दिल्ली मेट्रो का अब तक का सबसे बड़ा विस्तार!: 16 नए रूट और 123 नए स्टेशनों से बदलेगी NCR की तस्वीर, डबल डेकर मेट्रो कॉरिडोर भी बनेगा आकर्षण का केंद्र, जानें क्या रहेगा इसका पूरा रूट और कौन-कौन से नए स्टेशनों का होगा निर्माण
दिल्ली मेट्रो का अब तक का सबसे बड़ा विस्तार!

नई दिल्ली: दिल्लीवासियों के लिए आने वाले वर्षों में मेट्रो यात्रा पहले से कहीं अधिक आसान और तेज होने वाली है। राजधानी में दिल्ली मेट्रो के अब तक के सबसे बड़े विस्तार पर तेजी से काम किया जा रहा है। फेज-4, फेज-5(A) और फेज-5(B) के तहत कुल 16 नए मेट्रो कॉरिडोर, लगभग 217 किलोमीटर का नया नेटवर्क और 123 नए मेट्रो स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य राजधानी के दूरदराज क्षेत्रों, नई कॉलोनियों, गांवों और एनसीआर के कई हिस्सों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना है।

राजधानी के हर कोने तक पहुंचेगी मेट्रो

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस विस्तार के बाद नरेला, बवाना, नजफगढ़, रोहिणी, पालम, तुगलकाबाद, मयूर विहार, शास्त्री पार्क, जोरबाग, मजलिस पार्क, मौजपुर, कालिंदी कुंज, आरके आश्रम मार्ग और कई अन्य इलाकों को नई मेट्रो लाइनों से जोड़ा जाएगा। इससे लाखों यात्रियों का सफर आसान होगा और निजी वाहनों पर निर्भरता भी कम होने की उम्मीद है।

फेज-4 में बन रहे 6 बड़े कॉरिडोर

गौरतलब है कि फेज-4 के अंतर्गत छह प्रमुख मेट्रो कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं। इनमें जनकपुरी वेस्ट से आरके आश्रम मार्ग, तुगलकाबाद से एरोसिटी, मजलिस पार्क से मौजपुर, इंद्रलोक से इंद्रप्रस्थ, लाजपत नगर से साकेत जी-ब्लॉक और रिठाला से नरेला-कुंडली तक के विस्तार शामिल हैं। इन नए रूटों से पश्चिम, उत्तर, दक्षिण और पूर्वी दिल्ली के बीच यात्रा अधिक सुविधाजनक होगी। कई नए इंटरचेंज बनने से यात्रियों को बार-बार ट्रेन बदलने की आवश्यकता भी कम होगी।

फेज-5(A) से मिलेगी बेहतर एयरपोर्ट और सेंट्रल दिल्ली कनेक्टिविटी

विदित है कि फेज-5(A) के तहत तीन महत्वपूर्ण कॉरिडोर प्रस्तावित हैं। इनमें आरके आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ, एरोसिटी से आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक के रूट शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद केंद्रीय दिल्ली, सरकारी कार्यालयों, भारत मंडपम, एयरपोर्ट और दक्षिणी दिल्ली के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगी।

फेज-5(B) में होगा सबसे बड़ा विस्तार

दिल्ली मेट्रो के सबसे बड़े विस्तार का केंद्र फेज-5(B) होगा। इस चरण में सात नए कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे, जिनमें लगभग 97 किलोमीटर का नेटवर्क और 65 नए स्टेशन शामिल होंगे। इन रूटों के जरिए ढांसा बस स्टैंड से नांगलोई, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट से किशनगढ़, समयपुर बादली से नरेला, कीर्ति नगर से पालम, जोरबाग से मीठापुर, शास्त्री पार्क से मयूर विहार फेज-3 और केशवपुरम से रोहिणी सेक्टर-34 तक मेट्रो सेवा पहुंचाई जाएगी।

इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या भी बढ़ेगी

इस महा विस्तार के बाद दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या में भी बड़ा इजाफा होगा। इससे यात्रियों को एक लाइन से दूसरी लाइन में आसानी से स्थानांतरण की सुविधा मिलेगी और राजधानी के लगभग हर हिस्से तक कम समय में पहुंचना संभव होगा।

डबल डेकर मेट्रो कॉरिडोर भी बनेगा आकर्षण

दिल्ली मेट्रो विस्तार की सबसे खास परियोजनाओं में कुछ डबल डेकर कॉरिडोर भी शामिल हैं। जहां एक ही संरचना पर नीचे सड़क यातायात और ऊपर मेट्रो ट्रैक विकसित किए जाएंगे। इससे भूमि का बेहतर उपयोग होगा और ट्रैफिक प्रबंधन में भी सहायता मिलेगी।

एनसीआर को भी मिलेगा बड़ा फायदा

यह विस्तार केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। नए कॉरिडोर के जरिए हरियाणा के कुंडली, सोनीपत तथा एनसीआर के अन्य क्षेत्रों तक बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने की योजना है। इससे दिल्ली और आसपास के शहरों के बीच आवागमन अधिक सुगम होने की उम्मीद है।

यात्रियों के लिए क्या बदलेगा?

इस पूरे विस्तार के बाद लाखों यात्रियों को कम समय में यात्रा, अधिक इंटरचेंज विकल्प, भीड़ में कमी और राजधानी के नए इलाकों तक तेज सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिल सकेगी। साथ ही सड़क यातायात का दबाव कम होने और प्रदूषण घटाने में भी इस परियोजना की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जा रही है।

दिल्ली मेट्रो का यह महा विस्तार आने वाले वर्षों में राजधानी के सार्वजनिक परिवहन की तस्वीर बदल सकता है और दिल्ली को देश के सबसे व्यापक मेट्रो नेटवर्क वाले शहरों में और मजबूत स्थान दिला सकता है।

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