हरियाणा : हरियाणा में अब गन कल्चर और अश्लीलता को बढ़ावा देने वाले (गंद कल्चर) गानों पर सरकार बड़ा एक्शन ले सकती है। राज्य महिला आयोग ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर ऐसे हरियाणवी गानों और उनसे जुड़े कलाकारों के लाइव शो पर रोक लगाने के लिए सख्त नीति बनाने की सिफारिश की है। यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो आने वाले समय में हरियाणा की म्यूजिक इंडस्ट्री में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
क्यों उठी कार्रवाई की मांग?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महिला आयोग का कहना है कि हाल के वर्षों में कई हरियाणवी गानों में हथियारों का खुला प्रदर्शन किया, गैंगस्टर और अपराध का महिमामंडन किया, महिलाओं के लिए आपत्तिजनक और अश्लील शब्द बढ़ रहे, हिंसा और आक्रामकता को “स्टाइल” के रूप में पेश किया जा रहा है। आयोग के मुताबिक इसका सीधा असर युवाओं और स्कूली-कॉलेज छात्रों पर पड़ रहा है, जो ऐसे गानों से प्रभावित होकर गलत व्यवहार और हिंसक संस्कृति की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
सिर्फ गाने नहीं, कलाकारों के शो भी रडार पर
गौरतलब है कि महिला आयोग ने सुझाव दिया है कि जिन कलाकारों के गानों में गन कल्चर, हिंसा या अश्लीलता हो उनके लाइव कॉन्सर्ट, स्टेज शो और पब्लिक प्रोग्राम पर भी प्रतिबंध लगाया जाए। प्रशासन को ऐसे आयोजनों की अनुमति देने से पहले कंटेंट की जांच करनी चाहिए। यानी कार्रवाई सिर्फ गानों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मंचों तक पहुंच सकती है।
पहले ही 67 गाने रडार पर
सूत्रों के अनुसार हरियाणा पुलिस ने पहले ही कई गानों को आपत्तिजनक मानते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल 67 गाने चिन्हित किए गए हैं। जिसके तहत 29 कलाकार निगरानी सूची में हैं। आरोप है कि इन गानों में गैंगस्टर, हथियार और अराजकता का महिमामंडन किया गया है। इन गानों को सार्वजनिक मंचों पर बजाने पर रोक लगाने की तैयारी बताई जा रही है।
सरकार से क्या मांगा गया?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि महिला आयोग ने सरकार से मांग की है कि
समाज में मिला समर्थन
गौरतलब है कि इस मुद्दे पर कई सामाजिक संगठनों और खाप पंचायतों ने भी सख्ती का समर्थन किया है। उनका कहना है कि छोटे बच्चे बदमाशी और हथियार वाले गानों पर रील बना रहे हैं। कम उम्र में हथियारों और अपराध का ग्लैमर बढ़ रहा है। यह सांस्कृतिक और सामाजिक संतुलन के लिए खतरनाक संकेत है।
क्या बदल सकती है हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री?
विदित है कि अगर सरकार सिफारिशों पर अमल करती है तो कंटेंट क्रिएटर्स को गीतों की भाषा और विषय बदलने पड़ सकते हैं, स्टेज शो की स्क्रूटनी बढ़ेगी और गन/गैंगस्टर आधारित गानों का दौर सीमित हो सकता है। “क्लीन कंटेंट” की मांग भी बढ़ सकती है।
हरियाणा सरकार अब मनोरंजन के नाम पर परोसे जा रहे हिंसक और अश्लील कंटेंट पर लगाम लगाने की तैयारी में दिख रही है। यदि यह नीति लागू होती है, तो यह राज्य की सांस्कृतिक दिशा बदलने वाला बड़ा कदम साबित हो सकता है।