UP में शुरू हुई पहली डिजिटल जातीय जनगणना!: घर बैठे करिए स्व-गणना, गलती हुई तो 5 बार मिलेगा सुधार का मौका, इन 34 सवालों के देने होंगे जवाब, स्टेप-बाय-स्टेप जानें कैसे भरें पूरा फॉर्म?
UP में शुरू हुई पहली डिजिटल जातीय जनगणना!

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना की शुरुआत हो चुकी है और इस बार सरकार ने लोगों को बड़ा अधिकार दिया है कि अब नागरिक खुद अपने घर बैठकर ऑनलाइन स्वगणना कर सकते हैं। 7 मई से शुरू हुई यह प्रक्रिया 21 मई तक चलेगी। खास बात यह है कि अगर फॉर्म भरते समय कोई गलती हो जाए, तो उसे सुधारने के लिए पांच बार मौका मिलेगा। सरकार का दावा है कि यह देश की सबसे आधुनिक और पारदर्शी जनगणना होगी, जिसमें पहली बार डिजिटल तकनीक के साथ जातीय गणना भी शामिल की गई है।

कैसे भरना होगा ऑनलाइन जनगणना फॉर्म?

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि मुख्य जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा के अनुसार, परिवार का मुखिया घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भर सकता है। इसके लिए:

  1. se.census.gov.in पोर्टल पर जाना होगा
  2. मोबाइल नंबर से लॉगिन करना होगा
  3. OTP वेरिफिकेशन के बाद फॉर्म खुलेगा
  4. इसके बाद मकान और परिवार से जुड़े 34 सवालों के जवाब देने होंगे।

फॉर्म में क्या-क्या पूछा जाएगा?

गौरतलब है कि इस डिजिटल जनगणना में मकान की स्थिति, कमरों की संख्या, बिजली-पानी, शौचालय, इंटरनेट, मोबाइल, वाहन, परिवार के सदस्य, मुख्य भोजन, सामाजिक जानकारी और जातीय विवरण जैसी कई जानकारियां मांगी जाएंगी। सरकार ने साफ किया है कि कोई दस्तावेज अपलोड नहीं करना होगा, सिर्फ सही जानकारी भरनी होगी। परिवार के हर सदस्य को अलग फॉर्म नहीं भरना है।

गलती हुई तो घबराइए मत!

अगर फॉर्म भरते समय कोई गलती हो जाए तो पांच बार सुधार का मौका मिलेगा। फिर भी त्रुटि रह जाए तो जनगणना कर्मी घर आकर उसे सही कर सकेंगे। यानी गलत जानकारी की वजह से किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है।

फॉर्म भरने के बाद मिलेगा 11 अंकों का नंबर

आपको बता दें कि ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी होने के बाद एक 11 अंकों की यूनिक आईडी मिलेगी। 22 मई के बाद जब जनगणना कर्मी घर आएंगे, तब यह आईडी दिखानी होगी। इसके बाद अधिकारी जानकारी का सत्यापन करेंगे और डेटा फाइनल करेंगे।

22 मई से घर-घर पहुंचेगी जनगणना टीम

सरकार के मुताबिक 22 मई से 20 जून तक जनगणना कर्मी घर-घर जाकर सत्यापन करेंगे। इसके लिए पूरे प्रदेश में 5.25 लाख कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इनमें 4.5 लाख प्रगणक, 85 हजार सुपरवाइजर और 12 हजार अधिकारी शामिल हैं।

कोई परेशानी हो तो यहां करें कॉल

अगर किसी को फॉर्म भरने में दिक्कत हो या तकनीकी समस्या आए और जानकारी समझ न आए तो सरकार ने टोल फ्री नंबर 1855 जारी किया है। यह सेवा सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक हर दिन उपलब्ध रहेगी।

सोसायटी में लगेंगे कैंप

आपको बता दें कि सरकार अब सोसायटी, कॉलोनी, गांव और बस्तियों में जागरूकता अभियान चलाएगी। कैंप लगाए जाएंगे और लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया समझाई जाएगी।

इस बार जनगणना में क्या है सबसे बड़ा बदलाव?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह पहली पूरी तरह डिजिटल जनगणना होगी। पहली बार जातीय गणना भी शामिल होगी और वन ग्रामों को भी इसमें जोड़ा गया है। सरकार का दावा है कि डेटा अधिक पारदर्शी होगा, गांव-वार निगरानी होगी और योजनाएं ज्यादा सटीक बन सकेंगी।

25 करोड़ आबादी वाले यूपी में सबसे बड़ा डेटा अभियान शुरू

प्रदेश में 18 मंडल, 75 जिले, 350 तहसील, 57,694 ग्राम पंचायत और 1 लाख से ज्यादा राजस्व गांव इस विशाल अभियान का हिस्सा होंगे। सरकार ने लोगों से अपील की है कि: “जनगणना को राष्ट्रीय जिम्मेदारी समझें और सही जानकारी दें।”

विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह जनगणना सिर्फ आबादी गिनने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों की सरकारी योजनाओं, बजट, आरक्षण, विकास और संसाधनों की दिशा तय करने वाला सबसे बड़ा डेटा अभियान साबित हो सकती है।

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