अनचाही कॉमर्शियल स्पैम कॉल्स पर TRAI का बड़ा प्रहार!: अब स्कैम कॉल करने वाले होंगे 1 साल तक ब्लैकलिस्ट, यूजर्स कर सकेंगे TRAI DND ऐप पर शिकायत, TRAI ने लागू किए ये 5 नये नियम?
अनचाही कॉमर्शियल स्पैम कॉल्स पर TRAI का बड़ा प्रहार!

नई दिल्ली/टेलीकॉम : मोबाइल पर लगातार आने वाली अनचाही कॉल और मैसेज से परेशान लोगों के लिए टेलीकॉम सेक्टर से बड़ी खबर है। फर्जी और अनचाही कमर्शियल कॉल पर लगाम लगाने के लिए भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने नए नियम लागू किए हैं। इन नियमों के तहत स्पैम कॉल करने वाले नंबरों की पहचान कर उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रोबोकॉल, रिकॉर्डेड वॉइस और ऑटोमेटेड कॉल को भी अब निगरानी के दायरे में लाया गया है। नई व्यवस्था में यदि किसी व्यक्ति या संस्था से जुड़े 5 या उससे अधिक नंबर 10 दिनों के भीतर संदिग्ध गतिविधियों में पाए जाते हैं, तो टेलीकॉम कंपनी जांच शुरू कर सकती है। जांच के दौरान आउटगोइंग सेवा बंद करने, दोबारा KYC कराने और नियमों के उल्लंघन की स्थिति में कनेक्शन काटने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर या बार-बार उल्लंघन करने वालों पर एक साल तक ब्लैकलिस्टिंग की कार्रवाई भी हो सकती है।

रोबोकॉल के लिए पहले देनी होगी जानकारी

आपको बता दें कि नए नियमों में कंप्यूटर या सिस्टम के जरिए बड़े पैमाने पर की जाने वाली ऑटोमेटेड कॉल को लेकर भी सख्ती की गई है। कंपनियों को ऐसी कॉल के लिए इस्तेमाल होने वाले नंबरों की जानकारी पहले टेलीकॉम ऑपरेटर को देनी होगी। बिना निर्धारित प्रक्रिया के की गई ऑटोमेटेड या रोबोकॉल को स्पैम माना जा सकता है। ऐसी कॉल पर 5 पैसे प्रति मिनट का शुल्क लगाए जाने का प्रावधान किया गया है। हालांकि निर्धारित आधिकारिक कमर्शियल नंबरों और कुछ अधिकृत सरकारी कॉल्स को इससे छूट दी गई है।

सिर्फ 3 शिकायतों के बाद भी शुरू हो सकती है जांच

गौरतलब है कि स्पैम कॉल की पहचान में AI और यूजर शिकायतों का इस्तेमाल भी बढ़ाया गया है। किसी नंबर के खिलाफ लगातार शिकायतें आने पर सिस्टम उसे संदिग्ध मानकर जांच के लिए भेज सकता है। नए सिस्टम में AI से संदिग्ध गतिविधि की पहचान होने पर तीन शिकायतों के बाद भी कार्रवाई शुरू की जा सकती है। गलत मैसेज हेडर या टेम्पलेट का इस्तेमाल करने वालों पर भी तेजी से कार्रवाई होगी। ऐसी गड़बड़ी मिलने पर संबंधित मैसेजिंग व्यवस्था को निर्धारित समय के भीतर ब्लॉक किया जा सकता है।

ऑनलाइन पूछताछ के बाद 7 दिन की सीमा

विदित है कि अगर किसी ग्राहक ने किसी सामान या सेवा के लिए ऑनलाइन पूछताछ की है, तो संबंधित कंपनी को उसी आधार पर सीमित अवधि तक संपर्क करने की अनुमति होगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार यह अवधि 7 दिन रखी गई है। कंपनियों को ग्राहक की पूछताछ का रिकॉर्ड भी रखना होगा।

शिकायत कैसे करें?

अगर आपके मोबाइल पर लगातार स्पैम कॉल या मैसेज आ रहे हैं तो आप TRAI DND ऐप, संबंधित टेलीकॉम कंपनी के पोर्टल या 1909 के माध्यम से शिकायत कर सकते हैं। शिकायत के निपटारे से संतुष्ट नहीं होने पर निर्धारित अवधि के भीतर अपील की सुविधा भी उपलब्ध है।

आम मोबाइल यूजर पर क्या असर पड़ेगा?

नई व्यवस्था का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो बड़े पैमाने पर अवांछित कॉल करते हैं। वहीं आम उपभोक्ताओं के लिए स्पैम कॉल की शिकायत और पहचान की प्रक्रिया को तकनीक आधारित बनाने की कोशिश की गई है।

हालांकि, किसी भी अनजान कॉल पर निजी जानकारी, OTP, बैंक डिटेल या अन्य संवेदनशील जानकारी साझा करने से बचना जरूरी है। मोबाइल में उपलब्ध कॉलर ID और स्पैम प्रोटेक्शन फीचर चालू रखने से भी संदिग्ध कॉल पहचानने में मदद मिल सकती है।

अन्य खबरे