दिल्ली CM रेखा गुप्ता का सख्त फैसला!: अब ऑफिस लेट आने वालों की खैर नहीं, हर सरकारी कर्मचारी के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस हुआ अनिवार्य, अब लेट आने पर...जानें क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला और आम लोगों को इसके फायदे_एक नजर
दिल्ली CM रेखा गुप्ता का सख्त फैसला!

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में अब सरकारी दफ्तरों की कार्यशैली पूरी तरह बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी विभागों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। अब छोटे कर्मचारी हों या बड़े अफसर; हर किसी को फिंगरप्रिंट या बायोमेट्रिक मशीन से ही हाजिरी दर्ज करनी होगी। मनमर्जी और लेटलतीफी पर सरकार ने सीधा सख्त रुख अपनाया है।

समय की पाबंदी अब अनिवार्य

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि नई व्यवस्था के तहत -

•GNCTD दफ्तर (दिल्ली सरकार दफ्तर): सुबह 9:30 बजे से शाम 6 बजे तक
•MCD दफ्तर: सुबह 9 बजे से शाम 5:30 बजे तक

तय समय पर उपस्थित न होने पर कार्रवाई तय मानी जा रही है।

अब नहीं चलेगी ‘लेट-लतीफी’

गौरतलब है कि सरकार ने साफ कर दिया है देर से आने वाले, जल्दी दफ्तर छोड़ने वाले या हाजिरी न लगाने वाले सभी की पहचान बायोमेट्रिक डेटा से तुरंत हो जाएगी और कार्रवाई भी होगी।

रोज बनेगी रिपोर्ट, सीधे CM तक पहुंचेगी

गौरतलब है कि नई व्यवस्था में निगरानी बेहद सख्त होगी। रोजाना दोपहर तक अटेंडेंस रिपोर्ट तैयार करना होगा। विभागीय प्रमुखों को भेजी जाएगी। मासिक रिपोर्ट सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचेगी। यानी अब हर कर्मचारी का टाइम रिकॉर्ड “ऊपर तक” जाएगा।

क्यों लिया गया इतना बड़ा फैसला?

आपको बता दें कि सूत्रों के मुताबिक हाल ही में एक निरीक्षण के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी ऑफिस से गायब मिले, इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए। इसके बाद ही सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया गया।

अफसर हो या कर्मचारी; सबके लिए एक नियम

विदित है कि सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, प्रिंसिपल सेक्रेटरी और विभागाध्यक्ष सभी पर वही नियम लागू होंगे जो एक सामान्य कर्मचारी पर हैं।

सरकार का लक्ष्य; व आम लोगों पर इसके फायदे?

आपको बता दें कि इस फैसले से सरकार चाहती है कि दफ्तरों में अनुशासन और जवाबदेही बढ़े, इससे आम आदमी के फाइलों का निपटारा तेजी से हो और जनता को समय पर सेवाएं मिलें साथ ही कर्मचारियों की लापरवाही खत्म हो।

दिल्ली सरकार का यह कदम प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। अब सरकारी दफ्तरों में “हाजिरी” सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जवाबदेही का पैमाना बन जाएगी। सरकार का संदेश साफ है कि अब ऑफिस में काम करना है तो टाइम पर आना ही होगा, वरना सिस्टम खुद जान जायेगा कि आप लापरवाही कर रहें हैं।

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