देहरादून : देहरादून से लेकर पहाड़ के दूरदराज गांवों तक अब हर वोटर के दरवाजे पर चुनाव आयोग की दस्तक सुनाई देगी। Election Commission of India ने उत्तराखंड में वोटर लिस्ट को पूरी तरह अपडेट करने के लिए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR अभियान शुरू करने का फैसला किया है। इस बड़े अभियान के तहत बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि अब वोटर लिस्ट में फर्जी, डुप्लीकेट और गलत नामों पर सख्ती होगी, जबकि नए योग्य मतदाताओं को जोड़ने पर खास फोकस रहेगा। यही वजह है कि इस बार का अभियान बेहद अहम माना जा रहा है।
8 जून से शुरू होगा डोर-टू-डोर सर्वे
आपकी जानकारी के लिये बता दें कि उत्तराखंड में यह विशेष अभियान 8 जून 2026 से शुरू होगा और 7 जुलाई तक चलेगा। इस दौरान BLO हर घर तक पहुंचकर वोटरों की जानकारी सत्यापित करेंगे। अगर किसी घर में वोटर नहीं मिलता है, तो BLO एक बार नहीं बल्कि तीन बार वहां जाएंगे। इसके बाद भी संपर्क नहीं होने पर संबंधित व्यक्ति को ऑनलाइन फॉर्म भरने का मौका मिलेगा। चुनाव आयोग का कहना है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से बाहर न रहे और कोई अयोग्य नाम सूची में शामिल न हो, यही इस अभियान का सबसे बड़ा उद्देश्य है।
14 जुलाई को आएगी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट
गौरतलब है कि चुनाव आयोग के शेड्यूल के मुताबिक 29 मई से 7 जून तक फॉर्म प्रिंटिंग और कर्मचारियों की ट्रेनिंग होगी। इसके बाद 14 जुलाई 2026 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। अगर किसी को अपना नाम जुड़वाना, हटवाना या सुधार करवाना है तो वह 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावा और आपत्ति दर्ज करा सकेगा। सभी शिकायतों और सुधार प्रक्रिया के बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम वोटर लिस्ट जारी की जाएगी।
अब मोबाइल ऐप से BLO को कर सकेंगे कॉल
आपको बता दें कि इस बार चुनाव आयोग ने तकनीक का भी सहारा लिया है। “Book a Call with BLO” फीचर शुरू किया गया है, जिसके जरिए मतदाता अपने BLO से सीधे संपर्क कर सकेंगे। मतदाता Voter Service Portal या ECI-NET App के जरिए कॉल बुक कर पाएंगे। कॉल बुक होने के दो दिन के भीतर BLO खुद संपर्क करेंगे। इस सुविधा को खासतौर पर बुजुर्गों, नौकरीपेशा लोगों और दूरदराज इलाकों में रहने वालों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
नए वोटरों को देने होंगे दस्तावेज
जो लोग पहली बार वोटर बनने जा रहे हैं, उन्हें पहचान से जुड़े जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे। आधार कार्ड समेत 11 प्रकार के दस्तावेज मान्य किए गए हैं। इनमें 10वीं की मार्कशीट जैसे दस्तावेज भी शामिल हैं। अगर किसी दस्तावेज में कमी पाई जाती है या जानकारी गलत होती है, तो सीधे नाम नहीं काटा जाएगा। पहले नोटिस दिया जाएगा और संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का मौका मिलेगा।
एक बूथ पर 1200 से ज्यादा वोटर नहीं
उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों में फिलहाल 11,733 पोलिंग स्टेशन चिन्हित किए गए हैं। चुनाव आयोग के नियम के अनुसार एक बूथ पर 1200 से ज्यादा वोटर नहीं होने चाहिए। इसी वजह से कई इलाकों में बूथों के पुनर्गठन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। पूरे अभियान के लिए 11,733 BLO तैनात रहेंगे।
79 लाख वोटरों पर आयोग की नजर
आपको बता दें कि चुनाव आयोग के मुताबिक इस समय उत्तराखंड में लगभग 79 लाख 76 हजार मतदाता हैं। अधिकारियों का कहना है कि वोटर संख्या में कमी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है, क्योंकि मृतक और दूसरे स्थानों पर शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम हटाए जाते हैं। हालांकि नए वोटर जुड़ने के बाद यह संख्या फिर बढ़ सकती है।
क्या है SIR अभियान?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR चुनाव आयोग की वह प्रक्रिया है, जिसके जरिए वोटर लिस्ट को पूरी तरह अपडेट किया जाता है। इसमें नए 18+ वोटरों को जोड़ा जाता है, मृत या शिफ्ट हो चुके लोगों के नाम हटाए जाते हैं और नाम-पते की गलतियां सुधारी जाती हैं। इस पूरी प्रक्रिया में BLO घर-घर जाकर फॉर्म भरवाते हैं, ताकि चुनाव के समय मतदाता सूची अधिक पारदर्शी और सटीक हो सके।
राजनीतिक जानकार इस अभियान को आने वाले चुनावों से पहले बेहद अहम मान रहे हैं। क्योंकि वोटर लिस्ट में छोटी सी गड़बड़ी भी चुनावी समीकरण बदल सकती है। यही वजह है कि Election Commission of India इस बार तकनीक, फील्ड सर्वे और सख्त सत्यापन के जरिए पूरी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाने में जुटा है।