चमकता हुआ शहर; यह है नोएडा की 50 साल की कहानी। 1976 में दिल्ली के औद्योगिक दबाव को कम करने के लिए बसाया गया यह शहर आज देश के सबसे विकसित शहरी केंद्रों में गिना जाता है। New Okhla Industrial Development Authority (NOIDA) के रूप में शुरू हुआ यह सफर अब ग्लोबल सिटी बनने की ओर बढ़ चुका है।

सड़कें, अंडरपास और ट्रैफिक सिस्टम; नोएडा की पहचान

आपको बता दें कि नोएडा की सबसे बड़ी ताकत उसकी बेहतरीन प्लानिंग रही है। 344 किमी लंबा चौड़ी सड़कों का नेटवर्क, 700 किमी लोकल रोड कनेक्टिविटी और 12 प्रमुख अंडरपास से कई चौराहे सिग्नल-फ्री इस शहर की सबसे बड़ी विशेषता है। इसके अलावा 2022 में शुरू हुआ इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) से 1000+ कैमरे, ऑटोमैटिक चालान और सेक्टर-94 में कंट्रोल रूम; यही वजह है कि नोएडा को “स्मार्ट ट्रैफिक सिटी” कहा जाने लगा है।

मेट्रो ने बदली शहर की किस्मत

विदित है कि 2009 में जब दिल्ली मेट्रो नोएडा पहुंची, तो शहर की रफ्तार बदल गई।

  • ब्लू लाइन: सेक्टर-15 से इलेक्ट्रॉनिक सिटी
  • एक्वा लाइन: सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा

आज करीब 47 किमी का मेट्रो नेटवर्क नोएडा को दिल्ली और ग्रेटर नोएडा से जोड़ता है। इससे नौकरी, रियल एस्टेट और आबादी; तीनों में जबरदस्त उछाल आया।

फ्लाईओवर और एक्सप्रेसवे ने दी रफ्तार

आपको बता दें कि नोएडा के विकास में इन प्रोजेक्ट्स का बड़ा योगदान रहा:

  • DND फ्लाईवे (2001) – दिल्ली से दूरी घटाई
  • नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे (2002) – विकास की रीढ़
  • महामाया फ्लाईओवर (2009) – जाम से राहत
  • एलिवेटेड रोड (2017) – शहर के भीतर तेज कनेक्टिविटी
  • पर्थला ब्रिज (2023) – आधुनिक इंजीनियरिंग का प्रतीक

खेती से आईटी हब तक का सफर

गौरतलब है कि एक समय जहां सिर्फ छोटे गांव और खेती थी, वहीं आज आईटी पार्क, डेटा सेंटर, मल्टीनेशनल कंपनियां और बड़े मॉल और हॉस्पिटल है। नोएडा अब सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि रोजगार और निवेश का बड़ा केंद्र बन चुका है।

रियल एस्टेट ने बदली तस्वीर

विदित है कि नोएडा के विकास में रियल एस्टेट का बड़ा रोल रहा। अफोर्डेबल से लेकर लग्जरी हाउसिंग, गेटेड कम्युनिटी और प्रीमियम लाइफस्टाइल आज सेक्टर-150 और 94 जैसे इलाकों में हाई-एंड प्रोजेक्ट्स शहर को नई पहचान दे रहे हैं।

जेवर एयरपोर्ट; भविष्य की सबसे बड़ी ताकत

आपको बता दें कि नोएडा के विकास को अब पंख जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से मिलने वाले हैं। यह एशिया का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बनने की ओर है। लाखों रोजगार के अवसर और इंटरनेशनल कनेक्टिविटी इसकी पहचान होगी। यह प्रोजेक्ट नोएडा को सीधे ग्लोबल मैप पर ले जाएगा।

यूपी की अर्थव्यवस्था में सबसे बड़ा योगदान

गौतम बुद्ध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) यूपी की GDP में 10 से 11% योगदान देता है। यह राज्य के कुल निवेश का लगभग 25% हिस्सा पाता है। यानी नोएडा सिर्फ शहर नहीं, बल्कि प्रदेश की आर्थिक ताकत बन चुका है।

50 साल का सफर नोएडा के लिए सिर्फ विकास नहीं, बल्कि एक विजन की कहानी है। जहां प्लानिंग, कनेक्टिविटी और निवेश ने मिलकर एक साधारण जमीन को भारत का सबसे आधुनिक शहर बना दिया। आने वाले सालों में नोएडा सिर्फ NCR ही नहीं, बल्कि दुनिया के बड़े शहरों को टक्कर देता नजर आ सकता है।

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