लखनऊ : उत्तर प्रदेश में वर्षों से फंसे मकान-दुकान के आवंटन, बकाया रकम और कानूनी उलझनों से परेशान लोगों के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को नई “एकमुश्त समाधान योजना (OTS-2026)” शुरू करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का साफ संदेश है कि पुराने विवाद खत्म करो, भुगतान आसान बनाओ और लोगों को राहत दो।
जानें क्यों लानी पड़ी नई योजना?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि प्रदेश की कई आवासीय और व्यावसायिक योजनाओं में हजारों मामले वर्षों से अटके पड़े हैं। कई लोगों ने प्लॉट, फ्लैट या दुकान तो ले ली लेकिन बकाया रकम बढ़ती गई, पेनल्टी जुड़ती गई साथ ही फाइलें विवाद में फंस गईं और लोग न रजिस्ट्री करा पाए, न कब्जा ले पाए। कोविड-19 के दौरान भी कई आवंटी अंतिम भुगतान नहीं कर सके थे। सरकार का मानना है कि इससे न सिर्फ नागरिक परेशान हैं बल्कि सरकारी राजस्व भी अटका हुआ है।
OTS-2026 में क्या मिलेगा?
गौरतलब है कि नई योजना को “राहत मॉडल” की तरह डिजाइन किया जा रहा है यानी सरकार भी पैसा पाए और जनता भी समस्या से बाहर निकले।
एकमुश्त भुगतान पर छूट
जो लोग पूरा बकाया एक साथ भरेंगे उन्हें पेनल्टी और ब्याज में राहत मिलेगी।
किस्तों में भुगतान की सुविधा
जो एक बार में पैसा नहीं दे सकते। उनके लिए आसान किस्त विकल्प रहेगा।
पुराने विवाद खत्म :
विवादित आवंटन मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा।
तय समय में फैसला
हर आवेदन का निपटारा निर्धारित समय सीमा में करने के निर्देश दिए गए हैं।
पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन :
विदित है कि सरकार ने स्पष्ट कहा है कि योजना पूरी तरह डिजिटल होगी, पारदर्शी होगी और आम लोगों के लिए आसान होगी। यानी दलालों और चक्कर काटने की जरूरत कम होगी।
सरकार को भी मिलेगा फायदा :
गौरतलब है कि यह सिर्फ राहत योजना नहीं, वित्तीय सुधार भी है। विभाग को रुका हुआ राजस्व मिलेगा। परियोजनाएं आगे बढ़ेंगी और खाली पड़े प्लॉट और दुकानें सक्रिय होंगी। सरकार मानती है कि लंबित भुगतान विकास की गति रोकते हैं इसलिए समाधान जरूरी है।
पहले भी आई थी योजना, अब बड़ा संस्करण :
आपको बता दें कि 2020 में भी ऐसी योजना लाई गई थी और बड़ी संख्या में मामलों का समाधान हुआ था। लेकिन महामारी के कारण कई लोग प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए अब उसी का बड़ा और अधिक व्यावहारिक संस्करण लाया जा रहा है।
क्या असर पड़ेगा?
गौरतलब है कि यह योजना लागू होने पर हजारों परिवारों को मकान का रास्ता साफ हो जाएगा। दुकानदारों को कानूनी राहत मिलेगी। और फंसी हुई संपत्तियां चालू होगी और रियल एस्टेट गतिविधियां तेज होगी।
सरकार का उद्देश्य साफ है कि झगड़ा खत्म हो और भुगतान आसान हो और कब्जा पक्का हो। अगर सब तय योजना के मुताबिक लागू हुआ तो यूपी में वर्षों से फंसे घर-दुकान के सपनों को सच होने का मौका मिल सकता है।