यूपी में 22 मई से शुरू होगी 16वीं जनगणना!: 5.25 लाख कर्मचारी घर-घर जाकर जुटाएंगे डेटा, पूछे जाएंगे ये 34 सवाल, वही 7 से 21 मई तक...देखे पूरी प्रक्रिया_एक नजर
यूपी में 22 मई से शुरू होगी 16वीं जनगणना!

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में देश की 16वीं जनगणना को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। 22 मई 2026 से प्रदेश में इस विशाल अभियान की शुरुआत होने जा रही है, जिसमें करीब 5.25 लाख अधिकारी और कर्मचारी घर-घर जाकर हर परिवार की पूरी जानकारी जुटाएंगे। यह सिर्फ जनसंख्या गिनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि राज्य की सामाजिक, आर्थिक और तकनीकी स्थिति का बड़ा आईना साबित होने वाली है।

दो चरणों में होगी जनगणना, तय हुआ पूरा शेड्यूल

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि पहला चरण 22 मई से 20 जून 2026 तक होगा।मकानों की गिनती और सुविधाओं का रिकॉर्ड रखा जायेगा। वहीं दूसरा चरण फरवरी 2027 से शुरू होगा जिसमें हर व्यक्ति की विस्तृत जनसंख्या गणना होगी। जनगणना के लिये फाइनल डेट 1 मार्च 2027 की रात 12 बजे रहेगा। इसी समय के आधार पर देश की आधिकारिक जनसंख्या घोषित की जाएगी।

इस बार डिजिटल जनगणना: मोबाइल ऐप से होगा पूरा काम

गौरतलब है कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में होगी। कर्मचारी मोबाइल ऐप से डेटा दर्ज करेंगे। हर घर की जानकारी रियल-टाइम में अपलोड होगी। गलतियों और गड़बड़ी की संभावना कम होगी। यानी कागज की जगह अब टेक्नोलॉजी संभालेगी पूरा सिस्टम।

5.25 लाख कर्मियों की तैनाती: हर गली-मोहल्ले तक पहुंच

इस मेगा अभियान के लिए प्रशासन ने भारी फोर्स उतारी है। जिसमें 18 मंडलायुक्त, 75 जिलाधिकारी, 17 नगर आयुक्त, 600 जिला स्तरीय अधिकारी और 5 लाख से ज्यादा प्रगणक और पर्यवेक्षक तैयार हैं। प्रदेश को करीब 3.90 लाख गणना ब्लॉक्स में बांटा गया है, जहां हर ब्लॉक में 800 से 1000 लोगों की गिनती होगी।

घर-घर पूछे जाएंगे 34 सवाल, हर जानकारी होगी दर्ज

इस बार जनगणना सिर्फ लोगों की संख्या नहीं, बल्कि जीवनशैली तक का डेटा जुटाएगी:

  • मकान कच्चा या पक्का? कितने कमरे?
  • बिजली, पानी, शौचालय, गैस जैसी सुविधाएं
  • मोबाइल, टीवी, लैपटॉप, वाहन की जानकारी
  • परिवार का मुखिया कौन?
  • किस तरह का अनाज खाते हैं?

यानी सरकार हर घर का पूरा सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल मिलेगा।

7 से 21 मई: खुद भी कर सकते हैं ‘स्व-गणना’

गौरतलब है कि नागरिक पोर्टल पर जाकर खुद भी डेटा भर सकते हैं। मोबाइल नंबर से OTP के जरिए रजिस्ट्रेशन होगा। 11 अंकों की ID मिलेगी, जिसे बाद में दिखाना होगा। इससे प्रक्रिया तेज होगी और समय की बचत भी।

सावधान! OTP मांगे तो रहें अलर्ट

विदित है कि प्रशासन ने साफ कहा है कि जनगणना कर्मी कभी OTP नहीं मांगेंगे। हमेशा ID कार्ड देखकर ही जानकारी दें। साइबर ठगी से बचने के लिए जरूरी चेतावनी।

15 महीने तक प्रशासनिक सीमाएं रहेंगी फ्रीज

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि 31 दिसंबर 2025 से 31 मार्च 2027 तक प्रदेश में कोई नया गांव, तहसील या जिला नहीं बनेगा। ताकि डेटा में कोई गड़बड़ी न हो।

यूपी की असली तस्वीर सामने लाने वाला सबसे बड़ा सर्वे शुरू होने वाला है। यह जनगणना सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की योजनाओं की नींव है। सरकार की नीतियां, योजनाएं और संसाधनों का बंटवारा; सब कुछ इसी डेटा पर तय होगा। साफ है, 22 मई से शुरू होने वाला यह अभियान यूपी के भविष्य की दिशा तय करेगा।

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