नोएडा : नोएडा और न्यू नोएडा के किसानों के लिए लंबे समय से चल रही मुआवजे की मांग पर बड़ा फैसला हुआ है। नोएडा प्राधिकरण की 223वीं बोर्ड बैठक में जमीन खरीद की नई दर को मंजूरी दे दी गई है। अब किसानों को जमीन के बदले पहले की तुलना में काफी ज्यादा मुआवजा मिलेगा। इस फैसले का असर नोएडा के साथ-साथ न्यू नोएडा के विकास के लिए जमीन देने वाले किसानों पर भी पड़ने वाला है।
5,324 से बढ़कर ₹6,459 हुई दर
आपको बता दें कि अब तक किसानों को जमीन देने पर मुआवजे की अलग-अलग दर लागू थी। 5 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड के बिना किसानों को करीब ₹5,324 प्रति वर्गमीटर की दर मिलती थी, जबकि आबादी भूखंड के साथ यह दर करीब ₹4,224 प्रति वर्गमीटर थी। अब प्राधिकरण ने प्रचलित दर में करीब 53 प्रतिशत की एकमुश्त बढ़ोतरी करते हुए नई दर ₹6,459 प्रति वर्गमीटर तय करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यानी जमीन देने वाले किसानों के लिए यह फैसला सीधे तौर पर आर्थिक राहत लेकर आया है।
किसानों को 5% विकसित आबादी भूखंड भी
गौरतलब है कि सिर्फ जमीन की कीमत बढ़ाने तक ही फैसला सीमित नहीं है। किसानों को 5 प्रतिशत विकसित आबादी भूखंड का लाभ भी दिया जाएगा। इसका मतलब है कि जमीन देने वाले पात्र किसानों को भविष्य में विकसित क्षेत्र में जमीन का लाभ भी मिल सकता है। प्राधिकरण का उद्देश्य जमीन अधिग्रहण या खरीद की प्रक्रिया को किसानों के लिए ज्यादा आकर्षक बनाना है, ताकि विकास परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने में सहमति बन सके।
विधायक पंकज सिंह ने भी उठाया था मुद्दा
विदित है कि किसानों के बेहतर मुआवजे का मुद्दा लगातार उठाया जा रहा था। नोएडा विधायक पंकज सिंह ने भी इस मामले को लेकर प्राधिकरण और मुख्यमंत्री से बातचीत की थी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स के जरिए भी किसानों के मुआवजे को लेकर जानकारी साझा की थी। अब बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद किसानों को इसका सीधा फायदा मिलने का रास्ता साफ हुआ है।
न्यू नोएडा के किसानों को भी फायदा
इस फैसले का दायरा केवल मौजूदा नोएडा तक सीमित नहीं रहेगा। डीएनजीआईआर यानी न्यू नोएडा के विकास के लिए जमीन देने वाले किसानों को भी मुआवजे और आबादी भूखंड का लाभ मिलेगा। फेस-1 और फेस-2 में जमीन खरीद के लिए मुआवजा दर और 6 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अनुरूप दिया जाएगा। वहीं फेस-3 और फेस-4 में मुआवजा दर के साथ 7 प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ यमुना प्राधिकरण के अनुरूप देने की व्यवस्था होगी।
विकास में भागीदार बनाने की कोशिश
प्राधिकरण का कहना है कि जमीन देने वाले किसानों को केवल जमीन की कीमत देने के बजाय उन्हें नोएडा और न्यू नोएडा के विकास से जोड़ना उद्देश्य है। बेहतर मुआवजा और विकसित आबादी भूखंड के जरिए किसानों को भविष्य की आर्थिक गतिविधियों में हिस्सेदार बनाने की कोशिश की जा रही है।
मुआवजे की इस नई दर को मंजूरी नोएडा के किसानों के लिए बड़ा आर्थिक बदलाव है। ₹6,459 प्रति वर्गमीटर की नई दर और आबादी भूखंड के लाभ से जमीन देने वाले किसानों को पहले की व्यवस्था की तुलना में अधिक फायदा मिलने की उम्मीद है।