नई दिल्ली : राजधानी की सड़कों पर अब ट्रैफिक नियम तोड़ना सिर्फ जेब पर भारी नहीं पड़ेगा, बल्कि आपकी गाड़ी और ड्राइविंग लाइसेंस पर भी सीधा असर डालेगा। रेखा गुप्ता सरकार ने नई सख्त व्यवस्था लागू कर दी है, जिसमें 45 दिन के अंदर चालान निपटाना अनिवार्य होगा। समयसीमा चूके तो न सिर्फ जुर्माना बढ़ेगा, बल्कि वाहन से जुड़े कई काम भी ठप हो सकते हैं।
45 दिन की डेडलाइन; नहीं भरा चालान तो अपने आप मान्य
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चालान जारी होने के बाद 45 दिन का समय दिया जायेगा। इस दौरान या तो भुगतान करें या ऑनलाइन चुनौती दें। कुछ नहीं किया तो चालान ऑटोमैटिक स्वीकार कर लिये जाएंगे। इसके बाद सिर्फ 30 दिन में भुगतान अनिवार्य, नहीं तो और सख्त कार्रवाई तय है।
अब गाड़ी भी रुकेगी, काम भी अटकेंगे
गौरतलब है कि अगर तय समय में चालान नहीं भरा गया तो वाहन का टैक्स जमा नहीं कर पाएंगे। साथ ही RC, लाइसेंस या अन्य काम रुक जाएंगे। गाड़ी को पोर्टल पर “Not to be Transacted” मार्क किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो वाहन जब्त भी हो सकता है। यानी अब चालान टालना मतलब पूरी गाड़ी सिस्टम से ब्लॉक कर दिया जायेगा।
कोर्ट जाना है? पहले जमा करना होगा आधा पैसा
विदित है कि चालान को कोर्ट में चुनौती देने से पहले 50% राशि जमा करना जरूरी है। शिकायत खारिज हुई तो 30 दिन में पूरा भुगतान होगा। ऐसे में नियम साफ है कि बिना पैसे के अब कानूनी लड़ाई नहीं होगी।
बार-बार गलती की तो लाइसेंस पर सीधा वार
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि एक साल में 5 या ज्यादा उल्लंघन होने पर लाइसेंस सस्पेंड या रद्द हो सकता है। यानी अब आदत से मजबूर ड्राइवर्स पर सीधा एक्शन होगा।
पूरा सिस्टम हुआ डिजिटल, बचना अब मुश्किल
आपको बता दें कि चालान अब कैमरों और डिजिटल सिस्टम से ऑटो जनरेट होगा। 3 दिन में SMS/ऑनलाइन सूचना देना होगा। 15 दिन में फिजिकल नोटिस मिलेगी। पारदर्शिता भी बढ़ेगी और चालान से बचने के रास्ते भी बंद होंगे।
सरकार की सख्त चेतावनी
गौरतलब है कि सरकार ने साफ कहा है कि मोबाइल नंबर और पता अपडेट रखें। हर चालान का रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा। शिकायत का फैसला 30 दिन में होगा और लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं होगी।
अब ट्रैफिक नियम तोड़ना भारी पड़ेगा। दिल्ली में लागू यह नया सिस्टम साफ संदेश देता है कि अब चालान सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि आपकी ड्राइविंग लाइफलाइन बन चुका है। समय पर भुगतान नहीं किया तो गाड़ी भी रुकेगी, लाइसेंस भी खतरे में पड़ेगा और रोजमर्रा के काम भी ठप हो सकते हैं।