लखनऊ : उत्तर प्रदेश अब सिर्फ सड़कों से नहीं, बल्कि सुपरफास्ट एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ने जा रहा है। 594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ ही प्रदेश में विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ गई है। लेकिन असली धमाका अभी बाकी है। सरकार ने 10 और एक्सप्रेसवे व लिंक कॉरिडोर का रोडमैप तैयार कर दिया है, जो यूपी को देश का सबसे बड़ा हाई-स्पीड कनेक्टिविटी हब बना देगा।
गंगा एक्सप्रेसवे बना गेमचेंजर, अब आगे की बड़ी तैयारी
आपको बता दें कि मेरठ से प्रयागराज तक 594 किमी लंबा कॉरिडोर गंगा एक्सप्रेसवे से NCR से पूर्वी यूपी की दूरी अब घंटों में सिमट चुकी है। कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क अब 1900 किमी+ हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे यूपी के विकास की नई लाइफलाइन बताया।
अब आएंगे 10 नए एक्सप्रेसवे: पूरा नक्शा बदलने की तैयारी
गौरतलब है कि सरकार जिन नए प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है, उनमें शामिल हैं:
विंध्य एक्सप्रेसवे – 320 kिमी
मेरठ-हरिद्वार लिंक – 136 किमी
झांसी लिंक – 118 किमी
विंध्य-पूर्वांचल लिंक – 100 किमी
फर्रुखाबाद लिंक – 91 किमी
जेवर-गंगा एक्सप्रेसवे लिंक – 74 किमी
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे – 64 किमी
लखनऊ लिंक – 50 किमी
नोएडा-जेवर लिंक – 50 किमी
चित्रकूट लिंक – 15 किमी
खास बात है कि ये छोटे लिंक एक्सप्रेसवे भी बड़े हाईवे से जुड़कर गांव-गांव तक रफ्तार पहुंचाएंगे।
किन क्षेत्रों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा?
गौरतलब है कि इन प्रोजेक्ट्स से विंध्याचल (मिर्जापुर, भदोही, वाराणसी), चित्रकूट और बुंदेलखंड, नोएडा और जेवर एयरपोर्ट और लखनऊ–कानपुर औद्योगिक बेल्ट जैसे बड़े क्षेत्र जुड़ेंगे। यानी अब धार्मिक, औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्र, सब एक ही नेटवर्क में आ जायेगा।
पहले से चल रहे एक्सप्रेसवे भी बने ताकत
विदित है कि यूपी में पहले से 7 बड़े एक्सप्रेसवे ऑपरेशनल हैं:
यमुना एक्सप्रेसवे
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे
पूर्वांचल एक्सप्रेसवे
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे
अब इनसे जुड़कर नया नेटवर्क देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे ग्रिड बनेगा।
उद्योग, खेती और रियल एस्टेट; तीनों को मिलेगा बूस्ट
लॉजिस्टिक्स तेज होने से माल ढुलाई सस्ती होगी। किसानों की उपज तेजी से मंडियों तक पहुंचेगा। नए औद्योगिक कॉरिडोर विकसित होंगे और रियल एस्टेट में भारी उछाल की संभावना है। ये एक्सप्रेसवे सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि आर्थिक इंजन साबित होंगे।
सफर होगा छोटा, जिंदगी होगी आसान
गौरतलब है कि इन प्रोजेक्ट्स से प्रयागराज, काशी, नोएडा; घंटों में कनेक्ट होगा। लंबी दूरी की यात्रा अब तेज और सुरक्षित होगी। ट्रैफिक जाम और समय की बर्बादी में कमी होगी।
यूपी देश का ‘एक्सप्रेसवे स्टेट’ बन रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के बाद 10 नए हाईवे का प्लान साफ संकेत देता है कि उत्तर प्रदेश अब हाई-स्पीड विकास मॉडल पर दौड़ रहा है। यह नेटवर्क न सिर्फ शहरों को जोड़ेगा, बल्कि गांवों, उद्योगों और धार्मिक स्थलों को भी एक नई रफ्तार देगा। आने वाले कुछ सालों में यूपी की पहचान सिर्फ जनसंख्या से नहीं, बल्कि सबसे मजबूत सड़क नेटवर्क वाले राज्य के रूप में होगी।