हरियाणा; बिजली व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी!: पुराने मीटरों को हटाकर लगाएंगे स्मार्ट मीटर, वही प्रीपेड-पोस्टपेड व्यवस्था...आम उपभोक्ताओं को मिलने वाले फायदे_एक नज़र
हरियाणा; बिजली व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी!

हरियाणा : प्रदेश में बिजली व्यवस्था अब पूरी तरह हाईटेक होने जा रही है। प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सभी पुराने बिजली मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने की तैयारी शुरू कर दी है। खास बात यह है कि अब उपभोक्ताओं को प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों विकल्प मिलेंगे यानी जैसे मोबाइल रिचार्ज करते हैं, वैसे ही बिजली का भी इस्तेमाल तय कर सकेंगे। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने साफ किया है कि यह बदलाव चरणबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में लागू होगा और इसका मकसद बिजली व्यवस्था को पारदर्शी, सुरक्षित और उपभोक्ता-हितैषी बनाना है।

प्रीपेड या पोस्टपेड; अब उपभोक्ता करेगा फैसला :

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मंत्री अनिल विज ने बताया कि स्मार्ट मीटर सिस्टम में उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड मॉडल चुन सकेंगे। प्रीपेड मीटर में जितना रिचार्ज होगा, उतनी बिजली मिलेगी। पोस्टपेड मीटर में हर महीने बिल की सुविधा मिलेगी। इससे न सिर्फ गलत बिलिंग की शिकायतें खत्म होंगी, बल्कि उपभोक्ता खुद अपने खर्च पर नियंत्रण रख पाएंगे।

गुरुग्राम-फरीदाबाद में जमीन के नीचे जाएंगी बिजली की तारें :

गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने बिजली आपूर्ति को सुरक्षित बनाने के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग पर भी काम शुरू कर दिया है। सबसे पहले यह काम गुरुग्राम और फरीदाबाद में शुरू हुआ है। इसका फायदा यह होगा कि खंभे गिरने और तार टूटने की समस्या खत्म होगी और बारिश और आंधी में बिजली कटौती कम होगी साथ ही शहरी इलाकों में बिजली सप्लाई ज्यादा भरोसेमंद बनेगी। सरकार ने संकेत दिए हैं कि जरूरत के हिसाब से अन्य जिलों में भी यह मॉडल लागू किया जाएगा।

बिजली कट पर अब अफसरों की जवाबदेही तय :

विदित है कि बिजली कटौती को लेकर सरकार ने सख्त सिस्टम लागू कर दिया है। अब हर जिले के अधीक्षण अभियंता (SE) को रोज सुबह 11 बजे तक रिपोर्ट देनी होगी कि कहां बिजली कटी, कितनी देर कटी और कारण क्या रहा। मंत्री विज ने बताया कि प्रदेश में बिजली आपूर्ति सामान्य रही है और केवल 6 अधिकारियों से ही स्पष्टीकरण मांगा गया है। इससे साफ है कि जवाबदेही तय की जा रही है।

ट्रांसफार्मर होंगे अपग्रेड, सब-स्टेशन होंगे ऊंचे :

आपको बता दें कि बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए सरकार ने ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने और जलभराव से बचाने के लिए निचले सब-स्टेशनों को ऊंचा करने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं। इससे मानसून के दौरान होने वाली फालतू कटौती पर रोक लगेगी।

रोडवेज भी होगा स्मार्ट, बसों की लाइव ट्रैकिंग :

सिर्फ बिजली ही नहीं, हरियाणा रोडवेज में भी बड़ा बदलाव आने वाला है। अब यात्रियों को बसों की लाइव लोकेशन, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और मोबाइल ऐप से रूट और टाइमिंग की जानकारी एक साथ मिलेगी। सरकार इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने पर भी गंभीरता से विचार कर रही है, ताकि प्रदूषण कम हो और एनसीआर में डीजल बसों पर लगने वाली पाबंदियों से राहत मिले।

क्या होगा फायदा?

सरकार के इस कदम से स्मार्ट मीटर से पारदर्शिता आएगी प्रीपेड-पोस्टपेड से खर्च पर कंट्रोल होगा। अंडरग्राउंड केबल से सुरक्षित सप्लाई होगी। अफसरों की जवाबदेही तय होगी। और रोडवेज और ट्रांसपोर्ट सिस्टम हाईटेक होगा।

हरियाणा सरकार का यह कदम साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में प्रदेश की बिजली और परिवहन व्यवस्था तकनीक-आधारित, जवाबदेह और उपभोक्ता-केंद्रित होने जा रही है।

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