सीबीएसई ने स्कूल पढ़ाई के नतीजों में किया बड़ा बदलाव!: कक्षा छह से 3 भाषाएं पढ़ना हुआ अनिवार्य, बिना पास नहीं दे पाएंगे 10वीं बोर्ड परीक्षा, वहीं 9वीं से गणित-साइंस में...जानें किन नियमों में किया गया बदलाव और कब से होगा लागू_एक नजर
सीबीएसई ने स्कूल पढ़ाई के नतीजों में किया बड़ा बदलाव!

नई दिल्ली: देश के लाखों छात्रों की पढ़ाई में बड़ा बदलाव करते हुए Central Board of Secondary Education (CBSE) ने नया करिकुलम 2026-27 लागू करने का ऐलान कर दिया है। अब कक्षा 6 से हर छात्र को तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा, और इनमें से कम से कम दो भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। सबसे बड़ी बात है कि तीसरी भाषा में पास हुए बिना छात्र 10वीं बोर्ड परीक्षा में बैठ ही नहीं सकेंगे।

क्या है नया नियम? आसान भाषा में समझें

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अब तक छात्र सिर्फ 2 भाषाएं पढ़ते थे। लेकिन अब कक्षा 6 से 3 भाषाएं अनिवार्य होंगी। इनमें से 2 भारतीय भाषाएं होना जरूरी है। यानी अब सिर्फ इंग्लिश और विदेशी भाषा से काम नहीं चलेगा।

NEP 2020 का असर, 2031 तक पूरा लागू

गौरतलब है कि यह बदलाव National Education Policy 2020 (NEP 2020) के तहत किया जा रहा है। इसकी शुरुआत 2026-27 से होगी। धीरे-धीरे सभी क्लास में लागू होगा। यह 2031 तक पूरी तरह लागू हो जाएगा। CBSE चेयरमैन राहुल सिंह के अनुसार, यह कदम छात्रों को भाषाई रूप से मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है।

10वीं बोर्ड पर बड़ा असर

गौरतलब है कि तीसरी भाषा (R3) अब सिर्फ एक विषय नहीं, बल्कि बोर्ड परीक्षा की अनिवार्य शर्त बनने जा रही है। अगर छात्र तीसरी भाषा में पास नहीं होगा तो 10वीं बोर्ड परीक्षा नहीं दे पाएगा।

कौन-कौन से छात्रों को मिल सकती है छूट?

विदित है कि इस नए नियम से दिव्यांग छात्रों को एक भाषा में छूट मिल सकती है, साथ ही विदेश से लौटे छात्रों को विशेष परिस्थितियों में राहत मिलेगी।

9वीं से मैथ्स-साइंस में नया ‘डबल सिस्टम’

विदित है कि सीबीएसई ने सिर्फ भाषा ही नहीं, बल्कि पढ़ाई का पूरा ढांचा बदल दिया है। 9वीं से मैथ्स और साइंस में दो लेवल होंगे

  1. स्टैंडर्ड (सभी के लिए अनिवार्य)
  2. एडवांस (ऑप्शनल)

एडवांस चुनने पर 25 अंकों की अलग परीक्षा होगा।। साथ ही मार्कशीट में “एडवांस पास” का टैग दिया जायेगा। लेकिन ये अंक कुल प्रतिशत में नहीं जुड़ेंगे

अन्य बदलाव भी कम नहीं

आपको बता दें कि आर्ट एजुकेशन अनिवार्य कर दिया गया है। अब वोकेशनल (स्किल) एजुकेशन जरूरी है। फिजिकल एजुकेशन भी अब कंपलसरी होगा। यानी पढ़ाई अब सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहेगी।

कब से लागू होगा नया सिस्टम?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 2026-27 से कक्षा 6 और 9 में शुरुआत होगी। 2028 में पहली बार 10वीं बोर्ड नए पैटर्न से लागू होगा। इस तरह 2031 तक पूरी तरह से लागू हो जायेगा।

CBSE का यह फैसला छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव है। ज्यादा भाषाएं यानी ज्यादा मेहनत होगा। लेकिन साथ ही बेहतर स्किल और अवसर मिलेगा। बड़ा सवाल अब यही है कि “क्या छात्र इस नए सिस्टम के लिए तैयार हैं?” या फिर यह बदलाव उनके लिए नई चुनौती बन जाएगा?

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