हरियाणा में गैंगस्टर-लाइफस्टाइल को बढ़ावा देने वाले सिंगर्स पर बड़ी कार्रवाई!: मासूम शर्मा के 19 गानें आपत्तिजनक घोषित, तो वहीं कुल 29 सिंगर्स को...जानें कार्रवाई की वजह?
हरियाणा में गैंगस्टर-लाइफस्टाइल को बढ़ावा देने वाले सिंगर्स पर बड़ी कार्रवाई!

हरियाणा : हरियाणा के लोकप्रिय सिंगर मासूम शर्मा अब विवादों के घेरे में हैं। पुलिस ने 67 गानों की सूची जारी की है जिन्हें “हिंसा, अराजकता और गैंगस्टर कल्चर को बढ़ावा देने वाला” करार दिया गया है और इनमें से 19 गाने अकेले मासूम शर्मा के हैं। राज्य पुलिस की हिट लिस्ट में कुल 29 सिंगर शामिल किए गए हैं। यह हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।

"कोर्ट में गोली" और "ट्यूशन बदमाशी" जैसे गाने बने विवाद का केंद्र :

आपको बता दें कि हरियाणा पुलिस की साइबर यूनिट और एसटीएफ के मुताबिक, ऐसे कई गाने हैं जो सीधे कानून और समाज के खिलाफ संदेश देते हैं। सबसे ज्यादा विवाद में आया है गाना - “भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान मखा जज के भी आवेंगे पसीने…”

यह गीत यूट्यूब पर 32 लाख से ज्यादा बार देखा गया है। पुलिस ने इसे न्यायपालिका का अपमान और हिंसा का महिमामंडन बताया है। इसी तरह ‘ट्यूशन बदमाशी का’ गाने पर भी सख्त कार्रवाई की गई है। इसके बोल - “तेरे यार ने खोला सेंटर, ट्यूशन दे बदमाशी का…”
पुलिस के अनुसार, युवाओं को अपराध का “कोर्स” सिखाने वाला यह गाना समाज के लिए खतरनाक है।

हटाए गए गानों पर करोड़ों व्यूज :

गौरतलब है कि मासूम शर्मा के कई हिट गाने अब यूट्यूब और अन्य प्लेटफॉर्म्स से हटाए जा चुके हैं —

गाना व्यूज (मिलियन में)

60 मुकादमे 90M
ट्यूशन बदमाशी का 250M
बदनाम गबरू 200M
चंबल के डाकू 250M
2 नंबरी 250M
2 खटोले 40M
2 दादा 60M
4.5 का पिस्टल 50M
2 बंदे 40M
पानीपत की लड़ाई 40M
जैंटलमेन 40M
मेरे खास यें मित्र 75M
जेलर 30M
रोहतक कब्जा 12M

इन गानों पर कुल व्यूज 1.43 बिलियन से ज्यादा है। पुलिस का कहना है कि “इतने बड़े दर्शक वर्ग के बीच ऐसे गानों का असर बेहद गहरा है, और यह अपराध की मानसिकता को सामान्य बनाता है।”

पुलिस बोली; यह समाज के लिए खतरा है :

विदित है कि एसटीएफ के आईजी सतीश बालन ने बताया कि “ये गाने युवाओं में गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा देते हैं। गायक, लेखक और म्यूजिक प्रोड्यूसर्स को स्पष्ट चेतावनी दी गई है। अब हिंसा या हथियारों का महिमामंडन बर्दाश्त नहीं होगा।” पुलिस ने कहा कि इस तरह की सामग्री “डर और अपराधी प्रवृत्ति” फैलाती है, जिससे समाज में असुरक्षा बढ़ती है।

मासूम शर्मा का पलटवार; “सिर्फ कलाकारों को निशाना क्यों?”

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुलिस कार्रवाई पर मासूम शर्मा ने खुलकर विरोध जताया है। उन्होंने कहा कि “अगर सरकार गन कल्चर खत्म करना चाहती है तो पूरे देश पर एक जैसा कानून लागू करे, सिर्फ हरियाणा पर नहीं। क्या कुछ गाने हटाने से अपराध रुक जाएगा? हम भी पंजाब के ऐसे गाने सुनकर बड़े हुए हैं। अगर हरियाणवी म्यूजिक को दबाओगे, तो लोग फिर वही सुनेंगे।” मासूम ने आगे कहा कि सरकार को सिर्फ सिंगर्स पर नहीं, बल्कि उन ऐप्स और प्लेटफॉर्म्स पर भी कार्रवाई करनी चाहिए जो युवाओं को गलत दिशा में ले जा रहे हैं “जुए और अश्लीलता फैलाने वाले कंटेंट पर बैन क्यों नहीं?”

हरियाणा पुलिस की ‘ब्लैकलिस्ट’ में इन सिंगरों के नाम भी :

नरेंद्र भगाना
अमित सैनी रोहतकिया
आशु ट्विंकल
मनीषा शर्मा
गजेंद्र फोगाट
अंकित बालियान

इन सभी सिंगरों के गानों पर भी प्रतिबंध की कार्रवाई चल रही है। पुलिस ने बताया कि यह सिर्फ शुरुआत है, आने वाले दिनों में और गानों की जांच होगी।

विशेषज्ञ बोले; डिजिटल असर गहरा, जिम्मेदारी जरूरी :

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि इन गानों में “हिंसा को मर्दानगी” और “गन को ग्लैमर” की तरह दिखाया जाता है, जो युवाओं की सोच को प्रभावित करता है। हरियाणा यूनिवर्सिटी के प्रो. रवि मलिक कहते हैं कि “म्यूजिक मनोरंजन नहीं, समाज की दिशा भी तय करता है। कलाकारों को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।”

हरियाणा पुलिस की इस कार्रवाई ने पूरे म्यूजिक इंडस्ट्री में हड़कंप मचा दिया है। एक ओर सरकार इसे सामाजिक सुधार की दिशा में साहसिक कदम बता रही है, तो दूसरी ओर सिंगर्स इसे रचनात्मक स्वतंत्रता पर हमला मान रहे हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि इस कदम से अपराध कल्चर वाले गानों पर कितनी लगाम लगेगी।

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