नई दिल्ली : देश के करोड़ों रेल यात्रियों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग का अनुभव जल्द पूरी तरह बदलने वाला है। भारतीय रेलवे की डिजिटल टिकट सेवा IRCTC अपनी नई वेबसाइट और अपडेटेड मोबाइल ऐप लॉन्च करने की तैयारी में है। दावा है कि नए प्लेटफॉर्म के आने के बाद टिकट बुकिंग पहले से ज्यादा तेज, आसान और सुविधाजनक हो जाएगी। IRCTC का नया डिजिटल प्लेटफॉर्म 15 जुलाई 2026 से शुरू करने की तैयारी है। इसका सबसे बड़ा फायदा उन यात्रियों को मिल सकता है, जिन्हें अभी तत्काल टिकट बुकिंग, वेबसाइट स्लो होने, कैप्चा और पेमेंट जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
15 जुलाई से बदलेगा IRCTC का डिजिटल सिस्टम
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि IRCTC की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप को आधुनिक जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जा रहा है। इसमें यात्रियों के लिए बेहतर डिजाइन, आसान नेविगेशन और तेज सर्विस पर फोकस किया गया है। अब ट्रेन खोजने, सीट उपलब्धता देखने, टिकट बुक करने और अकाउंट मैनेज करने जैसे काम पहले की तुलना में कम समय में किए जा सकेंगे।
तत्काल टिकट बुकिंग में मिलेगी बड़ी राहत
गौरतलब है कि IRCTC पर सबसे ज्यादा दबाव तत्काल टिकट बुकिंग के समय आता है। लाखों यूजर एक साथ लॉगिन करते हैं, जिससे कई बार वेबसाइट धीमी पड़ जाती है या सर्वर की समस्या आती है। नई वेबसाइट में बैकएंड सिस्टम को मजबूत किया जा रहा है, ताकि ज्यादा ट्रैफिक आने पर भी प्लेटफॉर्म बेहतर तरीके से काम कर सके। इससे तत्काल टिकट बुक करने वालों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
बार-बार कैप्चा भरने की परेशानी होगी कम
विदित है कि यात्रियों की बड़ी शिकायतों में से एक जटिल कैप्चा सिस्टम भी रहा है। नए प्लेटफॉर्म में कैप्चा प्रक्रिया को आसान बनाने या कई जगहों पर कम करने की तैयारी है, जिससे टिकट बुकिंग में लगने वाला समय घट सकता है।
PNR, रिफंड और दूसरी सेवाएं भी होंगी आसान
आपको बता दें कि नई वेबसाइट सिर्फ टिकट बुकिंग तक सीमित नहीं रहेगी। इसमें यात्रियों को PNR स्टेटस देखने, टिकट कैंसिल करने, रिफंड की जानकारी लेने और अन्य रेलवे सेवाओं तक पहुंचने में भी आसानी होगी। पूरे सिस्टम को ज्यादा यूजर फ्रेंडली बनाया जा रहा है।
मोबाइल ऐप भी नए अंदाज में आएगा
आज बड़ी संख्या में यात्री मोबाइल से टिकट बुक करते हैं। इसी को देखते हुए IRCTC ऐप को भी नए रूप में पेश किया जाएगा। नए ऐप में तेज परफॉर्मेंस, बेहतर डिजाइन और आसान बुकिंग सिस्टम मिलने की उम्मीद है।
एक छात्रा की शिकायत के बाद तेज हुआ बदलाव
इस बड़े बदलाव के पीछे यात्रियों की लगातार आ रही शिकायतें भी वजह बनीं। जयपुर स्थित MNIT में एक संवाद कार्यक्रम के दौरान इंजीनियरिंग छात्रा लाभिषा मीणा ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के सामने IRCTC वेबसाइट की धीमी स्पीड, कैप्चा और तत्काल टिकट की परेशानी का मुद्दा उठाया था। इसके बाद रेल मंत्री ने अधिकारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म में सुधार के निर्देश दिए। रेलवे अधिकारियों ने छात्रा से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए सुझाव और फीडबैक भी लिया।
40 साल पुराने रिजर्वेशन सिस्टम में भी बड़ा बदलाव
आपको बता दें कि रेलवे अपने पुराने पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) को भी आधुनिक बनाने की दिशा में काम कर रहा है। नए PRS सिस्टम से टिकट बुकिंग क्षमता में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है। अभी सिस्टम करीब 32 हजार टिकट प्रति मिनट संभाल सकता है, जबकि नए सिस्टम में यह क्षमता बढ़कर करीब 1.5 लाख टिकट प्रति मिनट तक पहुंच सकती है।
इंक्वायरी क्षमता भी 10 गुना बढ़ेगी
रेलवे के अनुसार नए सिस्टम में टिकट और ट्रेन से जुड़ी पूछताछ की क्षमता भी काफी बढ़ाई जाएगी। मौजूदा करीब 4 लाख इंक्वायरी प्रति मिनट की क्षमता भविष्य में बढ़कर 40 लाख से ज्यादा तक पहुंच सकती है।
सीट चुनने और फेयर कैलेंडर जैसी सुविधाएं
नए सिस्टम में यात्रियों को अपनी पसंद की सीट चुनने और किराये से जुड़ी जानकारी बेहतर तरीके से देखने जैसी सुविधाएं भी मिल सकती हैं। दिव्यांग यात्रियों, छात्रों और मरीजों के लिए भी खास सुविधाओं को शामिल करने की योजना है।
RailOne ऐप से AI की मदद
गौरतलब है कि भारतीय रेलवे RailOne जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भी यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की कोशिश कर रहा है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से वेटिंग टिकट के कन्फर्म होने की संभावना जैसी जानकारी उपलब्ध कराई जाती है।
करोड़ों यात्रियों को मिलेगा फायदा
भारत में ट्रेन टिकट की बड़ी संख्या अब ऑनलाइन बुक होती है। ऐसे में IRCTC का नया प्लेटफॉर्म करोड़ों यात्रियों के लिए बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
रेलवे का लक्ष्य है कि टिकट बुकिंग तेज हो, तकनीकी दिक्कतें कम हों और यात्रियों को डिजिटल सेवाओं का बेहतर अनुभव मिले।