नई दिल्ली : आज रात देशभर में एक अनोखा नजारा देखने को मिलेगा। घरों, दफ्तरों और सड़कों की लाइटें अचानक बंद हो जाएंगी। लेकिन ये अंधेरा डर का नहीं, बल्कि जागरूकता का होगा। ऊर्जा संरक्षण और पर्यावरण बचाने के संदेश के साथ आज शनिवार को ‘अर्थ ऑवर’ मनाया जा रहा है। इसके तहत रात 8:30 बजे से 9:30 बजे तक एक घंटे के लिए अनावश्यक बिजली बंद रखने की अपील की गई है।
क्या करना होगा आपको?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार और संस्थानों ने साफ निर्देश दिए हैं कि :
•घर, ऑफिस और दुकानों की फालतू लाइटें बंद करें
•गैर-जरूरी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बंद रखें
•सिर्फ जरूरी जगहों पर ही बिजली का इस्तेमाल करें
यानी एक घंटे के लिए “पावर सेव मोड” अपनाना है।
सरकारी स्तर पर भी सख्ती
राजस्थान राज्य विद्युत् प्रसारण निगम लिमिटेड ने अपने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि
•सभी सरकारी भवनों में अनावश्यक लाइटें बंद रहें
•कर्मचारियों को भी इस अभियान में शामिल किया जाए
साफ संदेश है कि बचत सिर्फ सलाह नहीं, जिम्मेदारी है।
क्या है ‘अर्थ ऑवर’?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ‘अर्थ ऑवर’ एक वैश्विक अभियान है, जिसे World Wide Fund for Nature (WWF) चलाता है। इसकी शुरुआत 2007, सिडनी में हुई थी अब यह 190+ देशों में मनाया जाता है। यह हर साल मार्च के आखिरी शनिवार को मनाया जाता है। इस साल के अर्थ ऑवर की थीम है। “Give An Hour For Earth” (पृथ्वी के लिए एक घंटा दें)
क्यों जरूरी है ये एक घंटा?
गौरतलब है कि आज बढ़ता प्रदूषण, ट्रैफिक और ऊर्जा खपत पर्यावरण पर भारी पड़ रही है। यह एक घंटा सिर्फ लाइट बंद करने का नहीं, बल्कि खुद से सवाल पूछने का है कि :
•क्या हम रोज बिजली बचाते हैं?
•क्या हम पर्यावरण के लिए जिम्मेदार हैं?
कैसा होगा आज का नजारा?
विदित है कि आज एक साथ लाखों घरों में अंधेरा हो जायेगा। शहरों की रोशनी अचानक कम होगी। Aur सोशल मीडिया पर जागरूकता की लहर दौड़ेगी। यह अंधेरा नहीं, बल्कि एकजुटता का प्रतीक होगा।
एक घंटे की यह पहल छोटी जरूर है, लेकिन इसका संदेश बहुत बड़ा है कि अगर हर व्यक्ति रोज थोड़ा-थोड़ा बचाए, तो पृथ्वी को बड़ा फायदा हो सकता है।