प्रयागराज : प्रयागराज आने के दौरान रीवा एक्सप्रेस में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। श्रीकृष्ण जन्मभूमि प्रकरण के मुख्य वादी आशुतोष ब्रह्मचारी पर चलती ट्रेन में धारदार हथियार से जानलेवा हमला किए जाने का आरोप लगा है। आशुतोष ब्रह्मचारी का दावा है कि हमलावर ने उनकी नाक काटने की कोशिश की और कई बार हमला किया, जिससे उन्हें चोटें आईं। किसी तरह उन्होंने ट्रेन के बाथरूम में खुद को बंद करके अपनी जान बचाई। घटना की जानकारी मिलते ही प्रयागराज में हड़कंप मच गया है। पीड़ित ने इस मामले में जीआरपी थाने में लिखित शिकायत दी है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
ट्रेन के टॉयलेट में छिपकर बचाई जान
आपको बता दें कि आशुतोष ब्रह्मचारी के अनुसार, यह हमला उस समय हुआ जब वे रीवा एक्सप्रेस से प्रयागराज आ रहे थे। उनका कहना है कि ट्रेन फतेहपुर और कौशांबी जिले के सिराथू रेलवे स्टेशन के बीच पहुंचने वाली थी। उसी दौरान वे टॉयलेट जाने के लिए अपनी सीट से उठे। इसी बीच अचानक एक व्यक्ति उनके पास आया और धारदार हथियार से हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि हमलावर ने सीधे उनके चेहरे और नाक पर वार करने की कोशिश की। अचानक हुए इस हमले से ट्रेन के डिब्बे में अफरा-तफरी मच गई। आशुतोष ब्रह्मचारी के मुताबिक, उन्होंने किसी तरह हमलावर से खुद को बचाया और तुरंत ट्रेन के बाथरूम में जाकर अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। वहीं से उन्होंने जीआरपी कंट्रोल रूम को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी।
नाक काटने के लिए इनाम की घोषणा का आरोप
गौरतलब है कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने आरोप लगाया है कि उनकी नाक काटने के लिए पहले से इनाम घोषित किया गया था। उनका दावा है कि इसी घोषणा के तहत यह हमला करवाया गया। उन्होंने इस पूरे हमले के पीछे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके कुछ सहयोगियों पर साजिश रचने का आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
हमले में कई जगह लगी चोट
आपको बता दें कि हमले के दौरान आशुतोष ब्रह्मचारी के चेहरे, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। घटना के बाद उन्हें प्रयागराज पहुंचने पर मेडिकल जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उनकी चोटों का इलाज किया और मेडिकल रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जो जांच का हिस्सा बनेगी।
हाईकोर्ट में पैरवी के लिए जा रहे थे प्रयागराज
विदित है कि आशुतोष ब्रह्मचारी का कहना है कि वे इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रहे दो मामलों की पैरवी के लिए प्रयागराज जा रहे थे। इनमें से एक मामला पॉक्सो एक्ट से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें उन्हें अदालत में जवाब दाखिल करना था। इसके अलावा श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से जुड़े मामले की भी जल्द सुनवाई होनी है, जिसके सिलसिले में वे प्रयागराज आ रहे थे।
घटना से फैली सनसनी
चलती ट्रेन में इस तरह हुए हमले की खबर सामने आते ही सनसनी फैल गई है। खासकर इसलिए क्योंकि मामला श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद और धार्मिक विवादों से जुड़ा बताया जा रहा है। प्रयागराज जीआरपी पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमलावर कौन था और उसके पीछे कोई साजिश थी या नहीं।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद से संबंध :
विदित है कि वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट से जुड़े बताए जाते हैं। इस मुद्दे से जुड़े कुछ मामलों में वादी (याचिकाकर्ता) के रूप में सक्रिय रहे हैं। जन्मभूमि विवाद से जुड़े कानूनी मामलों की पैरवी के लिए अक्सर अदालत जाते रहते हैं। यानी उनका कनेक्शन मंदिर विवाद के कानूनी केस और ट्रस्ट की गतिविधियों से जुड़ा माना जाता है।
कौन हैं आशुतोष ब्रह्मचारी
आशुतोष ब्रह्मचारी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कांधला क्षेत्र के रहने वाले हैं। उनका पहले नाम आशुतोष पांडेय बताया जाता है। उन्होंने 2022 में जगद्गुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा लेकर संन्यास जीवन अपनाया। वे श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट से भी जुड़े हुए बताए जाते हैं और कई धार्मिक तथा कानूनी मामलों में सक्रिय रहे हैं।
फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर रही है। ट्रेन में मौजूद यात्रियों से भी पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमला करने वाला व्यक्ति कौन था और वह ट्रेन में कैसे चढ़ा। इस घटना ने एक बार फिर ट्रेन यात्राओं की सुरक्षा और संवेदनशील मामलों से जुड़े लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।