DND से जेवर एयरपोर्ट तक 31.2 किमी लम्बे एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी होगी और आसान!: यमुना नदी में पिलर पर बनेगा 10 लेन एलीवेटेड एक्सप्रेसवे, वहीं चिल्ला एलीवेटेड रोड भी...जानें कब तक होगा यह एक्सप्रेसवे तैयार और आम लोगों को इससे फायदे_एक नजर
DND से जेवर एयरपोर्ट तक 31.2 किमी लम्बे एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी होगी और आसान!

नोएडा-ग्रेटर नोएडा: जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होते ही दिल्ली-NCR में ट्रैफिक का दबाव बढ़ने की आशंका है। इसी को देखते हुए अब एक ऐसा मेगा प्लान तैयार किया जा रहा है, जो पूरे क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाला है। सरकार अब DND से यमुना किनारे 10 लेन का एलिवेटेड एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी में है जो सीधे एयरपोर्ट तक हाई-स्पीड कनेक्शन देगा।

क्या है पूरा प्रोजेक्ट?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नोएडा प्राधिकरण ने अपनी पुरानी योजना में बड़ा बदलाव करते हुए अब नई हाईटेक योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसकी कुल लंबाई करीब 31.2 किलोमीटर रहेगी। इसकी शुरुआत DND फ्लाईवे के पास सेक्टर-94 से होगी। यमुना नदी में पिलर पर 10 लेन एलिवेटेड रोड तैयार होगा। पहले इस परियोजना को 6 या 8 लेन में बनाने का विचार था, लेकिन अब इसे और बड़ा और हाई-स्पीड बनाया जा रहा है।

क्यों जरूरी है ये एक्सप्रेसवे?

गौरतलब है कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का भारी दबाव है। एयरपोर्ट शुरू होते ही यात्रियों और कार्गो ट्रैफिक में और तेजी आएगी। ऐसे में दिल्ली से जेवर तक तेज और डायरेक्ट कनेक्टिविटी की जरूरत है। यह एक्सप्रेसवे इन सभी समस्याओं का समाधान माना जा रहा है।

सर्विस रोड और लोकल कनेक्टिविटी भी मजबूत, आम लोगों को होगा फायदा

विदित है कि प्राधिकरण का प्लान सिर्फ हाईवे बनाने का नहीं, बल्कि लोकल लोगों को भी फायदा देने का है। दोनों तरफ सर्विस रोड बनाई जाएंगी। यमुना किनारे बसे गांव और सोसायटी सीधे जुड़ेंगे। शहर के अंदर-बाहर आने-जाने में आसानी होगी।

सर्वे और DPR पर काम तेज

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण की कंसल्टेंट कंपनी Almondz Global Infra को सर्वे का जिम्मा दिया गया है। इसका फिजिबिलिटी सर्वे 1 सप्ताह में होगा। और इसका DPR (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) 3 महीने में पूरा हो जायेगा।

यमुना में पिलर पर बनेगा एक्सप्रेसवे

गौरतलब है कि सिंचाई विभाग ने सुझाव दिया है कि तटबंध पर बनाना मुश्किल होगा इसलिए यमुना नदी में पिलर पर बनाना आसान और व्यावहारिक रहेगा। इसके लिए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और यमुना बोर्ड से अनुमति की प्रक्रिया भी आसान मानी जा रही है।

चिल्ला एलिवेटेड रोड से भी मिलेगा कनेक्शन

विदित है कि 5.5 किमी लंबे चिल्ला एलिवेटेड रोड का एक्सटेंशन भी किया जायेगा। महामाया फ्लाईओवर के पास 1.8 किमी लम्बी रोटरी बनाई जाएगी। इससे मयूर विहार, कालिंदी कुंज और नोएडा के कई हिस्से सीधे इस सुपर एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएंगे।

इस प्रोजेक्ट से दिल्ली से जेवर तक ‘सुपरफास्ट कनेक्टिविटी’ होगा। यह प्रोजेक्ट सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि पूरे NCR की ट्रैफिक व्यवस्था बदलने वाला गेमचेंजर बन सकता है। इससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी। एयरपोर्ट तक तेज पहुंच होगी। रियल एस्टेट और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। अब नजर इस बात पर है कि क्या यह मेगा एक्सप्रेसवे समय पर बन पाएगा या फिर कागजों में ही रह जाएगा?

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