नई दिल्ली : शनिवार को देश के करोड़ों यात्रियों के लिए मुश्किल भरा दिन साबित हो सकता है। ओला-उबर-रैपिडो से जुड़े ड्राइवरों ने ‘ऑल इंडिया ब्रेकडाउन’ के नाम से देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। इसका सीधा असर रोज ऑफिस जाने वालों, छात्रों, एयरपोर्ट यात्रियों और आपात सफर करने वालों पर पड़ने वाला है। ड्राइवरों ने तय किया है कि वे कुछ घंटों तक अपने मोबाइल ऐप बंद रखेंगे। यानी न कैब मिलेगी, न बाइक टैक्सी और न ऑटो और अगर कहीं मिल भी गई तो किराया कई गुना तक बढ़ सकता है।
जानें क्यों भड़के ड्राइवर?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस हड़ताल की अगुवाई तेलंगाना गिग वर्कर्स यूनियन समेत कई संगठनों ने मिलकर की है। ड्राइवरों का आरोप है कि ऐप कंपनियां मनमाने तरीके से किराया तय करती हैं और कमाई लगातार घटती जा रही है। उनका कहना है कि कोई न्यूनतम किराया तय नहीं है। और कमाई का कोई भरोसा नहीं। कमीशन कटौती लगातार बढ़ रही है। व निजी गाड़ियों से गलत प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। नियम होने के बावजूद पालन नहीं हो रहा है। ड्राइवरों ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग भी की है।
ड्राइवरों की 3 बड़ी मांगें :
गौरतलब है कि ड्राइवरों की निम्नलिखित माँगे हैं।
सभी कैब-ऑटो-बाइक टैक्सी के लिए न्यूनतम बेस किराया तय हो
निजी नंबर प्लेट गाड़ियों के कमर्शियल इस्तेमाल पर रोक लगे
कंपनियों की मनमानी पर सरकार सख्त निगरानी करे
ड्राइवरों का दावा है कि जब तक नियम स्पष्ट नहीं होंगे, तब तक उनकी रोजी-रोटी असुरक्षित रहेगी।
यात्रियों पर क्या असर पड़ेगा?
आपको बता दें कि ऐप पर गाड़ियां मिलना बेहद मुश्किल है। सर्ज प्राइसिंग कई गुना बढ़ सकती है। ऑफिस टाइम में सबसे ज्यादा परेशानी बढ़ी है। एयरपोर्ट-रेलवे यात्रियों को झटका लग सकता है। लोगों को बस, मेट्रो या निजी वाहन का सहारा लेना पड़ सकता है।
कितनी देर चलेगी हड़ताल?
विदित है कि ड्राइवरों ने कुछ घंटों के लिए ऐप ऑफलाइन रखने का फैसला किया है, लेकिन कई शहरों में इसका असर पूरे दिन भी रह सकता है क्योंकि मांग अचानक बढ़ जाएगी।
क्या है असली डर?
आपको बता दें कि यह सिर्फ एक दिन की हड़ताल नहीं बल्कि ऐप-आधारित ट्रांसपोर्ट सेक्टर में बढ़ते असंतोष का संकेत है। अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आगे और बड़े आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है।
सब मिलकर आज सड़क पर गाड़ियां कम और परेशानियां ज्यादा दिख सकती हैं इसलिए घर से निकलने से पहले प्लान बदलना ही समझदारी होगी।