जानें कौन थे 'फरसा वाले बाबा' जिनकी मौत से मथुरा मे मचा बवाल!: नाम से ही काँपते थे गौ-तस्कर, गौ-रक्षकों की टीम...मृत्यु पर आक्रोशित समर्थकों ने रखी प्रशासन के समक्ष ये प्रमुख माँग?
जानें कौन थे 'फरसा वाले बाबा' जिनकी मौत से मथुरा मे मचा बवाल!

मथुरा : मथुरा के कोसीकलां इलाके में ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से मशहूर गौ-रक्षक चंद्रशेखर की मौत के बाद हालात अचानक बिगड़ गए। गुस्साए लोगों ने दिल्ली-आगरा हाईवे जाम कर दिया, पुलिस पर पथराव हुआ और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। घटना ने पूरे इलाके में तनाव पैदा कर दिया है। प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया है, जबकि सरकार ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

कौन थे ‘फरसा वाले बाबा’?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चंद्रशेखर, जिन्हें लोग ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जानते थे, मथुरा और आसपास के इलाकों में गौ-रक्षा के लिए सक्रिय थे। वह हमेशा अपने साथ फरसा (कुल्हाड़ी जैसा शस्त्र) रखते थे। इसी वजह से उनकी पहचान ‘फरसा वाले बाबा’ के रूप में बनी। उन्होंने स्थानीय स्तर पर गोरक्षकों की एक टीम तैयार कर रखी थी। इलाके में अवैध गौ-तस्करी रोकने के लिए लगातार सक्रिय रहते थे। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह घायल और आवारा गायों की सेवा करते थे, उनके लिए गोशाला चलाते थे और मृत गायों का अंतिम संस्कार भी कराते थे।

घटना वाले दिन क्या हुआ?

गौरतलब है कि पुलिस के मुताबिक, चंद्रशेखर को गौ-तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद वह बाइक से संदिग्ध वाहन का पीछा करने निकले। यहीं से घटना को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने आए हैं:

समर्थकों का आरोप: तस्करों ने जानबूझकर वाहन से कुचलकर हत्या की

पुलिस का प्रारंभिक पक्ष: यह एक सड़क हादसा हो सकता है, जिसमें पीछे से आई गाड़ी की टक्कर से मौत हुई।

इसी विरोधाभास ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

मौत के बाद समर्थकों ने की ये बड़ी माँग

विदित है कि जैसे ही मौत की खबर फैली, हजारों लोग सड़क पर उतर आए। दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम लगाया गया। पुलिस के साथ झड़प और पथराव हुआ। कई वाहनों को नुकसान पहुंचा। स्थिति संभालने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा। समर्थकों की मांग है कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। मामले की निष्पक्ष जांच हो। बाबा को “गौ-रक्षक शहीद” का दर्जा दिया जाए।

पुलिस की कार्रवाई

आपको बता दें कि पुलिस ने अब तक एक आरोपी को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। अधिकारियों के अनुसार कई टीमें बनाई गई हैं, आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी की गई है और मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है।

इलाके में तनाव, प्रशासन अलर्ट

घटना के बाद मथुरा और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है ताकि स्थिति और न बिगड़े।

मुख्य सवाल जो अब भी बाकी हैं

क्या यह सुनियोजित हमला था या महज हादसा?

क्या गौ-तस्करी से जुड़ा कोई बड़ा नेटवर्क इसमें शामिल है?

क्या जांच के बाद कहानी बदल सकती है?

‘फरसा वाले बाबा’ की मौत अब सिर्फ एक हादसा या अपराध नहीं रह गई है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था और संवेदनशील सामाजिक मुद्दों से जुड़ा मामला बन चुका है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा ही तय करेगी कि यह मामला हत्या है या दुर्घटना और क्या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है।

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