नई दिल्ली : सरकारी योजनाओं का लाभ लेने वालों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि अब आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि को अंतिम प्रमाण नहीं माना जाएगा। यानि अब सिर्फ आधार दिखाकर उम्र साबित करना आसान नहीं होगा। नए नियमों के तहत अन्य दस्तावेज जरूरी होंगे।
क्या बदला है नियम?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार—
•आधार कार्ड अब केवल पहचान (Identity Proof) के रूप में मान्य होगा
•जन्मतिथि (DOB) के लिए आधार अंतिम प्रमाण नहीं रहेगा
यानी अब “आधार में उम्र है, तो मान्य है” यह नियम खत्म, हो जाएगा।
अब कौन से दस्तावेज होंगे मान्य?
विदित है कि सरकार ने उम्र साबित करने के लिए दो दस्तावेजों को प्राथमिकता दी है—
•शैक्षिक प्रमाण पत्र (स्कूल/बोर्ड सर्टिफिकेट)
•परिवार कुटुंब रजिस्टर (Family Register)
इन दस्तावेजों को इसलिए चुना गया क्योंकि ये सरकारी सत्यापन के बाद तैयार होते हैं।
क्यों लिया गया ये फैसला?
आपको बता दें कि सरकार का कहना है कि आधार में दर्ज जन्मतिथि कई बार स्व-घोषित (Self-declared) होती है। इससे गलत तरीके से योजनाओं का फायदा उठाने की आशंका रहती है। इसलिए अब सटीक और प्रमाणित डेटा पर जोर दिया जाएगा।
किन योजनाओं पर पड़ेगा असर?
इस बदलाव का असर खासकर उन योजनाओं पर पड़ेगा जहां उम्र अहम होती है जैसे वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन और सामूहिक विवाह योजना; अब इन योजनाओं में आधार की DOB मान्य नहीं होगी।
पहले क्या था नियम?
गौरतलब है कि पहले आधार ही पहचान और उम्र दोनों का प्रमाण था। अलग से जन्मतिथि का सत्यापन नहीं होता था। अब यह व्यवस्था पूरी तरह बदल दी गई है।
क्या है परिवार कुटुंब रजिस्टर?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फैमिली रजिस्टर एक सरकारी दस्तावेज होता है। यह ग्राम पंचायत/नगर निकाय द्वारा जारी होता है। इसमें परिवार के सभी सदस्यों की जानकारी दर्ज होती है। इसमें उम्र, संबंध, जाति, पेशा आदि का रिकॉर्ड होता है। इसे “फैमिली आईडी” या “परिवार रजिस्टर नकल” भी कहा जाता है।
आम लोगों के लिए क्या जरूरी?
गौरतलब है कि अब अगर आप किसी सरकारी योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो सिर्फ आधार पर भरोसा न करें। अपने शैक्षिक प्रमाण पत्र तैयार रखें। परिवार रजिस्टर अपडेट रखें।
सरकार का मकसद साफ है कि फर्जी लाभ रोकना और सही पात्र को फायदा देना। लेकिन आम लोगों के लिए यह बदलाव थोड़ा झंझट बढ़ा सकता है, क्योंकि अब एक अतिरिक्त दस्तावेज दिखाना जरूरी होगा।