अब अचानक से नहीं बजेगा फोन का तेज सायरन!: सरकार ने इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम पर लगाई अस्थायी रोक, तूफान-बारिश के समय भेजी जाती थी चेतावनी, लेकिन इंटरनेट...जानिए सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस बंद करने की बड़ी वजह, एक नजर
अब अचानक से नहीं बजेगा फोन का तेज सायरन!

नई दिल्ली : अगर पिछले कुछ दिनों में आपके मोबाइल फोन पर अचानक तेज आवाज के साथ कोई चेतावनी संदेश आया था और स्क्रीन पर इमरजेंसी अलर्ट दिखाई दिया था, तो अब फिलहाल ऐसा नहीं होगा। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने देश में चल रही सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सर्विस को अस्थायी रूप से रोक दिया है। सरकार ने इस सेवा को आपदा या आपात स्थिति में लोगों तक तुरंत चेतावनी पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया था। हालांकि अब अगले आदेश तक यह अलर्ट सिस्टम बंद रहेगा।

मई में शुरू हुई थी खास इमरजेंसी सेवा

आपको बता दें कि सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम को मई महीने में आधिकारिक रूप से शुरू किया गया था। इसका मकसद प्राकृतिक आपदा या किसी बड़े खतरे की स्थिति में नागरिकों को कुछ ही सेकेंड में अलर्ट भेजना था। इस सिस्टम के जरिए मोबाइल स्क्रीन पर अचानक एक पॉपअप मैसेज दिखाई देता था और फोन तेज आवाज के साथ बजने लगता था, ताकि यूजर तुरंत उस चेतावनी पर ध्यान दे सके। कुछ स्मार्टफोन में यह अलर्ट मैसेज पढ़कर सुनाने की सुविधा भी देता था।

क्यों बंद की गई सेल ब्रॉडकास्ट सर्विस?

गौरतलब है कि NDMA की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक इस सेवा को सावधानी के तौर पर अस्थायी रूप से रोका गया है। हालांकि इसे बंद करने के पीछे कोई विस्तृत कारण नहीं बताया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि संबंधित एजेंसियां इस सिस्टम की तकनीकी प्रक्रिया और संचालन की समीक्षा कर सकती हैं। समीक्षा के बाद इसे और बेहतर तरीके से दोबारा शुरू किया जा सकता है।

तूफान और खराब मौसम में भेजे गए थे अलर्ट

हाल के दिनों में उत्तर भारत के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश, तूफान और ओलावृष्टि जैसी परिस्थितियों के दौरान इसी सिस्टम के जरिए लोगों तक चेतावनी संदेश भेजे गए थे। इसका उद्देश्य था कि खतरे की जानकारी समय रहते लोगों तक पहुंचे और वे जरूरी सावधानी बरत सकें।

सामान्य SMS से कितना अलग है यह सिस्टम?

सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम आम SMS सेवा से काफी अलग और ज्यादा एडवांस माना जाता है। सामान्य SMS भेजने के लिए मोबाइल नेटवर्क पर ज्यादा निर्भरता होती है और नेटवर्क व्यस्त होने पर संदेश देर से पहुंच सकता है। लेकिन सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक किसी खास क्षेत्र में मौजूद लाखों मोबाइल फोन तक एक साथ रियल टाइम अलर्ट पहुंचा सकती है।

बिना इंटरनेट भी मिल सकता था अलर्ट

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके लिए इंटरनेट कनेक्शन की जरूरत नहीं होती। आपदा के समय जब नेटवर्क पर दबाव बढ़ जाता है, तब भी यह तकनीक प्रभावित क्षेत्र के लोगों को जरूरी सूचना पहुंचाने में मदद करती है।

लोकेशन के हिसाब से भेजी जाती थी चेतावनी

सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम पूरे देश में एक साथ मैसेज भेजने के बजाय जरूरत के हिसाब से किसी खास भौगोलिक इलाके के मोबाइल यूजर्स को अलर्ट भेज सकता है। यानी जिस क्षेत्र में खतरा हो, वहीं के लोगों को चेतावनी मिलती है।

भारत में किसने तैयार किया यह सिस्टम?

इस तकनीक को भारत में सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने दूरसंचार विभाग (DoT), राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया है। इसका उद्देश्य देश में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और तेज और आधुनिक बनाना है।

फिलहाल बंद, लेकिन भविष्य में फिर वापसी संभव

सरकार का यह कदम सिस्टम को खत्म करने के लिए नहीं बल्कि उसकी समीक्षा और सुधार से जुड़ा माना जा रहा है। आने वाले समय में तकनीकी सुधारों के बाद यह इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम फिर से लोगों की सुरक्षा के लिए शुरू किया जा सकता है।

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