बुलंदशहर/आगरा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक भूचाल आ गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने देर रात ऐसा फैसला लिया, जिसने पूरे ब्यूरोक्रेसी सिस्टम को हिला दिया। एक झटके में 40 IAS अफसरों का ट्रांसफर कर दिया गया। 15 जिलों के DM बदले गए। कई अफसरों को प्रमोशन, तो कुछ को हटाया गया। सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी कार्रवाई के पीछे क्या है वजह?
सबसे बड़ा फेरबदल;DM स्तर पर भारी बदलाव
यूपी में बदले गए जिलाधिकारी (DM) – प्रमुख लिस्ट
ये वो जिले हैं जहां नए DM तैनात किए गए:
झांसी – गौरांग राठी
सुल्तानपुर – इंद्रजीत सिंह
बुलंदशहर – कुमार हर्ष
श्रावस्ती – अन्नपूर्णा गर्ग
शामली – आलोक यादव
सहारनपुर – अरविंद Kumar चौहान
अमरोहा – नितिन गौड़
हमीरपुर – अभिषेक गोयल
रायबरेली – सरनजीत कौर
फतेहपुर – निधि गुप्ता वत्स
उन्नाव – घनश्याम मीना
लखीमपुर खीरी – अंजनी कुमार सिंह
मैनपुरी – इंद्रमणि त्रिपाठी
औरैया – ब्रजेश कुमार
आगरा – मनीष बंसल
ध्यान देने वाली बात यह है कि इनमें से कुछ डीएम दूसरे जिले से ट्रांसफर होकर आए हैं और कुछ को पहली बार DM बनाया गया है। इनमें सबसे चर्चित नाम आगरा के नए डीएम मनीष बंसल जी का है जो गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के डीएम मेधा रूपम के पति हैं। कुल मिलाकर 15 जिलों में बदलाव किया गया जिसमें 7 नए चेहरे पहली बार DM बने और 8 DM को इधर-उधर शिफ्ट किया गया
किन बड़े नामों पर गिरी गाज?
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि इस दौरान सबसे चर्चित कई फैसले रहे। किंजल सिंह को परिवहन आयुक्त पद से हटाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग भेजा गया। उनकी जगह आशुतोष निरंजन को नया परिवहन आयुक्त बनाया गया। बताया जा रहा है कि विभागीय मतभेद और कामकाज को लेकर असंतोष इसकी बड़ी वजह रहा वहीं दुर्गा शक्ति नागपाल को प्रमोशन देकर मंडलायुक्त बनाया गया। मनीष बंसल को सहारनपुर से आगरा DM बनाया गया
पावर सेक्टर और अन्य विभागों में भी बड़ा बदलाव
विदित है कि UPPCL के MD पंकज कुमार हटाए गए। नितीश कुमार को नया MD बनाया गया। MSME विभाग से भी जिम्मेदारियां बदली गईं। साफ है कि सरकार सिर्फ जिलों ही नहीं, पूरे सिस्टम को रीसेट मोड में ला रही है।
क्यों हुआ इतना बड़ा ट्रांसफर?
सूत्रों के मुताबिक, इसके पीछे कई वजहें हैं—
यानी यह सिर्फ ट्रांसफर नहीं पूरे प्रशासनिक ढांचे की ‘री-इंजीनियरिंग’ है।
कुछ फैसले जो चौंकाने वाले रहे
एक DM का ट्रांसफर पिता के निधन के 6 दिन बाद किया गया। कुछ अफसरों को अहम पद से हटाकर कम महत्व वाली पोस्टिंग दी गयी। कई जिलों में एक साथ बदलाव किया गया। इससे साफ है कि सरकार कड़े फैसले लेने से पीछे नहीं हट रही।
जिलों में क्या बदलेगा?
खासकर चुनाव से पहले यह बदलाव ग्राउंड लेवल पर असर डाल सकता है।
योगी सरकार के इस बड़े फैसले ने साफ संकेत दे दिया है कि काम नहीं, तो कुर्सी नहीं केवल परफॉर्मेंस ही प्राथमिकता है। अब देखने वाली बात होगी कि क्या ये नए DM और अफसर अपने जिलों की तस्वीर बदल पाएंगे।